पाठ्यक्रम: GS1/समाज
संदर्भ
- केंद्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने सभी राज्य दत्तक संसाधन एजेंसियों (SARAs) को दत्तक प्रक्रिया के अनुपालन को सुदृढ़ करने हेतु तीन महत्त्वपूर्ण कार्यालय ज्ञापन जारी किए हैं।
CARA के निर्देश
- उद्देश्य: दत्तक प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और बाल संरक्षण को सुदृढ़ करना।
- प्रथम ज्ञापन: कोई भी अनाथ या परित्यक्त बालक विधिक रूप से दत्तक हेतु तभी मुक्त घोषित किया जा सकता है जब आवश्यक जाँच पूरी हो।
- समर्पित (सरेण्डर किए गए) बच्चों के मामले में दो माह की अनिवार्य पुनर्विचार अवधि का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
- द्वितीय ज्ञापन: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि सभी भौतिक एवं डिजिटल अभिलेख सुरक्षित रूप से संरक्षित किए जाएँ तथा उन्हें नामित प्राधिकरण अथवा संस्था को हस्तांतरित किया जाए।
- तृतीय ज्ञापन: CARA ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को धारा 74 का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, जिसके अंतर्गत कानून से संघर्षरत बच्चों अथवा देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान का प्रकटीकरण निषिद्ध है।
भारत में दत्तक संबंधी विनियम
- हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम (HAMA), 1956:
- यह अधिनियम हिंदू, बौद्ध, जैन और सिखों पर लागू होता है।
- इसमें न्यायालय की भागीदारी आवश्यक नहीं है।
- यह व्यक्तिगत कानूनों द्वारा शासित है, किंतु HAMA के अंतर्गत कुछ शर्तों का पालन अनिवार्य है।
- किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 (JJ Act):
- यह सभी भारतीय नागरिकों (धर्म की परवाह किए बिना) पर लागू होता है।
- इसमें न्यायालय आदेशों के माध्यम से दत्तक प्रक्रिया होती है और इसका प्रशासन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय दत्तक संसाधन प्राधिकरण (CARA) द्वारा किया जाता है।
- CARA एक वैधानिक निकाय है जो मान्यता प्राप्त दत्तक एजेंसियों के माध्यम से अनाथ, परित्यक्त और समर्पित बच्चों के दत्तक ग्रहण की निगरानी और विनियमन करता है।
CARA के अंतर्गत दत्तक प्रक्रिया
- बच्चों की पात्रता:
- बाल कल्याण समिति (CWC) द्वारा विधिक रूप से दत्तक हेतु मुक्त घोषित होना।
- आयु 18 वर्ष से कम होना।
- परित्यक्त, समर्पित या अनाथ होना।
- JJ Act (CARA के माध्यम से) के अंतर्गत अभिभावक की पात्रता:
- कोई भी भारतीय नागरिक (NRI, OCI कार्डधारक सहित)।
- विवाहित दंपति (न्यूनतम 2 वर्ष का स्थिर विवाह)।
- अविवाहित, तलाकशुदा या विधुर/विधवा व्यक्ति।
- दत्तक अभिभावक और बच्चे के बीच न्यूनतम 25 वर्ष का आयु अंतर होना चाहिए।
- अधिकतम संयुक्त आयु सीमा:
- 4 वर्ष से कम आयु के बच्चे हेतु 45 वर्ष तक।
- 4–8 वर्ष आयु के बच्चों हेतु 50 वर्ष तक।
- 8–18 वर्ष आयु के बच्चों हेतु 55 वर्ष तक।
- अपवाद: रिश्तेदारों द्वारा दत्तक ग्रहण और सौतेले अभिभावक द्वारा दत्तक ग्रहण के मामलों में आयु मानदंड लागू नहीं होंगे।
- गैर-व्यावसायिक: दत्तक ग्रहण हेतु किसी भी प्रकार की बिक्री या भुगतान अवैध है।
- निषिद्ध श्रेणियाँ: लिव-इन जोड़े और समान-लिंगी जोड़े वर्तमान में CARA के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत पात्र नहीं हैं।
स्रोत: PIB
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संक्षिप्त समाचार 18-03-2026