भारतीय प्रधानमंत्री की मलेशिया यात्रा

पाठ्यक्रम: GS2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध

संदर्भ

  • भारत और मलेशिया ने व्यापार एवं निवेश, रक्षा, ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण तथा सेमीकंडक्टर जैसे उच्च-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने का संकल्प लिया।

मुख्य परिणाम

  • दोनों पक्षों ने सहयोग बढ़ाने हेतु कुल 11 समझौतों और दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए।
  • ऑडियो-विज़ुअल सह-निर्माण समझौता सांस्कृतिक और मीडिया सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तथा आपदा प्रबंधन सहयोग पर समझौता ज्ञापन (MoU) आपात स्थितियों के लिए संयुक्त तैयारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से।
  • प्रौद्योगिकी और औद्योगिक क्षेत्र में, सरकारों ने सेमीकंडक्टर सहयोग पर एक्सचेंज ऑफ़ नोट्स का आदान-प्रदान किया, जिससे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में क्षमताओं और आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने की साझा रुचि पर बल दिया गया।
  • अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट्स एलायंस (IBCA) पर एक रूपरेखा समझौता भी अंतिम रूप दिया गया, जो जैव विविधता और सतत विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
  • सामाजिक कल्याण: भारत के कर्मचारी राज्य बीमा निगम और मलेशिया के सामाजिक सुरक्षा संगठन के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे मलेशिया में कार्यरत भारतीय नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को सुदृढ़ किया जा सके।
  • व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण तथा सुरक्षा सहयोग पर भी समझौते किए गए, जो दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदों के बीच व्यापक संस्थागत संबंधों का संकेत देते हैं।
  • दोनों पक्षों ने 10वें मलेशिया-भारत CEO फोरम की रिपोर्ट भी प्राप्त की, जिसमें व्यापार, निवेश और भविष्य के सहयोग पर निजी क्षेत्र के दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया।

भारत-मलेशिया संबंधों का अवलोकन 

  • राजनयिक संबंध: दोनों देशों ने 1957 में राजनयिक संबंध स्थापित किए, जिन्हें 2024 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी (CSP) तक उन्नत किया गया।
    • दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, आसियान (ASEAN) और गुटनिरपेक्ष आंदोलन जैसे विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के सदस्य हैं।
  • व्यापार और आर्थिक संबंध: मलेशिया भारत का 13वाँ सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि भारत वैश्विक स्तर पर मलेशिया के 10 सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है।
    • आसियान क्षेत्र में मलेशिया भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, वहीं दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में भारत मलेशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
    • दोनों देशों ने भारत-मलेशिया व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA) जैसे विभिन्न आर्थिक समझौतों में भाग लिया है।
    • दोनों देशों ने भारतीय रुपये में व्यापार निपटान करने पर सहमति व्यक्त की है, जिससे व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रयोजन स्पष्ट होता है।
  • रक्षा और सुरक्षा: रक्षा संबंध निरंतर विस्तारित हुए हैं, जिनमें 1993 में रक्षा सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर, नियमित रक्षा सहयोग बैठकें और संयुक्त सैन्य अभ्यास शामिल हैं।
  • रणनीतिक साझेदारी: उच्च-स्तरीय यात्राओं, संयुक्त आयोगों और संवादों के माध्यम से भारत एवं मलेशिया ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा है।
    • दोनों देशों ने रक्षा, आतंकवाद-निरोध, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की रुचि व्यक्त की है।
  • आसियान केंद्रीयता : मलेशिया भारत की एक्ट ईस्ट नीति के अनुरूप आसियान के साथ व्यापार विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • मलक्का जलडमरूमध्य और दक्षिण चीन सागर में समुद्री संपर्क को आगे बढ़ाने तथा आसियान के इंडो-पैसिफिक परिप्रेक्ष्य (AOIP) और इंडो-पैसिफिक पहल (IPOI) को समर्थन देने में भी मलेशिया अहम है।
  • पर्यटन और प्रवासी समुदाय: भारत मलेशिया में आने वाले पर्यटकों का पाँचवाँ सबसे बड़ा स्रोत देश है।
    • 2009 में रोजगार और श्रमिक कल्याण पर द्विपक्षीय समझौता तथा 2017 में संशोधित वायु सेवा समझौता ने पर्यटन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ावा दिया है।
    • मलेशिया में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय (2.9 मिलियन) है।
    • भारतीय मूल के व्यक्तियों की संख्या लगभग 2.75 मिलियन है, जो मलेशिया की जनसंख्या का लगभग 6.8% है।
  • सांस्कृतिक संबंध: मलेशिया की संस्कृति में भारतीय प्रभाव भाषा, धर्म (हिंदू धर्म एवं बौद्ध धर्म), वास्तुकला, भोजन और त्योहारों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

चुनौतियाँ 

  • व्यापार विवाद और असंतुलन: शुल्क, गैर-शुल्क बाधाएँ और व्यापार प्रतिबंधों से कभी-कभी आर्थिक संबंधों में तनाव उत्पन्न हुआ है।
  • भूराजनीतिक विचार: दोनों देशों की विदेश नीति प्राथमिकताएँ और अन्य देशों के साथ संलग्नता अलग-अलग हैं, जिससे रणनीतिक दृष्टिकोण में भिन्नता आती है।
  • इंडो-पैसिफिक एवं चीन कारक: चीन पर मलेशिया की आर्थिक निर्भरता भारत के साथ गहन रणनीतिक सामंजस्यशील को सीमित करती है।
  • ASEAN के भीतर विभिन्न दृष्टिकोण: दक्षिण चीन सागर मुद्दों पर ASEAN के अंदर भिन्न दृष्टिकोण भी संबंधों को प्रभावित करते हैं।
  • संपर्क बाधाएँ: भौगोलिक निकटता के बावजूद समुद्री और लॉजिस्टिक संपर्क का अपर्याप्त उपयोग।
  • रक्षा एवं रणनीतिक सीमाएँ: रक्षा सहयोग अपेक्षित स्तर से कम है, जो मुख्यतः प्रशिक्षण और अभ्यास तक सीमित है।
    • संयुक्त रक्षा उत्पादन या प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का अभाव।
  • प्रवासी समुदाय संबंधी मुद्दे: भारतीय मूल के समुदाय की कल्याण, रोजगार स्थितियों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित चिंताएँ।

निष्कर्ष 

  • भारत और मलेशिया ने 2022 में आधुनिक राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे किए।
  • भारत-मलेशिया संबंध रणनीतिक साझेदारी से उन्नत रणनीतिक साझेदारी और अब व्यापक साझेदारी तक विकसित हुए हैं। सांस्कृतिक कूटनीति, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादों में नए सहयोग के साथ, दोनों देशों के संबंध भविष्य में एवं अधिक सुदृढ़ होने की संभावना रखते हैं।

Source: TH

 

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