भारत की आपदा प्रतिक्रिया: संघवाद के लिए जोखिमभरी दिशा
वायनाड भूस्खलन (केरल, 2024) का मामला उन संरचनात्मक समस्याओं को उजागर करता है, जहाँ ₹2,200 करोड़ की आकलित हानि के बावजूद केंद्र से केवल ₹260 करोड़ प्राप्त हुए। इसने भारत की आपदा-प्रतिक्रिया वित्तीय प्रणाली पर चिंताओं को पुनः उत्पन्न कर दिया है।