पाठ्यक्रम: GS3/अन्तरिक्ष; GS2/अंतरराष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है कि उसने अंतरिक्ष में सक्रिय हथियार तैनात किए हैं। किसी भी देश द्वारा इस प्रकार की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति प्रथम बार की गई है।
परिचय
- अमेरिका ने तैनात किए गए हथियारों की प्रकृति अथवा उन्हें कब तैनात किया गया, इसका प्रकटीकरण नहीं किया है।
- चीन और रूस की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त की गई, जिन्हें अमेरिका अपने अंतरिक्ष संबंधी प्रतिद्वंद्वी मानता है।
- दोनों देशों ने अमेरिका से अपनी सैन्य क्षमताओं के विस्तार तथा बाह्य अंतरिक्ष में युद्ध की तैयारी को रोकने का आग्रह किया।
अंतरिक्ष का सैन्यीकरण
- बाह्य अंतरिक्ष के सैन्य उपयोग के अंतर्गत निम्नलिखित क्षमताएँ शामिल हैं:
- पृथ्वी से प्रक्षेपास्त्र प्रक्षेपित करके शत्रु के उपग्रहों अथवा अन्य अंतरिक्ष-आधारित परिसंपत्तियों को नष्ट करने की क्षमता।
- अंतरिक्ष से हथियारों का उपयोग करके पृथ्वी पर स्थित लक्ष्यों को नष्ट करने की क्षमता।
- अंतरिक्ष-आधारित हथियारों का उपयोग करके अंतरिक्ष में स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाने की क्षमता।
- शत्रु की अंतरिक्ष-आधारित तथा पृथ्वी-आधारित प्रणालियों के बीच संचार को बाधित करने अथवा उसमें व्यवधान उत्पन्न करने की क्षमता तथा उसके साइबर नेटवर्क पर आक्रमण करने की क्षमता भी संघर्ष की स्थिति में अत्यंत प्रभावी हो सकती है।
- कई देशों ने इनमें से कुछ अथवा सभी क्षमताओं का विकास किया है। ऐसी क्षमताओं का सबसे स्पष्ट प्रदर्शन उपग्रह-रोधी परीक्षणों के माध्यम से हुआ है, जिनमें देश अंतरिक्ष में स्थित किसी उपग्रह को नष्ट करने के लिए प्रक्षेपास्त्र का उपयोग करते हैं।
- अमेरिका, रूस, चीन और भारत इन क्षमताओं का प्रदर्शन कर चुके हैं।

अंतरिक्ष को नियंत्रित करने वाले कानून
- सभी देश अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग पर बल देते हैं तथा एक-दूसरे से अंतरिक्ष के सैन्यीकरण से बचने का आह्वान करते हैं।
- हालाँकि, ऐसा कोई अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं है जो अंतरिक्ष में इस प्रकार के हथियारों अथवा सैन्य रणनीतियों की तैनाती या उपयोग को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित करता हो।
- 1967 की बाह्य अंतरिक्ष संधि देशों को अंतरिक्ष में परमाणु हथियार अथवा “अन्य प्रकार के सामूहिक विनाश के हथियार” ले जाने या स्थापित करने से प्रतिबंधित करती है।
- हालाँकि, यह पारंपरिक हथियारों अथवा अंतरिक्ष में स्थित भौतिक अवसंरचना को निशाना बनाने वाले हथियारों के संबंध में मौन है।
- इसमें पृथ्वी से अंतरिक्ष को निशाना बनाने वाले हथियारों के संबंध में भी कोई प्रावधान नहीं है, क्योंकि 1960 के दशक में ऐसी तकनीक का विकास अभी दूर की संभावना था।
- अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती एवं उनके उपयोग को विनियमित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय विधिक ढाँचा तैयार करने के प्रयास किए गए हैं, किंतु सभी प्रमुख अंतरिक्ष शक्तियों का समर्थन प्राप्त नहीं हो सका है।
- आर्टेमिस समझौते, जो नासा और अमेरिकी विदेश विभाग की एक पहल है, अंतरिक्ष के अन्वेषण के संबंध में एक स्वैच्छिक आचार संहिता है। इसमें भारत सहित 70 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर किए हैं।
- सभी सहयोगात्मक गतिविधियाँ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए की जानी हैं, किंतु ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो हस्ताक्षरकर्ता देशों को अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती अथवा उनके उपयोग से रोकता हो।
स्रोत: IE
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