गोल्डीलॉक्स अर्थव्यवस्था
पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था
समाचार में
- भारत का 2025 का कृषि वर्ष दुर्लभ “गोल्डीलॉक्स” संयोजन से लाभान्वित हुआ, जिसमें अधिशेष मानसूनी वर्षा और मध्यम तापमान शामिल थे। इसके विपरीत 2024, जो रिकॉर्ड पर सबसे गर्म वर्ष था, अच्छे मानसून के बावजूद ऐसा लाभ नहीं दे सका।
गोल्डीलॉक्स अर्थव्यवस्था
- यह संतुलित विकास, निम्न मुद्रास्फीति और पूर्ण रोजगार की आदर्श किंतु अस्थायी स्थिति है, जिसे स्थिर ब्याज दरों का समर्थन प्राप्त होता है।
- यह निवेश, विशेषकर इक्विटी में, के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।
- इसे सावधानीपूर्वक मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों के माध्यम से बनाए रखा जाता है, जिसमें केंद्रीय बैंक विकास एवं मुद्रास्फीति के बीच संतुलन स्थापित करने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
भारत के आँकड़े
- 2025 में सामान्य तापमान और प्रचुर वर्षा ने कृषि उत्पादन में सुदृढ़ पुनरुत्थान किया, जिससे 2023–24 में उच्च स्तर पर रही खाद्य मुद्रास्फीति नकारात्मक क्षेत्र में चली गई।
- जल की उच्च उपलब्धता और अनुकूल परिस्थितियों ने रबी बुवाई को रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचाया। अधिकांश फसलें, जैसे गेहूँ एवं आलू, अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, यद्यपि सरसों में कुछ कीट समस्याएँ हैं।
- बड़े घरेलू अनाज भंडार और रिकॉर्ड वैश्विक फसल उत्पादन ने खाद्य कीमतों को निम्न बनाए रखने में सहयोग दिया है, जिससे चरम मौसम की स्थिति को छोड़कर खाद्य मुद्रास्फीति की वापसी की संभावना कम है।
स्रोत: IE
राज्यपाल का सदन को संबोधित करने और संदेश भेजने का अधिकार
पाठ्यक्रम: GS2/शासन
संदर्भ
- हाल ही में केरल के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने विधानसभा में अपने नीति भाषण को बदल दिया या प्रमुख अनुच्छेदों को हटा दिया, विशेषकर वे अनुच्छेद जो राज्य की वित्तीय कठिनाइयों, लंबित विधेयकों और कर अपवर्तन से संबंधित थे।
राज्यपाल
- अनुच्छेद 153 और 154 के अंतर्गत राज्यपाल राज्य का कार्यकारी प्रमुख होता है, जो कार्यकारी अधिकार स्वयं या अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से प्रयोग करता है।
- सामान्यतः अनुच्छेद 163 के अंतर्गत राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सहायता और परामर्श पर कार्य करता है, जैसे कि विधानमंडल को बुलाना या स्थगित करना, विधेयकों को स्वीकृति देना, अध्यादेश जारी करना और मंत्रियों की नियुक्ति करना।
- किंतु कुछ मामलों में—जैसे अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजना या अनुच्छेद 254(2) के अंतर्गत विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखना—राज्यपाल अपने विवेक से कार्य कर सकता है।
राज्यपाल की भाषण संबंधी शक्तियाँ
- संविधान के अनुच्छेद 175 और 176 राज्यपाल के राज्य विधानमंडल से संचार को रेखांकित करते हैं।
- अनुच्छेद 175 राज्यपाल को राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन को संबोधित करने और सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का अधिकार देता है। राज्यपाल किसी भी विषय पर, जिसमें लंबित विधेयक भी शामिल हैं, संदेश भेज सकता है, जिन्हें शीघ्र विचार करना आवश्यक है।
- अनुच्छेद 176 राज्यपाल को विशेष संबोधन देने का प्रावधान करता है, जो विधानसभा के आम चुनाव के बाद प्रथम सत्र और प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र के प्रारंभ में अनिवार्य है।
स्रोत: TH
गाज़ा के लिए शांति बोर्ड
पाठ्यक्रम: GS2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध
समाचार में
- भारत सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रस्तावित गाज़ा शांति बोर्ड में शामिल होने के निमंत्रण पर अपनी प्रतिक्रिया पर विचार कर रही है।
शांति बोर्ड
- यह एक अंतर्राष्ट्रीय निकाय है, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कर रहे हैं। इसे अक्टूबर 2025 में इज़राइल-हमास युद्धविराम की देखरेख और गाज़ा के युद्धोत्तर संक्रमण को प्रबंधित करने हेतु बनाया गया।
- इस पहल का प्रस्ताव अक्टूबर 2025 में रखा गया और आगामी माह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया।
सदस्य
- लगभग 50 आमंत्रित नेताओं में से 35 वैश्विक नेताओं ने प्रस्तावित शांति बोर्ड में शामिल होने पर सहमति व्यक्त की है।
- प्रतिभागियों में प्रमुख मध्य-पूर्वी सहयोगी जैसे इज़राइल, सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, जॉर्डन, क़तर और मिस्र शामिल हैं, साथ ही NATO सदस्य तुर्की और हंगरी भी। एशिया, अफ्रीका, यूरोप एवं लैटिन अमेरिका के कई अन्य देश—जैसे पाकिस्तान, इंडोनेशिया, वियतनाम, मोरक्को, आर्मेनिया और अज़रबैजान—भी शामिल हुए हैं।
- सदस्यता की अवधि तीन वर्ष होगी, जिसे नवीनीकरण का विकल्प दिया जाएगा।
- जो देश प्रारंभिक अवधि से आगे भागीदारी बढ़ाना चाहेंगे, उन्हें $1 बिलियन का योगदान करना पड़ सकता है, जबकि अल्पकालिक भागीदारी में कोई वित्तीय प्रतिबद्धता नहीं होगी।
अधिदेश
- बोर्ड गाज़ा पट्टी में एक संक्रमणकालीन फ़िलिस्तीनी तकनीकी प्रशासन की देखरेख करेगा, जिसे गाजा के प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति (NCAG) कहा जाएगा।
- बोर्ड का अधिदेश हमास को निरस्त्र करने और अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल(ISF) की तैनाती की देखरेख करना भी शामिल है। यह एक बहुराष्ट्रीय शांति मिशन होगा, जिसका कार्य सुरक्षा बनाए रखना और नई फ़िलिस्तीनी पुलिस बल को प्रशिक्षित करना होगा।
स्रोत: ET
कैबिनेट द्वारा अटल पेंशन योजना (APY) के निरंतरता को स्वीकृति प्रदान
पाठ्यक्रम: GS2/कल्याणकारी योजनाएँ
संदर्भ
- प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की स्वीकृति दी है, साथ ही प्रचार-प्रसार, विकासात्मक गतिविधियों और अंतर वित्तपोषण के लिए धनराशि समर्थन का विस्तार किया है।
अटल पेंशन योजना (APY) के बारे में
- प्रारंभ : APY को 2015 में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
- लक्षित समूह: प्रारंभ में यह योजना 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध थी।
- 1 अक्टूबर 2022 से आयकर दाता इस योजना में शामिल होने के पात्र नहीं हैं।
- योजना की विशेषताएँ : APY 60 वर्ष की आयु से प्रति माह ₹1,000 से ₹5,000 तक की न्यूनतम पेंशन की गारंटी देता है, जो योगदान पर आधारित है।
- प्रशासनिक निकाय : इसे पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा प्रशासित किया जाता है।
- यह राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) ढाँचे के अंतर्गत संचालित है।
- प्रगति : जनवरी 2026 तक 8.66 करोड़ से अधिक ग्राहकों को शामिल किया गया है, जिससे APY भारत की समावेशी सामाजिक सुरक्षा संरचना का आधारस्तंभ बन गया है।
- विस्तार की आवश्यकता : योजना की स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु निरंतर सरकारी समर्थन आवश्यक है, ताकि जागरूकता, क्षमता निर्माण और व्यवहार्यता अंतर को समाप्त करने का कार्य जारी रह सके।
स्रोत: PIB
कलाड़ी को उन्नत खाद्य प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विकसित किया जाएगा
पाठ्यक्रम: GS3/ खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र
संदर्भ
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर के उधमपुर ज़िले के पारंपरिक दुग्ध उत्पाद कलाड़ी को उन्नत करने का निर्देश दिया है।
- यह पहल वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के अनुरूप है, जिससे मूल्य संवर्धन सुनिश्चित हो सके।
कलाड़ी के बारे में
- कलाड़ी एक पारंपरिक दुग्ध उत्पाद है, जिसे कच्चे पूर्ण-वसा दूध से बनाया जाता है और इसमें मट्ठा जल (whey water) का उपयोग जमावटकारी (coagulant) के रूप में किया जाता है।
- यह अपने दुग्धीय स्वाद, खिंचावदार बनावट और मुलायम अनुभव के लिए प्रसिद्ध है, जिसे प्रायः “जम्मू का मोत्ज़ारेला” कहा जाता है।
- इसे भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी आर्थिक और सांस्कृतिक महत्ता बढ़ी है।
मुख्य चुनौतियाँ
- बहुत कम शेल्फ-लाइफ, विशेषकर गैर-शीतित परिस्थितियों में, जिससे व्यापक बाज़ार तक पहुँच सीमित होती है।
- मानकीकृत प्रसंस्करण विधियों का अभाव, क्योंकि इसकी तैयारी विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न होती है।
- पैकेजिंग, संरक्षण और विस्तार क्षमता में बाधाएँ, बिना पारंपरिक विशेषताओं को बदले।
स्रोत: PIB
जापान द्वारा काशिवाज़ाकी-कारिवा परमाणु ऊर्जा संयंत्र पुनः प्रारंभ
पाठ्यक्रम: GS1/ स्थान, GS3/ ऊर्जा
संदर्भ
- जापान ने 2011 फुकुशिमा आपदा के बाद प्रथम बार विश्व के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र काशिवाज़ाकी-कारिवा को पुनः चालू किया है।
- प्रारंभ में केवल एक रिएक्टर को पुनः प्रारंभ किया जाएगा, जबकि शेष इकाइयों के लिए अलग-अलग अनुमोदन आवश्यक होंगे।
परिचय
- स्थान : यह संयंत्र जापान के निइगाता प्रीफेक्चर (होंशू द्वीप) के काशिवाज़ाकी और कारिवा नगरों में जापान सागर के तट पर स्थित है।
- क्षमता : लगभग 8,200 मेगावाट, जिससे यह विश्व का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है।
- संचालक : टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (TEPCO)।
जापान का परमाणु ऊर्जा पर ध्यान
- जापान चीन, अमेरिका, भारत और रूस के बाद विश्व का पाँचवाँ सबसे बड़ा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जक है तथा आयातित जीवाश्म ईंधनों पर अत्यधिक निर्भर है।
- 2023 में जापान की लगभग 70% विद्युत की आवश्यकता कोयला, गैस और तेल से चलने वाले संयंत्रों द्वारा पूरी की गई।
- 2011 के भूकंप और सुनामी से पहले परमाणु ऊर्जा जापान की लगभग एक-तिहाई विद्युत उत्पन्न करती थी।
- फुकुशिमा के बाद लगाए गए सख्त सुरक्षा मानकों के पश्चात पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों में 14 रिएक्टरों ने पुनः संचालन प्रारंभ किया है।
- जापान का लक्ष्य 2040 तक नवीकरणीय ऊर्जा को शीर्ष ऊर्जा स्रोत बनाना है।
- योजना के अंतर्गत 2040 तक परमाणु ऊर्जा जापान की कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग 20% होगी, जो 2022 में 5.6% थी।
स्रोत: TH
C-295 विमान
पाठ्यक्रम: GS3/ रक्षा
समाचार में
- एयरबस–टाटा वडोदरा असेंबली लाइन से प्रथम ‘मेड इन इंडिया’ C-295 विमान सितंबर 2026 से पहले तैयार हो जाएगा, जो भारत-स्पेन रक्षा सहयोग की गहराई को दर्शाता है।
C-295 के बारे में
- यह एक बहुउद्देशीय, विश्वसनीय सामरिक परिवहन विमान है, जो सैनिकों/कार्गो परिवहन, समुद्री गश्त, निगरानी, चिकित्सीय निकासी और अग्निशमन में सक्षम है।
- यह 8 टन तक का भार या 70 सैनिकों को ले जा सकता है, 260 नॉट्स की गति से उड़ान भरता है और छोटे, कच्चे रनवे से भी संचालित हो सकता है।
- इसमें 13 घंटे की सहनशीलता, उत्कृष्ट संचालन क्षमता और ईंधन दक्षता है।
- एयरबस C-295 (पूर्व में CASA C-295) एक मध्यम दूरी का ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप सामरिक परिवहन विमान है, जिसे प्रारंभ में स्पेन की एयरोस्पेस कंपनी CASA द्वारा डिज़ाइन और निर्मित किया गया था, जो अब यूरोपीय बहुराष्ट्रीय एयरबस रक्षा और अंतरिक्ष का भाग है।
भारत के समझौते
- 2021 में भारत ने एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ ₹21,935 करोड़ का समझौता किया था, जिसके अंतर्गत 56 C-295 विमान खरीदे जाने थे।
- समझौते के अनुसार, एयरबस को चार वर्षों में सेविल, स्पेन की अंतिम असेंबली लाइन से पहले 16 विमान ‘फ्लाई-अवे’ स्थिति में देने थे और शेष 40 विमान भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किए जाने थे।
स्रोत: TH
मोज़ाम्बिक की अधिकार कार्यकर्ता को इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार
पाठ्यक्रम: विविध
संदर्भ
- मोज़ाम्बिक की अधिकार कार्यकर्ता और मानवतावादी ग्रासा माशेल को 2025 के लिए इंदिरा गांधी शांति, निरस्त्रीकरण और विकास पुरस्कार हेतु चुना गया है, जिसकी घोषणा इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा की गई।
- सुश्री माशेल को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, आर्थिक सशक्तिकरण एवं मानवीय कार्यों के क्षेत्र में उनके “पथ-प्रदर्शक कार्य” के लिए चुना गया है।
पुरस्कार के बारे में
- यह एक वार्षिक पुरस्कार है, जिसे भारत में इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा स्थापित किया गया है।
- यह पुरस्कार भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की स्मृति में 1986 में प्रारंभ किया गया था।
- यह उन व्यक्तियों या संगठनों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय समझ और शांति को बढ़ावा देने, नए अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था के विकास एवं लोकतंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- इस पुरस्कार में ₹1 करोड़ की नकद राशि, एक प्रशस्ति पत्र और एक ट्रॉफी शामिल होती है।
- श्रेणियाँ
- शांति : अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने और बनाए रखने के प्रयासों को मान्यता।
- निरस्त्रीकरण : सामूहिक विनाश के हथियारों को कम करने और समाप्त करने में योगदान की मान्यता।
- विकास : आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने वाले कार्यों को सम्मान।
- पुरस्कार समारोह : यह समारोह सामान्यतः 19 नवंबर को आयोजित होता है, जो इंदिरा गांधी की जयंती है।
स्रोत: TH
इज़राइल द्वारा वेस्ट बैंक चौकी नए बस्ती के रूप में पूर्णतः वैध
पाठ्यक्रम: GS1/समाचार में स्थान
संदर्भ
- इज़राइल ने वेस्ट बैंक की एक चौकी को यात्ज़िव नामक नई बस्ती के रूप में पूर्णतः वैध कर दिया है।
परिचय
- नव वैधीकृत यहूदी बस्ती यात्ज़िव वेस्ट बैंक में फ़िलिस्तीनी नगर बेइत सहौर के समीप स्थित है।
- यात्ज़िव की मान्यता निवासियों और स्थानीय नेताओं द्वारा वर्षों के समर्थन के बाद प्रदान की गई।
- यात्ज़िव की स्थापना उस समय हुई है जब बस्ती नीति पर चल रही परिचर्चा इज़राइल-फ़िलिस्तीन संबंधों में एक केंद्रीय मुद्दा बनी हुई है।
वेस्ट बैंक
- वेस्ट बैंक जॉर्डन नदी के पश्चिम में स्थित है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम में इज़राइल, पूर्व में जॉर्डन और दक्षिण-पश्चिम में यरूशलेम से लगती हैं।
- प्रमुख नगरों में रामल्ला (फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण की प्रशासनिक राजधानी), हेब्रोन, नब्लस, जेनिन और बेथलहम शामिल हैं।

ऐतिहासिक घटनाएँ
- 1948: अरब-इज़राइल युद्ध के बाद वेस्ट बैंक पर जॉर्डन ने नियन्त्रण कर लिया और बाद में (1949–1967) इसे स्वयं में मिला लिया।
- 1967: छह-दिवसीय युद्ध के दौरान इज़राइल ने वेस्ट बैंक को जॉर्डन से आधिपत्य स्थापित कर लिया और तब से यह विभिन्न स्तरों पर इज़राइली नियंत्रण में है।
- 1993–1995 ओस्लो समझौते (Oslo Accords): इन समझौतों ने फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) का गठन किया और वेस्ट बैंक को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया:
- क्षेत्र A: पूर्ण फ़िलिस्तीनी नागरिक और सुरक्षा नियंत्रण।
- क्षेत्र B: फ़िलिस्तीनी नागरिक नियंत्रण और संयुक्त इज़राइली–फ़िलिस्तीनी सुरक्षा।
- क्षेत्र C: पूर्ण इज़राइली नियंत्रण (लगभग 60% वेस्ट बैंक)।
- फ़िलिस्तीनी, वेस्ट बैंक (जिसे इज़राइल ने 1967 में कब्ज़ा किया था) को भावी राज्य का भाग मानते हैं।
स्रोत: TH
तांत्या मामा भील
पाठ्यक्रम: GS1/इतिहास
संदर्भ
- जनजातीय गौरव दिवस पर खरगोन में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी तांत्या मामा भील की प्रतिमा की स्थापना प्रशासन के लिए असहज स्थिति का कारण बनी, क्योंकि नियोजित संगमरमर या धातु की प्रतिमा के स्थान पर फाइबर-रीइन्फोर्स्ड पॉलिमर (FRP) की प्रतिमा स्थापित कर दी गई।
तांत्या मामा भील के बारे में
- जन्म: 1840, बड्डा गाँव, खंडवा ज़िला (मध्य प्रदेश)।
- मूल नाम: तांत्या भील।
- उन्हें “तांत्या” नाम (अर्थात् योद्धा) ब्रिटिश शासन के विरुद्ध उनके प्रारंभिक प्रतिरोध के कारण मिला।
- प्रेरणा: उन्होंने 1857 के विद्रोह के नेता तात्या टोपे को आदर्श माना और उनसे गुरिल्ला युद्धकला अपनाई।
- तांत्या भील ने ब्रिटिश लक्ष्यों, जिनमें रेलगाड़ियाँ भी शामिल थीं, पर तीव्र हमले किए और लूटी गई संपत्ति गरीबों में बाँट दी, जिससे उन्हें “रॉबिन हुड” जैसी छवि मिली।
- उनकी त्वरित हमला करने और तुरंत गायब हो जाने की क्षमता ने उन्हें ब्रिटिश प्रशासन के लिए स्थायी चुनौती बना दिया।
- सशस्त्र प्रतिरोध से परे, उन्होंने गरीबों की सहायता, महिलाओं की मदद, निर्धन कन्याओं के विवाह की व्यवस्था और संकट के समय जनता के साथ खड़े होकर महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका निभाई। जनता से इस गहरे जुड़ाव ने उन्हें “मामा” (चाचा/अंकल) की उपाधि दिलाई।
शहादत : 4 दिसंबर 1889 को ब्रिटिशों ने तांत्या भील को फाँसी दे दी। बाद में उनका शव खंडवा रेलवे लाइन पर पातालपानी स्टेशन के समीप फेंक दिया गया।
क्या आप जानते हैं?
- मध्य प्रदेश की जनसंख्या में जनजातीय समुदाय लगभग 21% है, जो भारतीय राज्यों में सबसे अधिक है।
- तांत्या भील भील समुदाय से थे, जो राज्य की 1.53 करोड़ जनजातीय जनसंख्या का लगभग 40% हिस्सा है।
स्रोत: IE