बुनियादी स्तर का कार्यबल: ग्रामीण परिवर्तन के अंतिम छोर के शिल्पकार  

पाठ्यक्रम: GS2/शासन

समाचार में

  • सरकार ने स्वास्थ्य, पोषण, आजीविका, वित्त, स्वच्छता और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण विकास तथा अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ किया है।

बुनियादी स्तर का कार्यबल

  • सामुदायिक कैडर दृष्टिकोण प्रशिक्षित बुनियादी कार्यबल के माध्यम से सेवाओं की अंतिम छोर तक सफल पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अपनाया गया एक विकेंद्रीकृत तंत्र है।
  • ये सामुदायिक कैडर कई परस्पर संबंधित भूमिकाएँ निभाते हैं।
  • वे सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करते हुए समुदाय स्तर पर आजीविका एवं वित्तीय सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करते हैं।
  • वे परिवर्तनकारी एजेंट के रूप में व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, जागरूकता बढ़ाते हैं तथा स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक समावेशन से संबंधित बेहतर व्यवहारों को अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का नेटवर्क

  • इस नेटवर्क में स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में 10.40 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ASHAs), 10.58 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWWs) तथा सहायक नर्स दाइयाँ (ANMs) शामिल हैं।
  • 9 लाख से अधिक सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (CRPs) बुनियादी स्तर पर सक्रिय हैं और कृषि, बैंकिंग, बीमा आदि क्षेत्रों में सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
  • इसके अतिरिक्त, स्वच्छाग्रही जैसे अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता भी स्वच्छता संबंधी सहायता प्रदान करते हैं।

महत्व एवं भूमिका

  • कौशल एवं प्रशिक्षण का प्रसार: सहकर्मी-से-सहकर्मी आधार पर कार्य करने वाले सामुदायिक कैडर अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशिक्षक एवं परिवर्तनकारी कार्यकर्ता की भूमिका निभाते हैं।
    • समान सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से होने के कारण वे सहकर्मी-आधारित सीखने के माध्यम से स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों और ग्रामीण परिवारों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उद्यम प्रबंधन तथा सतत कार्य-पद्धतियों के बारे में प्रशिक्षित करते हैं।
  • वित्तीय सेवाएँ:बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) सखी और बैंक सखी जैसे बुनियादी वित्तीय मध्यस्थों के माध्यम से सामुदायिक कैडर आवश्यक वित्तीय सेवाएँ लोगों के घर तक पहुंचाते हैं।
    • वे ग्रामीण नागरिकों को दूर स्थित शहरी बैंक शाखाओं में जाने की आवश्यकता के बिना बैंक खाते खोलने, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का लाभ उठाने, ऋण संबंधी प्रक्रियाएँ पूरी करने तथा वित्तीय साक्षरता प्राप्त करने में सहायता करते हैं।
  • उत्पादकता एवं आजीविका में वृद्धि: क्षेत्र-विशिष्ट कैडर, जैसे कृषि सखी , सतत कृषि तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने की उन्नत पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही हैं।
    • पशु सखी पशुपालन पर निर्भर परिवारों को पशु स्वास्थ्य में सुधार, इनपुट लागत कम करने तथा उत्पादन बढ़ाने में सहायता करती हैं।
    • मत्स्य सखी और वन सखी मत्स्य एवं वन संसाधनों पर निर्भर समुदायों को सशक्त बनाती हैं।
    • CRP-EPs (एंटरप्राइज़ प्रमोशन) गैर-कृषि सूक्ष्म उद्यमों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं।
  • स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक विकास:आशा कार्यकर्ता (ASHAs), आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (AWWs) तथा सामाजिक विकास से जुड़े CRPs जैसे कैडर निरंतर स्वास्थ्य निगरानी एवं सहायता प्रदान करते हैं।
    • वे केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित न रहकर लैंगिक जागरूकता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा सामाजिक समावेशन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलों को भी आगे बढ़ाते हैं।
  • नागरिक-राज्य विश्वास के अंतर का समापन: स्थानीय कैडर सरकारी संस्थानों और ग्रामीण नागरिकों के बीच विश्वसनीय एवं स्थानीय माध्यम के रूप में कार्य करते हैं।
    • वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता उत्पन्न करते हैं, बुनियादी स्तर से आंकड़े एकत्र करते हैं, दस्तावेजीकरण में सहायता करते हैं तथा वंचित एवं हाशिए पर स्थित वर्गों तक उनके अधिकारों और पात्र लाभों की पहुंच सुनिश्चित करने में सहयोग करते हैं।

मुद्दे एवं चिंताएँ

  • मानदेय के भुगतान में देरी: अनेक कैडर को मानदेय, वृति या प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन राशि प्राप्त होती है, जो कई बार अपर्याप्त होती है या समय पर भुगतान नहीं किया जाता।
  • संसाधनों एवं बुनियादी ढाँचे का अभाव: अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, विशेषकर ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों को अपर्याप्त कनेक्टिविटी, डिजिटल संसाधनों की कमी तथा सुरक्षा उपकरणों के अभाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
  • बहु-कार्यभार एवं अत्यधिक भार: सामुदायिक कैडर को विभिन्न सरकारी विभागों की अनेक पहलों के लिए सर्वेक्षण संबंधी आंकड़े एकत्र करने और वितरित करने का कार्य भी करना पड़ता है। इससे उन पर कार्यभार बढ़ता है तथा  उनकी प्राथमिक भूमिका प्रभावित होती है।
  • क्षमता निर्माण की आवश्यकता: डिजिटल अनुप्रयोगों, वित्तीय उत्पादों तथा कृषि की नई पद्धतियों में निरंतर हो रहे विकास के अनुरूप नियमित प्रशिक्षण एवं कौशल उन्नयन की आवश्यकता है।
  • लैंगिक एवं सामाजिक बाधाएँ: इन कैडरों में अधिकांश ग्रामीण महिलाएँ हैं।
    • क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान उन्हें सामाजिक रूढ़ियों, पारिवारिक दायित्वों तथा सुरक्षा संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ता है।

विभिन्न पहल

  • दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM): इस मिशन ने देश में महिलाओं के नेतृत्व वाली सबसे बड़ी सामुदायिक संस्थागत व्यवस्थाओं में से एक का निर्माण किया है। इसके अंतर्गत देशभर में 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित किया गया है।
  • ग्राम संगठन एवं क्लस्टर स्तर के महासंघ: इन संस्थाओं को विभिन्न विषयगत क्षेत्रों में कार्यरत सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRPs) के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है।
  • बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) सखी एवं बैंक सखी: DAY-NRLM के अंतर्गत प्रशिक्षित महिला सामुदायिक कैडर को बढ़ावा दिया गया है, जो बुनियादी स्तर पर वित्तीय मध्यस्थ के रूप में कार्य करती हैं।
  • पोषण भी पढ़ाई भी पहल: इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी प्रणाली के माध्यम से प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) की गुणवत्ता में सुधार करना है।
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण): इसका उद्देश्य लोगों को सतत स्वच्छता एवं स्वच्छता-व्यवहार संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इस प्रयास के केंद्र में स्वच्छाग्रही (स्वयंसेवक) हैं, जो SBM के जमीनी स्तर के प्रमुख कार्यकर्ता हैं।
  • जल जीवन मिशन:73वें संविधान संशोधन के अनुरूप, जल जीवन मिशन पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से ग्राम स्तर पर योजना निर्माण और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है। ग्राम पंचायतों तथा उनकी उप-समितियों, अर्थात ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों (VWSCs) या पानी समितियों, को गांव के अंतर जलापूर्ति प्रणालियों की योजना बनाने, उन्हें लागू करने, संचालित करने तथा उनके रखरखाव के लिए सशक्त बनाया गया है।
    • VWSC के सदस्यों का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाता है।
  • आवास मित्र: ये प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत बुनियादी स्तर पर कार्य करने वाले सुविधा प्रदाता हैं, जो ग्रामीण आवास से संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन, निगरानी तथा लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने में सहयोग करते हैं।

निष्कर्ष

  • अग्रिम पंक्ति में कार्यरत सामुदायिक कैडर सरकारी कार्यक्रमों को परिवारों के स्तर पर वास्तविक लाभों में परिवर्तित करने वाले विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभरे हैं।
  • वे जागरूकता बढ़ाते हैं, क्षमता का निर्माण करते हैं, सेवाओं तक पहुंच सुगम बनाते हैं तथा विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय को प्रोत्साहित करते हैं।
  • उनका कार्य यह सुनिश्चित करता है कि विकास का लाभ उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
  • जैसे-जैसे ग्रामीण भारत में निरंतर परिवर्तन हो रहा है, इन समुदाय-आधारित संस्थाओं और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं में निरंतर निवेश सेवा वितरण का विस्तार करने, आजीविका में सुधार लाने और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इससे सुदृढ़, सशक्त एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण समुदायों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
  • ग्रामीण परिवर्तन को स्थायी बनाए रखने तथा एक समावेशी अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए इन कार्यकर्ताओं के समक्ष वर्तमान संरचनात्मक चुनौतियों का समाधान करना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

स्रोत:PIB

 

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