पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
संदर्भ
- रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने क्वांटम कंप्यूटर में गणना को सक्षम बनाने वाली क्वांटम अवस्थाओं की स्थिरता बढ़ाने की एक नवीन विधि का प्रदर्शन किया है।
क्वांटम कंप्यूटिंग
- पारंपरिक कंप्यूटरों के विपरीत, जो सूचनाओं के भंडारण एवं प्रसंस्करण के लिए विद्युत अवस्थाओं को 0 और 1 के रूप में कूटबद्ध करते हैं, क्वांटम कंप्यूटर गणनाएँ करने के लिए क्वांटम जगत के गुणों का उपयोग करते हैं।
- क्वांटम एंटैंगलमेंट (Quantum Entanglement) क्वांटम जगत का एक ऐसा गुण है, जिसमें दो कणों के परस्पर अंतःक्रिया करने के बाद वे इस प्रकार एक-दूसरे से “जुड़” (entangled) जाते हैं कि वे एकल प्रणाली के रूप में व्यवहार करने लगते हैं।
- एक कण के कुछ विशिष्ट गुणों का मापन करने पर दूसरे कण के संबंधित गुणों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है, चाहे दोनों के बीच कितनी भी दूरी क्यों न हो।
- वैज्ञानिकों ने इस गुण के साथ-साथ अध्यारोपण जैसे अन्य क्वांटम गुणों का उपयोग किया है। अध्यारोपण से आशय क्वांटम कणों के एक ही समय में अनेक अवस्थाओं में विद्यमान रहने की क्षमता से है। इन गुणों के आधार पर शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर विकसित किए जा रहे हैं।
क्वांटम कंप्यूटिंग के समक्ष चुनौतियाँ
- क्वांटम अवस्थाएँ स्वयं अत्यंत संवेदनशील और अल्पकालिक होती हैं।
- बाह्य पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया होने पर उलझी हुई अवस्था बहुत शीघ्र विघटित हो जाती है। इस घटना को डीकोहेरेंस (Decoherence) या क्वांटम असंसक्ति कहा जाता है।
- कभी-कभी सामान्य विघटन की प्रक्रिया होने से पहले ही क्वांटम एंटैंगलमेंट अचानक समाप्त हो जाता है। इसे एंटैंगलमेंट सडन डेथ कहा जाता है।
- यह कमजोरी क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए एक गंभीर चुनौती उत्पन्न करती है और गणनाओं की शुद्धता एवं विश्वसनीयता संदिग्ध हो जाती है।
- वैज्ञानिकों ने इस चुनौती से निपटने के लिए बार-बार सुधारात्मक हस्तक्षेप करने के प्रयास किए हैं, जो डीकोहेरेंस की प्रक्रिया को विलंबित कर सकते हैं।
- किंतु ऐसे बारंबार हस्तक्षेप महंगे होते हैं और स्वयं भी त्रुटियाँ उत्पन्न कर सकते हैं।
क्वांटम अवस्थाओं की स्थिरता बढ़ाने की नवीन विधि
- वैज्ञानिकों ने एक नवीन तकनीक विकसित की है, जो इस संदर्भ में डीकोहेरेंस की समस्या से निपटने के लिए “सिंगल-शॉट ऑपरेशन” का उपयोग करती है।
- जिस क्षण यह ऑपरेशन किया जाता है, उसके आधार पर यह डीकोहेरेंस को विलंबित कर सकता है और एंटैंगलमेंट सडन डेथ को पूरी तरह रोक सकता है।
- इसमें वैज्ञानिकों द्वारा “फ्लिप ऑपरेशन” का उपयोग किया जाता है, जो विभिन्न संभावित अवस्थाओं पर अधिक नियंत्रण प्रदान करता है।
महत्त्व
- क्वांटम प्रौद्योगिकी के विभिन्न प्लेटफॉर्मों में डीकोहेरेंस, अर्थात पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया के कारण किसी प्रणाली के क्वांटम गुणों का क्षय, प्रमुख चुनौतियों में से एक है।
- वैज्ञानिकों ने अभी तक कोहेरेंस की समस्या का पूर्ण समाधान नहीं किया है, किंतु उन्होंने एम्प्लीट्यूड डैम्पिंग नामक एक महत्त्वपूर्ण प्रकार के शोर के संदर्भ में यह प्रदर्शित किया है कि एक ऑपरेशन के समय का निर्धारण क्वांटम एंटैंगलमेंट के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
- यह अध्ययन संकेत देता है कि समय-निर्धारण भविष्य में क्वांटम प्रणालियों के नियंत्रण के लिए एक महत्त्वपूर्ण उपकरण के रूप में विकसित हो सकता है।
स्रोत: IE
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