- हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 'क्रीमी लेयर' का निर्धारण केवल अभिभावकों की आय, विशेषकर वेतन आय, के आधार पर नहीं किया जा सकता।
- सिविल सेवा परीक्षा विवाद: यह मुद्दा उन विवादों से उत्पन्न हुआ जिनमें अभ्यर्थियों ने सिविल सेवा परीक्षा में OBC गैर-क्रीमी लेयर का दावा किया।
- कई अभ्यर्थियों ने तर्क दिया कि उन्हें गलत तरीके से क्रीमी लेयर में रखा गया क्योंकि उनके माता-पिता सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSUs), बैंकों और निजी क्षेत्र में कार्यरत थे।
- मद्रास उच्च न्यायालय, केरल उच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय सहित कई उच्च न्यायालयों ने इन दावों को स्वीकार किया तथा अभ्यर्थियों के पक्ष में निर्णय दिया। Read More
माता-पिता की आय को ही क्रीमी लेयर निर्धारित करने का एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता: सर्वोच्च न्यायालय
संदर्भ
मामले की पृष्ठभूमि