- भारत वर्तमान में गंभीर उर्वरक संकट का सामना कर रहा है। इसका प्रमुख कारण वैश्विक कीमतों में तीव्र वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान है, जो भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न हुए हैं। विशेष रूप से होरमुज़ जलडमरूमध्य क्षेत्र में अमेरिका–इज़राइल बनाम ईरान संघर्ष ने स्थिति को अधिक जटिल बना दिया है।
- कीमतों में तीव्र वृद्धि: यूरिया की कीमतें अल्प अवधि में लगभग दोगुनी हो गई हैं। फरवरी में प्रति टन लगभग $508 से अप्रैल में यह बढ़कर $935 प्रति टन तक पहुँच गई।
- उच्च आयात निर्भरता: भारत प्रतिवर्ष 39–40 मिलियन टन यूरिया का उपभोग करता है, जिसमें से लगभग 25% आयातित होता है। Read More
वैश्विक आपूर्ति व्यवधानों के बीच भारत में उर्वरक संकट
संदर्भ
संकट की प्रकृति