- भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के पारिस्थितिकी विज्ञान केंद्र (CES) तथा डेनमार्क के तकनीकी विश्वविद्यालय (DTU) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे सर्पविषरोधी प्रतिविष का विकास किया है, जिसका उपयोग भारत में पाई जाने वाली विभिन्न कोबरा प्रजातियों के सर्पदंश के उपचार में किया जा सकता है।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सर्पदंश से उत्पन्न विषाक्तता को उच्च प्राथमिकता वाले उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोगों की श्रेणी में रखा है।
- विश्वभर में प्रतिवर्ष अनुमानतः 18 लाख से 27 लाख लोग सर्पदंश के कारण विषाक्तता से प्रभावित होते हैं। Read More
सर्पदंश एवं सर्पविषरोधी औषधियाँ
संदर्भ
सर्पदंश विषाक्तता