पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
संदर्भ
- हाल ही में गूगल डीपमाइंड के जेमिनी रोबोटिक्स-ईआर 1.6 तथा बोस्टन डायनेमिक्स के स्पॉट रोबोट के एकीकरण ने एम्बॉडीड AI के उभरते स्वरूप को प्रदर्शित किया है।
एम्बॉडीड AI एवं इसका वैज्ञानिक आधार
- एम्बॉडीड AI कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एक ऐसा दृष्टिकोण है, जिसके अनुसार बुद्धिमत्ता उस भौतिक शरीर से पृथक नहीं होती, जो अपने परिवेश के साथ निरंतर अंतःक्रिया करता है।
- यह पारंपरिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों की भाँति केवल डिजिटल आँकड़ों से नहीं, बल्कि गति, अनुभूति, प्रतिपुष्टि तथा भौतिक अनुभव के माध्यम से सीखती है।
- इसका आशय केवल किसी रोबोट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समावेश करना नहीं है, बल्कि यह मानता है कि शरीर की संरचना, उसके संवेदक तथा बाह्य जगत के साथ उसकी अंतःक्रिया संज्ञानात्मक प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है।

मूलभूत सिद्धांत
- बुद्धिमत्ता केवल मस्तिष्क तक सीमित न होकर मस्तिष्क, शरीर तथा परिवेश के मध्य वितरित होती है।
- अधिगम वास्तविक परिस्थितियों के साथ निरंतर अंतःक्रिया के माध्यम से होता है।
- संगणन का एक भाग शरीर की भौतिक संरचना में ही निहित होता है, जिसे आकृतिगत संगणन कहा जाता है।
- व्यवहार मुख्यतः संवेदी-गतिशील प्रतिपुष्टि से उत्पन्न होता है, न कि केवल जटिल आंतरिक विश्व-प्रतिरूपों पर आधारित होता है।
- जैविक विकास की भाँति रोबोट के शरीर तथा तंत्रिका नियंत्रकों का सह-विकास होता है।

| एम्बॉडीड AI एवं तंत्रिका-अनुकरणात्मक कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अंतर | |
| एम्बॉडीड AI | तंत्रिका-अनुकरणात्मक कृत्रिम बुद्धिमत्ता |
| यह इस बात पर केंद्रित है कि बुद्धिमत्ता कहाँ विद्यमान होती है। | यह इस बात पर केंद्रित है कि संगणकीय हार्डवेयर किस प्रकार कार्य करता है। |
| इसमें बुद्धिमत्ता शरीर एवं परिवेश के मध्य वितरित मानी जाती है। | इसमें स्पाइकिंग तंत्रिका-जाल के माध्यम से जैविक तंत्रिका कोशिकाओं के कार्य का अनुकरण किया जाता है। |
| यह हार्डवेयर से स्वतंत्र दृष्टिकोण है। | यह हार्डवेयर-केंद्रित दृष्टिकोण है। |
| इसमें परिवेश के साथ अंतःक्रिया पर विशेष बल दिया जाता है। | इसमें मस्तिष्क-सदृश संगणन पर विशेष बल दिया जाता है। |
| इसका उपयोग मुख्यतः रोबोटिकी एवं स्वायत्त प्रणालियों में किया जाता है। | इसका उपयोग मुख्यतः ऊर्जा-कुशल कृत्रिम बुद्धिमत्ता चिपों के विकास में किया जाता है। |
भारतीय परिप्रेक्ष्य
- भारत उद्योग 4.0 की दिशा में अग्रसर है तथा एम्बॉडीड AI उत्पादकता में वृद्धि, परिशुद्ध कृषि, आपदा प्रबंधन तथा सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
- वर्तमान में रोबोटों का उपयोग विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, लॉजिस्टिक्स तथा स्मार्ट अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।
- इसके सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के लिए उच्च सुरक्षा मानकों, निजता संरक्षण तथा कार्यबल के पुनः कौशल विकास (री-स्किलिंग) की आवश्यकता है।
- इंडियाएआई मिशन , कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए राष्ट्रीय रणनीति तथा डिजिटल इंडिया जैसी पहलें भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारिस्थितिकी तंत्र को निरंतर सुदृढ़ कर रही हैं।
आगे की राह : एम्बॉडीड AI का सुरक्षित एवं उत्तरदायी विकास
- अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण: रोबोटिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पदार्थ विज्ञान तथा तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
- शिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा अनुसंधान संस्थानों के मध्य बहुविषयक साझेदारी को प्रोत्साहित किया जाए।
- भारतीय आँकड़ा-संग्रहों का विकास: कृषि, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, लॉजिस्टिक्स तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित बड़े भारतीय आँकड़ा-संग्रह विकसित किए जाएँ, जिससे स्थानीय परिस्थितियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडलों की विश्वसनीयता एवं प्रभावशीलता में वृद्धि हो।
- ‘सुरक्षा-आधारित अभिकल्पना’ को प्रोत्साहन: रोबोटों के हार्डवेयर एवं सॉफ़्टवेयर का अभिकल्पन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया जाए।
- इसमें मानवीय पर्यवेक्षण, आपातकालीन बंद (शटडाउन) व्यवस्था, सतत निगरानी तथा सुरक्षित संचार तंत्र को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए।
- अनुकूलनशील नियामकीय व्यवस्था का विकास: विश्वसनीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा उत्तरदायी नवाचार से संबंधित वैश्विक अनुभवों के आधार पर भारत को ऐसे मानक विकसित करने चाहिए, जिनके माध्यम से अधिगम-सक्षम रोबोटों का व्यापक उपयोग से पूर्व परीक्षण, प्रमाणीकरण एवं विनियमन सुनिश्चित किया जा सके।
- हार्डवेयर दक्षता में वृद्धि: अधिक समय तक संचालन सुनिश्चित करने हेतु उन्नत बैटरियों, कम-ऊर्जा खपत वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता चिपों, तंत्रिका-अनुकरणात्मक संसाधकों, हल्के पदार्थों तथा उच्च क्षमता वाले संवेदकों का विकास किया जाए।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहन: नवाचार, स्टार्टअप, अनुसंधान प्रयोगशालाओं, उद्योगों तथा सरकारी कार्यक्रमों के सहयोग से रणनीतिक क्षेत्रों में एम्बॉडीड AI के उपयोग एवं प्रसार में तीव्रता लाई जाए।
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संक्षिप्त समाचार 18-07-2026