पाठ्यक्रम: GS2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध; GS3/अर्थव्यवस्था
समाचार में
- मध्य पूर्व संघर्ष ने मुद्रित परिपथ बोर्ड (PCB) में प्रयुक्त प्रमुख कच्चे माल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में तीव्र मूल्य वृद्धि हुई है।
मुद्रित परिपथ बोर्ड (PCBs)
- यह एक परतदार यांत्रिक संरचना है जो परिपथ में घटकों को धारण करती है और विद्युत रूप से जोड़ती है।
- इसका उपयोग लगभग सभी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टैबलेट, AI सर्वर और स्मार्टवॉच में होता है।
- यह इलेक्ट्रॉनिक भागों को संयोजित करने का आधार प्रदान करता है और उनके बीच विद्युत प्रवाह को नियंत्रित करता है।
PCB निर्माण में प्रयुक्त कच्चे माल
- रेज़िन: उच्च-शुद्धता पॉलीफिनाइलीन ईथर (PPE) और एपॉक्सी रेज़िन, लैमिनेट्स (बोर्ड का इन्सुलेटिंग सब्सट्रेट) के लिए आधार सामग्री।
- कॉपर फॉइल: प्रमुख चालक सामग्री, जो कुल कच्चे माल की लागत का लगभग 60% होती है।
- ग्लास फाइबर: सब्सट्रेट में संरचनात्मक मजबूती और इन्सुलेशन प्रदान करने हेतु प्रयुक्त।
- हीलियम और ब्रोमीन: क़तर विश्व के एक-तिहाई से अधिक हीलियम (सेमीकंडक्टर लिथोग्राफी में प्रयुक्त) प्रदान करता है, जबकि दो-तिहाई ब्रोमीन (एटचिंग में प्रयुक्त) इज़राइल और जॉर्डन से आता है।
प्रमुख मुद्दे
- सऊदी अरब के जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमले से PPE रेज़िन का उत्पादन बाधित हुआ है, जो PCB निर्माण में प्रयुक्त एक प्रमुख सामग्री है।
- चीन वैश्विक PCB निर्माण में प्रभुत्व रखता है, जो कुल उत्पादन का 50% से अधिक है, जिससे एकल-स्रोत जोखिम उत्पन्न होता है।
- भारत का PCB उद्योग आयातित कच्चे माल जैसे कॉपर-क्लैड लैमिनेट्स, विशेष रसायन और सोल्डरिंग यौगिकों पर अत्यधिक निर्भर है।
- भारत अपनी अधिकांश PCB आवश्यकताओं का आयात चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया से करता है, जिससे रक्षा, दूरसंचार और EV क्षेत्रों के लिए रणनीतिक कमजोरी उत्पन्न होती है।
भारत की नीतिगत हस्तक्षेप
- इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS), 2025: अप्रैल 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ₹22,919 करोड़ के प्रावधान के साथ स्वीकृत।
- विशेष रूप से PCBs, SMD पासिव्स, लिथियम-आयन सेल, कैपेसिटर, कनेक्टर, कॉपर लैमिनेट्स — उच्च आयात निर्भरता वाले क्षेत्रों को लक्षित।
- 25% तक पूंजी सब्सिडी और 4–6% प्रोत्साहन प्रदान करती है।
- PLI योजना (LSEM): वैश्विक कंपनियों (एप्पल, फॉक्सकॉन और टाटा) को भारत में निर्माण हेतु आकर्षित किया।
- भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता है।
- सीमा: यह असेंबली पर केंद्रित है, न कि कॉम्पोनेंट/PCB निर्माण पर।
- भारत सेमीकंडक्टर मिशन: छह सेमीकंडक्टर परियोजनाएँ क्रियान्वयन में; ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में चार स्वीकृत।
- लक्ष्य: 2030 तक आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर-से-PCB मूल्य श्रृंखला।
स्रोत :IE
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