पाठ्यक्रम: GS3/कृषि
संदर्भ
- कृषि मंत्रालय ने कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 (मसौदा) जारी किया है और इस पर जन टिप्पणियाँ मांगी हैं। यह विधेयक कीटनाशक अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशक नियम, 1971 को प्रतिस्थापित करने का उद्देश्य रखता है।
- इसका लक्ष्य नकली कीटनाशकों की बढ़ती समस्या से निपटना और तकनीक व सख्त विनियमन के माध्यम से किसानों के कल्याण को सुदृढ़ करना है।
प्रमुख विशेषताएँ
- केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड (CPB): इस अधिनियम के लागू होने की तिथि से छह माह के अंदर इसका गठन किया जाएगा।
- यह एक शीर्ष नियामक निकाय होगा, जो वैज्ञानिक और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
- पंजीकरण समिति: अधिनियम लागू होने की तिथि से छह माह के अंदर गठित की जाएगी।
- यह एक विशेष पैनल होगा, जो कीटनाशक पंजीकरण से संबंधित आवेदन और निर्णयों को संभालेगा।
- सुधार-उन्मुख उपाय: इसमें तकनीक और डिजिटल प्रक्रियाओं का उपयोग शामिल है ताकि नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा सके।
- कीटनाशक पंजीकरण:
- जो भी व्यक्ति कीटनाशक आयात या निर्माण करना चाहता है, उसके लिए डिजिटल पंजीकरण अनिवार्य होगा।
- पंजीकरण के निर्णय सुरक्षा, प्रभावशीलता और आवश्यकता के आधार पर लिए जाएंगे।
- लाइसेंस और अनुपालन:
- निर्माण, बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन, परिवहन या कीटनाशक-संबंधी वाणिज्यिक कार्यों के लिए लाइसेंस आवश्यक होगा।
- लाइसेंसिंग अधिकारी लाइसेंस देने, संशोधित करने, निलंबित करने या रद्द करने के लिए अधिकृत होंगे।
- लाइसेंसधारियों के लिए विस्तृत दायित्व होंगे, जिनमें अभिलेख-रखरखाव और अधोसंरचना व सुरक्षा मानकों का अनुपालन शामिल है।
- समीक्षा, निलंबन और रद्दीकरण:
- यदि कीटनाशक अस्वीकार्य जोखिम उत्पन्न करते हैं या पंजीकरण/लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन होता है, तो पंजीकरण और लाइसेंस की समीक्षा या रद्द किया जा सकता है।
- औपचारिक रद्दीकरण प्रक्रिया के बाद उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
- प्रवर्तन और निगरानी:
- कीटनाशक निरीक्षकों और लाइसेंसिंग अधिकारियों को अनुपालन लागू करने के अधिकार होंगे।
- राज्य सरकारों को समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
- केंद्र सरकार डेटा मांग सकती है और कानून के प्रावधानों को लागू करने के लिए कार्रवाई कर सकती है।
- दंड: मसौदा राज्य-स्तरीय अधिकारियों को अपराधों के निपटान के मामलों में अधिक दंड लगाने की अनुमति देता है, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रवर्तन सुदृढ़ होता है।
महत्व
- यह विधेयक कीटनाशक शासन को आधुनिक बनाता है:
- पंजीकरण और लाइसेंसिंग के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं की शुरुआत करके।
- नियामक निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ करके।
- निर्णय लेने के लिए स्पष्ट संस्थागत संरचनाएँ बनाकर।
- पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करके।
स्रोत: PIB
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