पाठ्यक्रम: GS2/ स्वास्थ्य
संदर्भ
- आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने डिजिटल आसक्ति और स्क्रीन-सम्बंधित मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में तीव्र वृद्धि को एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या के रूप में चिन्हित किया है, विशेषकर बच्चों और किशोरों में।
सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभरती डिजिटल आसक्ति
- सर्वेक्षण ने अत्यधिक स्क्रीन समय और सोशल मीडिया उपयोग को चिंता, अवसाद, ध्यान विकार, नींद में व्यवधान, मोटापा एवं जीवनशैली संबंधी रोगों के कारक के रूप में मान्यता दी है।
- बच्चों और किशोरों को न्यूरोलॉजिकल एवं मनोवैज्ञानिक रूप से बाध्यकारी डिजिटल उपयोग के प्रति अधिक संवेदनशील बताया गया है, जिसका कारण नशे की प्रवृत्ति उत्पन्न करने वाले प्लेटफ़ॉर्म डिज़ाइन हैं।
- व्यवहारिक ट्रैकिंग और लक्षित विज्ञापन बच्चों की संज्ञानात्मक कमजोरियों का शोषण करते हैं और नशे जैसी उपभोग प्रवृत्तियों को सुदृढ़ करते हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की प्रमुख सिफारिशें
- आयु-आधारित सीमाएँ : बच्चों और किशोरों में डिजिटल आसक्ति की बढ़ती चिंताओं को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँच पर आयु-आधारित सीमाएँ लगाने पर विचार करने का आह्वान।
- कठोर आयु सत्यापन : ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को आयु सत्यापन प्रक्रियाओं को लागू करने के लिए उत्तरदायी बनाया जाए ताकि नाबालिग आसानी से खाते न बना सकें या वयस्कों हेतु सामग्री तक पहुँच न प्राप्त कर सकें।
- आयु-उपयुक्त डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स : प्लेटफ़ॉर्म को आयु-उपयुक्त डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स अपनानी चाहिए, जिससे कम उम्र के उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा स्वतः सुनिश्चित हो।
- लक्षित विज्ञापन : नाबालिगों के लिए लक्षित विज्ञापन पर रोक लगाने और ऑटो-प्ले जैसी सुविधाओं पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश, जो बाध्यकारी उपयोग को बढ़ा सकती हैं।
सरकार द्वारा उठाए गए कदम
- ऑनलाइन गेमिंग (विनियमन) अधिनियम, 2025: सट्टेबाज़ी वाले ऑनलाइन धन-आधारित खेलों पर प्रतिबंध और कौशल-आधारित खेलों के लिए लाइसेंसिंग ढाँचे की शुरुआत।
- टेली-MANAS: 24/7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन और ऐप, जो तकनीकी आसक्ति से निपटने में सहायता करता है।
- SHUT क्लिनिक, NIMHANS, बेंगलुरु: भारत का प्रथम विशेष केंद्र, जो तकनीकी आसक्ति जैसे अत्यधिक गेमिंग, सोशल मीडिया उपयोग और मोबाइल निर्भरता के उपचार हेतु समर्पित है।
- डिजिटल डिटॉक्स सेंटर (“Beyond Screens”), कर्नाटक: परामर्श और थेरेपी के लिए एक संसाधन केंद्र।
वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाएँ
- ऑस्ट्रेलिया: ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट (सोशल मीडिया न्यूनतम आयु) अधिनियम लागू किया, जिससे वह सोशल मीडिया उपयोग के लिए 16 वर्ष की वैधानिक न्यूनतम आयु निर्धारित करने वाला पहला देश बना।
- फ्रांस: 15 वर्ष से कम आयु के उपयोगकर्ताओं के लिए सोशल मीडिया पहुँच पर प्रतिबंध लगाया गया, जिसके अंतर्गत खाता बनाने के लिए अभिभावक की अनुमति आवश्यक होगी। यह विधेयक 2026 में निचले सदन से पारित हुआ।
आगे की राह
- उपचार-केंद्रित मॉडल से सार्वजनिक और निवारक स्वास्थ्य-नेतृत्व वाले दृष्टिकोण की ओर रणनीतिक परिवर्तन पर बल दिया जाना चाहिए।
- मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विद्यालयों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों के साथ एकीकरण आवश्यक है।
- समर्पित परामर्शदाताओं को प्रशिक्षित कर बड़े पैमाने पर नियुक्त किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों और किशोरों में सहायता प्राप्त करने के व्यवहार को सामान्य बनाया जा सके।
- नेटवर्क-स्तरीय सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ किया जाना चाहिए, जिसमें भिन्न-भिन्न डेटा योजनाएँ हों जो शैक्षणिक उपयोग को मनोरंजनात्मक उपभोग से स्पष्ट रूप से अलग करें।
Source: TH
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आर्थिक सर्वेक्षण द्वारा प्रथम बार ‘पावर गैप इंडेक्स’ का उल्लेख