पाठ्यक्रम: GS2/ अंतर्राष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ओटावा में कनाडाई अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय वार्ता की, जिसका उद्देश्य सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करना, सूचना साझाकरण को सुव्यवस्थित करना और लगभग दो वर्षों की राजनयिक तनातनी के बाद संस्थागत संबंधों को पुनर्स्थापित करना था।
पृष्ठभूमि
- 2023 में कनाडा ने खालिस्तान उग्रवाद से जुड़े एक कनाडाई नागरिक की हत्या में भारतीय अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाया।
- भारत ने इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप राजनयिक निष्कासन, व्यापार वार्ताओं का निलंबन एवं द्विपक्षीय संबंधों में गिरावट आई।
- वर्तमान संवाद कार्यात्मक सहयोग को पुनर्स्थापित करने का एक संतुलित प्रयास है, विशेषकर सुरक्षा और कानून प्रवर्तन क्षेत्रों में।
संवाद के प्रमुख परिणाम
- राष्ट्रीय सुरक्षा पर कार्य योजना: दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन पर सहयोग को मार्गदर्शित करने हेतु एक संरचित कार्य योजना पर सहमति व्यक्त की।
- लायज़न अधिकारियों की नियुक्ति: भारत और कनाडा एक-दूसरे के देशों में सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन लायज़न अधिकारियों को नियुक्त करेंगे, जिससे द्विपक्षीय संचार सुव्यवस्थित हो तथा वास्तविक समय में सूचना साझाकरण संभव हो सके।
- प्रमुख क्षेत्र:
- अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, विशेषकर फेंटानिल प्रीकर्सर्स।
- अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क।
- उग्रवादी वित्तपोषण और दस्तावेज़ धोखाधड़ी।
- प्रमुख क्षेत्र:
- उग्रवाद और प्रवासी मुद्दों का समाधान: चर्चाओं में उग्रवादी धनसंग्रह, दबाव डालना और संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े प्रचार पर विचार किया गया।
- साइबर सुरक्षा सहयोग: दोनों पक्षों ने साइबर सुरक्षा नीति पर सहयोग को औपचारिक रूप देने पर सहमति व्यक्त की। साइबर खतरों पर सूचना साझाकरण के लिए संस्थागत तंत्र भी स्थापित किए जाएंगे।
भारत-कनाडा संबंधों का संक्षिप्त विवरण
- ऐतिहासिक संबंध: भारत और कनाडा ने 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित किए।
- साझा लोकतांत्रिक मूल्य एवं राष्ट्रमंडल सदस्यता ने संबंधों को आधार प्रदान किया।
- 1974 और 1998 में भारत के परमाणु परीक्षणों के बाद कनाडा की अप्रसार नीति के कारण संबंधों में तनाव रहा।
- आर्थिक सहयोग: 2024 (जनवरी–अगस्त) में वस्तुओं का कुल द्विपक्षीय व्यापार USD 8.55 बिलियन रहा (भारत का निर्यात: USD 5.22 बिलियन और आयात: USD 3.33 बिलियन)।
- व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) और विदेशी निवेश संवर्धन और संरक्षण समझौता (FIPA) पर वार्ताएँ जारी हैं।
- नागरिक परमाणु सहयोग:
- 2010 में परमाणु सहयोग समझौता (NCA) पर हस्ताक्षर हुए, जो 2013 से लागू है।
- एक संयुक्त समिति 2010 के समझौते के कार्यान्वयन की देखरेख करती है।
- अंतरिक्ष सहयोग: 1996 और 2003 में ISRO और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) के बीच MoUs पर हस्ताक्षर हुए।
- सहयोग में उपग्रह ट्रैकिंग, अंतरिक्ष खगोल विज्ञान और वाणिज्यिक उपग्रह प्रक्षेपण शामिल हैं।
- ISRO की वाणिज्यिक इकाई ANTRIX ने कई कनाडाई नैनो-उपग्रहों का प्रक्षेपण किया है।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: पृथ्वी विज्ञान विभाग और पोलर कनाडा ने शीत जलवायु (आर्कटिक) अध्ययन पर ज्ञान एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के आदान-प्रदान हेतु कार्यक्रम शुरू किया।
- 2020 में नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च (NCPOR) और पोलर कनाडा के बीच सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।
- जन-से-जन संबंध: कनाडा में लगभग 1.8 मिलियन इंडो-कनाडाई और एक मिलियन प्रवासी भारतीय हैं, जो उसकी जनसंख्या का 3% से अधिक हिस्सा हैं।
- कनाडा में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत भारत है, जिसमें भारतीय लगभग 40% हैं।
- सशक्त सांस्कृतिक आदान-प्रदान और जीवंत प्रवासी समुदाय द्विपक्षीय धारणाओं को प्रभावित करता है।
- बहुपक्षीय सहयोग: दोनों देश G20, राष्ट्रमंडल, संयुक्त राष्ट्र और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसे मंचों पर सहयोग करते हैं।
आगे की राह
- भारत–कनाडा संबंधों का आधार सुदृढ़ है और व्यापार, शिक्षा तथा स्वच्छ ऊर्जा में अपार संभावनाएँ हैं।
- हालाँकि, द्विपक्षीय संबंध नाजुक बने हुए हैं, जहाँ राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ प्रमुख बाधक हैं।
- भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देश इन मतभेदों का प्रबंधन कैसे करते हैं और साझा हितों का लाभ कैसे उठाते हैं।
Source: TH
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