- दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के साथ ही भारत के आधे से अधिक भू-भाग में सूखे जैसी परिस्थितियाँ उत्पन्न हो गई हैं। मृदा में आर्द्रता की निरंतर कमी ने खरीफ फसलों की उपज, रबी फसलों की बुवाई तथा जल सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
- सूखा असामान्य रूप से कम वर्षा की दीर्घ अवधि को कहा जाता है, जिसके कारण जल की कमी उत्पन्न होती है। इसका प्रभाव मौसम विज्ञान, कृषि तथा जल विज्ञान से संबंधित विभिन्न प्रणालियों पर अलग-अलग रूपों में पड़ता है।
- भारत में सूखे का आकलन अब केवल वर्षा के आधार पर नहीं किया जाता, बल्कि मृदा की आर्द्रता, वनस्पति की स्थिति, जलाशयों में जल भंडारण तथा भूजल की स्थिति को भी इसमें सम्मिलित किया जाता है। Read More
भारत में उभरता सूखा संकट: मानसून की परिवर्तनशीलता और कृषि संबंधी जोखिम
संदर्भ
भारत में सूखा