भूमि-साझा सीमा वाले देशों (LBCs) से संबंधित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मानदंडों में परिवर्तन

पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था

समाचार में

  • भारत सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) ढाँचे में भूमि-साझा सीमा वाले देशों (LBCs) से आने वाले निवेशों से संबंधित परिवर्तन किए हैं, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं और व्यापार सुगमता व निवेश प्रवाह के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।

प्रमुख परिवर्तन

  • ‘लाभकारी स्वामी’ (Beneficial Owner – BO) का निर्धारण: संशोधन में लाभकारी स्वामित्व की परिभाषा और मानदंड दिए गए हैं, जो निवेश समुदाय द्वारा व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं, और धन शोधन निवारण नियम, 2005 के अंतर्गत मान्य हैं। यह परीक्षण निवेशक इकाई स्तर पर लागू होगा।
  • निवेश हेतु सरल मानदंड: भूमि-साझा सीमा वाले देशों (LBCs) से आने वाले गैर-नियंत्रक निवेशक, जिनकी किसी कंपनी में हिस्सेदारी 10% से कम है, अब स्वचालित मार्ग (Automatic Route) से निवेश कर सकते हैं।
    • पूर्व नियम के अनुसार LBCs से आने वाले किसी भी निवेश के लिए स्वामित्व प्रतिशत की परवाह किए बिना पूर्व सरकारी अनुमोदन आवश्यक था।
  • त्वरित 60-दिवसीय अनुमोदन समयसीमा: कुछ क्षेत्रों में निवेश प्रस्तावों को 60 दिनों के अंदर स्वीकृति दी जाएगी।
    • उदाहरण: पूंजीगत वस्तुओं का निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, तथा पॉलीसिलिकॉन और इन्गट-वेफ़र उत्पादन (जो सौर मूल्य श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण हैं)।

लाभ

  • नए दिशा-निर्देश भारत में व्यापार सुगमता और स्पष्टता को बढ़ावा देंगे।
  • उच्च FDI प्रवाह को प्रोत्साहित करेंगे तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, घरेलू मूल्य संवर्धन और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकरण को बढ़ावा देंगे।
  • ये भारत की स्थिति को एक आकर्षक निवेश और विनिर्माण गंतव्य के रूप में सुदृढ़ करेंगे, आत्मनिर्भर भारत का समर्थन करेंगे तथा समग्र आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देंगे।

2020 के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नियम

  • भारत सरकार ने COVID-19 महामारी के दौरान वित्तीय रूप से कमजोर भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण को रोकने हेतु प्रेस नोट 3 (2020) जारी किया।
  • प्रारंभ में यह केवल बांग्लादेश और पाकिस्तान पर लागू था, लेकिन 2020 में इसे सभी पड़ोसी भूमि-साझा सीमा वाले देशों, जिनमें चीन भी शामिल है, तक विस्तारित किया गया।

Source :TH

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था एवं शासन संदर्भ हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए ‘क्रीमी लेयर’ का निर्धारण केवल अभिभावकों की आय, विशेषकर वेतन आय, के आधार पर नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने कहा कि बच्चों के साथ भिन्न व्यवहार करना शत्रुतापूर्ण भेदभाव है, जो संविधान...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/ अर्थव्यवस्था संदर्भ कोयला मंत्रालय ने बताया है कि भारत के पास वर्तमान में लगभग 210 मिलियन टन (MT) का कुल कोयला भंडार है, जो लगभग 88 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त माना जाता है। परिचय भारत, जिसके पास विश्व का पाँचवाँ सबसे बड़ा कोयला भंडार है और जो दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/ ऊर्जा संदर्भ भारत क्लाइमेट फ़ोरम 2026 में ऊर्जा विशेषज्ञों ने एक गंभीर जोखिम पर प्रकाश डाला कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन तीव्र गति से बढ़ रहा है, लेकिन ग्रिड और संस्थागत बाधाएँ इसके कुशल उपयोग को रोक रही हैं। भारत का नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र नवंबर 2025 तक भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/कृषि संदर्भ संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला कृषक वर्ष (IYWF 2026) घोषित किया है। परिचय कार्यबल परिवर्तन: ग्रामीण पुरुष गैर-कृषि नौकरियों की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप महिलाएँ कृषि में उनका स्थान ले रही हैं। महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि: एक दशक में कृषि...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/ऊर्जा संदर्भ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता सहित भारत के कई शहरों में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडरों की आपूर्ति में व्यवधान की खबरें सामने आ रही हैं। एलपीजी के बारे में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) एक अत्यधिक ज्वलनशील, ऊर्जा-समृद्ध तथा स्वच्छ रूप से जलने वाला ईंधन है,...
Read More

सावित्रीबाई फुले पाठ्यक्रम: GS1 / समाचारों में व्यक्तित्व संदर्भ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सावित्रीबाई फुले (1831–1897) के बारे में जन्म: महाराष्ट्र के सतारा ज़िले के नायगाँव गाँव में। विवाह: 1840 में नौ वर्ष की आयु में उनका विवाह 13 वर्षीय ज्योतिराव फुले से हुआ।...
Read More
scroll to top