पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था; रोज़गार
संदर्भ
- हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने अपनी नवीनतम विश्व रोजगार और सामाजिक परिदृश्य (WESO) रिपोर्ट जारी की, जिसमें वैश्विक श्रम बाजार में लगातार बनी असमानताओं को उजागर किया गया है।
रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
- वैश्विक बेरोजगारी: 2026 में वैश्विक बेरोजगारी दर 4.9% रहने की संभावना है, जो 186 मिलियन लोगों के बराबर है।
- हालाँकि, सम्मानजनक कार्य की दिशा में प्रगति ठहर गई है और लाखों लोगों को अब भी गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित रोजगार तक पहुँच नहीं है।
- आर्थिक विकास के बावजूद स्थायी गरीबी: लगभग 300 मिलियन श्रमिक अत्यधिक गरीबी में जीवन यापन करते हैं, जो प्रतिदिन US$3 से कम कमाते हैं।
- अनौपचारिकता बढ़ रही है, 2026 तक लगभग 2.1 बिलियन श्रमिक को अनौपचारिक रोजगार करने की संभावनाएं है, जो मुख्यतः अफ्रीका और दक्षिण एशिया में केंद्रित हैं।
- निम्न-आय वाले देशों को उच्च-मूल्य उद्योगों में परिवर्तन करने में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उत्पादकता और रोजगार सुरक्षा सीमित हो रही है।
- युवा रोजगार संकट गहराता हुआ: 2025 में युवा बेरोजगारी 12.4% तक पहुँच गई।
- लगभग 260 मिलियन युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण (NEET) में नहीं हैं, जो निम्न-आय वाले देशों में 27.9% की दर है।
- AI और स्वचालन युवा रोजगार खोजने वालों के लिए चुनौतियों को और बढ़ाने की धमकी देते हैं, विशेषकर उच्च-आय वाले देशों में शिक्षित युवाओं के लिए।
- स्थायी लैंगिक अंतर: महिलाएँ वैश्विक रोजगार का केवल दो-पाँचवाँ हिस्सा (40%) हैं।
- पुरुषों की तुलना में उनके श्रम बल में भाग लेने की संभावना 24% कम है।
- सामाजिक मानदंडों और संरचनात्मक बाधाओं के कारण लैंगिक समानता की प्रगति रुक गई है।
- जनसांख्यिकीय बदलाव श्रम बाजार को नया रूप दे रहे हैं: समृद्ध देशों में वृद्ध होती जनसंख्या श्रम बल वृद्धि को धीमा कर रही है।
- गरीब देशों में तीव्रता से बढ़ती जनसंख्या उत्पादक रोजगारों में परिवर्तित नहीं हो रही है।
- 2026 के लिए अनुमानित रोजगार वृद्धि:
- उच्च-मध्य-आय वाले देशों में 0.5%
- निम्न-मध्य-आय वाले देशों में 1.8%
- निम्न-आय वाले देशों में 3.1% गरीब क्षेत्रों में कमजोर श्रम उत्पादकता वैश्विक असमानताओं को बढ़ा रही है।
- व्यापार अनिश्चितता रोजगार स्थिरता को खतरे में डालती है: वैश्विक व्यापार व्यवधान और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाएँ वेतन को कम कर रही हैं, विशेषकर एशिया एवं यूरोप में।
- व्यापार विश्वभर में 465 मिलियन रोजगारों का समर्थन करता है, जिनमें से आधे से अधिक एशिया और प्रशांत क्षेत्र में हैं।
- डिजिटल रूप से प्रदत्त सेवाएँ अब वैश्विक निर्यात का 14.5% भाग हैं।
- व्यापार सम्मानजनक कार्य का एक शक्तिशाली चालक बना हुआ है, लेकिन क्षेत्रों को असमान रूप से लाभ पहुँचाता है।
- क्षेत्रों के बीच असमानता बढ़ रही है: उन्नत और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच उत्पादकता अंतर गहरा रहा है।
- कमजोर रोजगार सृजन और सीमित निवेश के कारण निम्न-आय वाले देश अपने जनसांख्यिकीय लाभांश से वंचित होने के जोखिम में हैं।
- क्षेत्रीय श्रम बाजार विविधताएँ: ILO का अनुमान है कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियन मध्यम अवधि में बेरोजगारी दर को कम करना जारी रख सकते हैं, जबकि उत्तरी अमेरिका को बिगड़ती परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
- व्यापक श्रम अल्प-उपयोग (रोजगार अंतर) 2026 में 408 मिलियन लोगों तक पहुँचने का अनुमान है, जो आधिकारिक आँकड़ों से परे व्यापक छिपी हुई बेरोजगारी एवं अधूरी रोजगार स्थिति को दर्शाता है।
ILO द्वारा प्रमुख नीतिगत अनुशंसाएँ
- उत्पादकता एवं रोजगार गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कौशल, शिक्षा और बुनियादी ढाँचे में निवेश।
- समावेशी भागीदारी एवं जिम्मेदार प्रौद्योगिकी अपनाने के माध्यम से लैंगिक और युवा अंतर को संबोधित करना।
- व्यापार और सम्मानजनक कार्य परिणामों को सुदृढ़ करना, यह सुनिश्चित करना कि वैश्विक लाभ समान रूप से साझा हों।
- ऋण, AI व्यवधान और व्यापार अस्थिरता से उत्पन्न जोखिमों को समन्वित वैश्विक और घरेलू नीतियों के माध्यम से कम करना।
| – अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के बारे में स्थापना: 1919; 1946 में प्रथम विशेषीकृत UN एजेंसी बना। मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड। मंडेट: कार्यस्थल पर अधिकारों को बढ़ावा देना, सम्मानजनक रोजगार अवसरों को प्रोत्साहित करना, सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाना और कार्य-संबंधी मुद्दों पर संवाद को सुदृढ़ करना। त्रिपक्षीय संरचना: सदस्य राज्यों की सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिकों को एक साथ लाता है। – ILO द्वारा प्रकाशित अन्य प्रमुख फ्लैगशिप रिपोर्टें वैश्विक वेतन रिपोर्ट युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार प्रवृत्तियाँ सामाजिक सुरक्षा रिपोर्ट्स विश्व सामाजिक सुरक्षा रिपोर्ट |
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