पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- नीति आयोग ने संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) द्वारा आयोजित सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर उच्च-स्तरीय राजनीतिक मंच (HLPF) के मंत्रिस्तरीय खंड में सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर भारत की तीसरी स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षा (VNR) रिपोर्ट प्रस्तुत की।
परिचय
- VNR 2025 के बारे में: नीति आयोग के नेतृत्व में तैयार की गई यह रिपोर्ट राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश सरकारों, नागरिक समाज संगठनों, विकास भागीदारों और निजी क्षेत्र की भागीदारी वाली एक व्यापक परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से विकसित की गई है।
- यह रिपोर्ट विकास संकेतकों की एक विस्तृत श्रृंखला में विगत दस वर्षों में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित करती है।
- यह VNR, सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के लिए संयुक्त राष्ट्र 2030 एजेंडा के प्रति देश की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, HLPF में भारत की तृतीय प्रस्तुति है।
मुख्य विशेषताएँ
- गरीबी उन्मूलन: अनुमान है कि लगभग 248 मिलियन व्यक्ति बहुआयामी गरीबी (MPI) से मुक्त हो गए हैं।
- खाद्य सुरक्षा: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने लाखों लोगों के लिए पोषण सहायता सुनिश्चित की है।
- स्वास्थ्य एवं पोषण: पोषण अभियान और आयुष्मान भारत ने गुणवत्तापूर्ण पोषण और स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच का विस्तार किया है।
- स्वच्छ ऊर्जा: राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर मुफ्त विद्युत योजना जैसे कार्यक्रम भारत के स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण को मज़बूत कर रहे हैं।
- नवाचार और विकास: भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है।
- बुनियादी ढाँचा और उद्योग: पीएम गति शक्ति, मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम जैसी योजनाएँ आगामी पीढ़ी के बुनियादी ढाँचे का निर्माण कर रही हैं।
भारत में सतत विकास लक्ष्य कार्यान्वयन
- भारत ने मज़बूत, डेटा-संचालित शासन ढाँचों के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण में महत्वपूर्ण प्रगति की है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स, पूर्वोत्तर क्षेत्र जिला एसडीजी इंडेक्स और राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक जैसे उपकरणों ने राष्ट्रीय एवं उप-राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी और मूल्यांकन तंत्र को बेहतर बनाया है।
- आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम (एडीपी) एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) जैसी प्रमुख पहल, विशेष रूप से वंचित और विकास की दृष्टि से पिछड़े क्षेत्रों में, आवश्यक सरकारी सेवाओं की अंतिम बिंदु तक पहुँच सुनिश्चित करने और उनकी परिपूर्णता सुनिश्चित करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और स्पष्ट करती हैं।
संयुक्त राष्ट्र का उच्च-स्तरीय राजनीतिक मंच (एचएलपीएफ)
- यह 2030 एजेंडा की अंतर्राष्ट्रीय अनुवर्ती कार्रवाई और समीक्षा के लिए सबसे प्रमुख मंच है।
- यह संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के तत्वावधान में 2016 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है।
- एचएलपीएफ में, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के कार्यान्वयन पर अपनी स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षा (वीएनआर) प्रस्तुत करते हैं।
- वीएनआर सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्रगति की अंतर्राष्ट्रीय समीक्षा के लिए आधार का कार्य करते हैं।
निष्कर्ष
- एजेंडा 2030 भारत के दीर्घकालिक दृष्टिकोण, विकसित भारत @2047 – स्वतंत्रता के 100वें वर्ष तक एक विकसित भारत – के अनुरूप है, जो समावेशिता, नवाचार और संस्थागत सुदृढ़ता पर आधारित एक एकीकृत विकास रणनीति पर बल देता है।
Source: PIB
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