गगनयान की तापीय सुरक्षा प्रणाली 

पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

संदर्भ

  • गगनयान मिशन के अंतर्गत भारत को अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर जा रहे क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित पुनःप्रवेश क्षमता प्रदर्शित करनी होगी। इस कारण इसकी तापीय सुरक्षा प्रणाली (TPS) पृथ्वी पर वापसी के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली सबसे महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में से एक है।

पुनःप्रवेश के दौरान तापीय सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?

  • अत्यधिक ताप की सहनशीलता: गगनयान की निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) से वापसी के दौरान कैप्सूल अतिध्वनिक गति से वायुमंडल में प्रवेश करता है, जिससे इसकी अधिकांश गतिज ऊर्जा अत्यधिक ताप में परिवर्तित हो जाती है। प्लाज्मा का तापमान 1,800°C तक पहुंच सकता है, जिससे अंतरिक्ष यान को हानि हो सकता है।
  • विफलता का कोई विकल्प नहीं: एक बार पुनःप्रवेश शुरू हो जाने के बाद मिशन को बीच में रद्द नहीं किया जा सकता। इसलिए तापीय सुरक्षा प्रणाली का स्वतंत्र रूप से और विश्वसनीय ढंग से कार्य करना आवश्यक है।
  • अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा: तीव्रता से होने वाली गति-कमी के कारण मैनुअल हस्तक्षेप संभव नहीं होता। तापीय सुरक्षा प्रणाली एक निष्क्रिय और विफलता-सुरक्षित अवरोध के रूप में कार्य करती है।
  • रहने योग्य वातावरण बनाए रखना: यह केबिन तथा उसके नीचे स्थित एल्युमिनियम-मिश्रधातु/CFRP संरचना का तापमान सुरक्षित सीमा के भीतर बनाए रखती है।

तापीय सुरक्षा प्रणाली क्या है?

  • तापीय सुरक्षा प्रणाली (TPS) विशेष सामग्रियों और संरचनाओं का एक संयोजन है, जिसे वायुमंडलीय पुनःप्रवेश के दौरान उत्पन्न होने वाली अत्यधिक ऊष्मा को नियंत्रित करने तथा उसे अंतरिक्ष यान की आंतरिक संरचना तक पहुंचने से रोकने के लिए तैयार किया जाता है।
  • तापीय सुरक्षा प्रणालियों के प्रकार:
    • अपक्षयी तापीय सुरक्षा प्रणाली (Ablative TPS): इसमें ताप-रोधी आवरण की बाहरी सामग्री को जानबूझकर क्षरित होने दिया जाता है, ताकि अंतरिक्ष यान की सुरक्षा की जा सके। अत्यधिक ताप के कारण यह सामग्री विघटित, क्षरित होकर एक सुरक्षात्मक परत का निर्माण करती है।
      • इस विघटन से गैसें निकलती हैं, जो बाहर की ओर प्रवाहित होकर अपेक्षाकृत ठंडी सीमा-परत बनाती हैं। इससे अंतरिक्ष यान तक होने वाले ऊष्मा हस्तांतरण में कमी आती है।
      • गगनयान में अपक्षयी तापीय सुरक्षा प्रणाली (Ablative TPS) का उपयोग किया गया है।
      • उदाहरण: कार्बन-फेनोलिक, सिलिका-फेनोलिक तथा PICA (फेनोलिक संसेचित कार्बन एब्लेटर)।
    • विकिरणीय तापीय सुरक्षा प्रणाली (Radiative TPS): इसमें सामग्री आने वाली ऊष्मा को अवशोषित करती है और मुख्यतः अवरक्त विकिरण के रूप में उसे आसपास के वातावरण में वापस विकिरित कर देती है।
      • यह विशेष रूप से पुनःप्रयोग योग्य अंतरिक्ष यानों के लिए उपयोगी है, जहाँ ताप-रोधी आवरण को बार-बार होने वाले वायुमंडलीय पुनःप्रवेश को सहन करना पड़ता है।
    • ऊष्मा-संग्राहक तापीय सुरक्षा प्रणाली (Heat-Sink TPS): इसमें सामग्री ऊष्मीय ऊर्जा को अवशोषित एवं संग्रहित करती है और स्वयं का तापमान बढ़ाती है, जबकि इसमें बड़े पैमाने पर पिघलने या विघटन की प्रक्रिया नहीं होती। इस प्रकार सामग्री मूलतः ऊष्मीय भंडार के रूप में कार्य करती है।
      • तांबा और एल्युमिनियम जैसी सामग्रियाँ ऊष्मा-संग्राहक के रूप में कार्य कर सकती हैं।

गगनयान मिशन

  • उद्देश्य: इस मिशन का उद्देश्य तीन अंतरिक्ष यात्रियों को निम्न पृथ्वी कक्षा में भेजने और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाकर उतारने की भारत की क्षमता का प्रदर्शन करना है।
    • यह भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन होगा। अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ने मानव अंतरिक्ष उड़ानें संचालित की हैं।
  • प्रक्षेपण यान: लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (LVM3) गगनयान मिशन के लिए प्रक्षेपण यान है।
  • क्रू एस्केप सिस्टम (CES): HLVM3 में क्रू एस्केप सिस्टम (CES) शामिल है, जो त्वरित प्रतिक्रिया करने वाली और उच्च दहन-दर वाली ठोस मोटरों के एक समूह द्वारा संचालित होता है। यह प्रक्षेपण स्थल पर या आरोहण चरण के दौरान किसी भी आपात स्थिति की स्थिति में क्रू मॉड्यूल तथा उसमें सवार अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित दूरी तक ले जाना सुनिश्चित करता है।
  • ऑर्बिटल मॉड्यूल: ऑर्बिटल मॉड्यूल पृथ्वी की कक्षा में परिक्रमा करेगा। इसमें एक संयुक्त संरचना के माध्यम से जुड़े क्रू मॉड्यूल (CM) और सर्विस मॉड्यूल (SM) शामिल हैं। इसे आरोहण, कक्षीय चरण और पुनःप्रवेश के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • क्रू मॉड्यूल (CM): यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए रहने योग्य स्थान है, जिसमें अंतरिक्ष में पृथ्वी के समान वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।
  • सर्विस मॉड्यूल (SM): कक्षा में रहते समय यह क्रू मॉड्यूल को आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। यह एक अदाबित संरचना है, जिसमें तापीय प्रणाली, प्रणोदन प्रणाली, विद्युत प्रणाली, एवियोनिक्स प्रणालियाँ तथा परिनियोजन तंत्र शामिल हैं।

स्रोत: TH

 

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