सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026

पाठ्यक्रम: जीएस-3/अर्थव्यवस्था

सन्दर्भ

  • राज्यसभा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है।
  • उद्देश्य: सभी पक्षों के हितों में संतुलन बनाए रखते हुए प्रशासनिक ढाँचे और भुगतान तंत्र में सुधार करना।

विधेयक की प्रमुख विशेषताएँ

  • सीपीएसई के लिए TReDS के माध्यम से भुगतान अनिवार्य: प्रत्येक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (CPSE) को MSMEs से वस्तुओं या सेवाओं की खरीद से संबंधित सभी चालानों (Invoices) का निपटान ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) के माध्यम से करना होगा।
  • TReDS भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा विनियमित एक इलेक्ट्रॉनिक मंच है, जो MSMEs को खरीदारों से प्राप्त होने वाले चालानों के आधार पर वित्तदाताओं से धन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है।
  • मध्यस्थता की समय-सीमा: विधेयक के अनुसार, प्रथम उपस्थिति के लिए निर्धारित तिथि से 90 दिनों के भीतर मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
  • मध्यस्थता-निर्णयन (Arbitration) की समय-सीमा: मध्यस्थता समाप्त होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर मामले को मध्यस्थता-निर्णयन हेतु भेजा जाना चाहिए। सभी अभिवचनों (Pleadings) के पूरा होने की तिथि से 90 दिनों के भीतर निर्णय (Award) दिया जाना अनिवार्य होगा।
  • अपराधों का अपराधमुक्तिकरण (Decriminalisation): विधेयक के अनुसार, पंजीकरण के लिए जानबूझकर गलत जानकारी देने पर निम्न दंड का प्रावधान किया गया है—
  • पहली बार उल्लंघन होने पर चेतावनी।
  • इसके बाद प्रत्येक उल्लंघन पर 1,000 रुपये से 50,000 रुपये तक का जुर्माना।
  • अधिकारियों द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने पर भी यही दंड लागू होगा।
  • संशोधन अधिनियम लागू होने की तिथि से प्रत्येक तीन वर्ष बाद न्यूनतम जुर्माने की राशि में 10% की वृद्धि होगी।
  • यदि किसी आदेश को निरस्त करने के लिए दायर आवेदन छह माह से अधिक समय तक लंबित रहता है, तो न्यायालय एमएसएमई आपूर्तिकर्ताओं को प्रदान की गई राशि का कम-से-कम 50% भुगतान करने का आदेश दे सकेगा।
  • निर्णयन और अपील: केंद्र सरकार विकास आयुक्त (Development Commissioner) को निर्णयन अधिकारी नियुक्त करेगी।
  • निर्णयन अधिकारी के निर्णयों के विरुद्ध अपील एमएसएमई सचिव के समक्ष की जाएगी।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs)

  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम(MSMEs) ऐसे व्यवसाय हैं, जिन्हें उनके निवेश तथा वार्षिक कारोबार (Turnover) के आधार पर परिभाषित किया जाता है।
  • इन्हें अर्थव्यवस्था का एक महत्त्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि ये रोज़गार सृजित करते हैं, आय उत्पन्न करते हैं तथा उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम

सरकारी पहल

  • एमएसएमई चैंपियंस योजना (MSME Champions Scheme): इस योजना का उद्देश्य एमएसएमई की विनिर्माण प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण करना, अपव्यय को कम करना, नवाचार को प्रोत्साहित करना, व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना तथा उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहुँच एवं उत्कृष्टता प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना है।
  • उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration): यह एमएसएमई के पंजीकरण को सरल बनाने हेतु एक ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य एमएसएमई को सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले विभिन्न लाभों एवं प्रोत्साहनों का सरल और सुव्यवस्थित ढंग से लाभ प्राप्त करने में सहायता करना है।
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (MSMED) अधिनियम, 2006 की धारा 15 तथा आयकर अधिनियम की नव-अधिनियमित धारा 43B(h) के अनुसार, व्यवसायों को एमएसएमई-पंजीकृत उद्यमों का भुगतान 15 दिनों के भीतर करना होगा, अथवा यदि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो तो अधिकतम 45 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य है।
  • सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी निधि न्यास (CGTMSE): यह योजना ऋण गारंटी तंत्र के माध्यम से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को बिना संपार्श्विक (Collateral-free) ऋण उपलब्ध कराती है।
  • पारंपरिक उद्योगों के पुनरुत्थान हेतु निधि योजना (SFURTI): यह योजना वर्ष 2005-06 में प्रारंभ की गई थी। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को समूहों (Clusters) में संगठित कर उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना, उत्पाद विकास को प्रोत्साहित करना तथा सतत आय सृजन सुनिश्चित करना है।

आगे की राह

  • एमएसएमई नवाचार को बढ़ावा देकर, रोजगार सृजित कर तथा स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाकर भारत की विकास यात्रा में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं।
  • लक्षित ऋण सहायता, आवश्यक सुधारों तथा अनुपालन प्रक्रियाओं के सरलीकरण के माध्यम से एमएसएमई की समस्याओं का समाधान उनके लचीलेपन (Resilience) को मजबूत करेगा, रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा तथा भारत के विनिर्माण और निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ बनाएगा।

स्रोत: TH

 

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