- राष्ट्रीय रक्षा उद्योग सम्मेलन (2026) में भारत के रक्षा मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि भारत को अपनी रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने हेतु आत्मनिर्भर ड्रोन निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना चाहिए।
- मानवरहित हवाई वाहन (UAV) अथवा मानवरहित विमान प्रणाली (UAS), जिसे सामान्यतः ड्रोन कहा जाता है, ऐसा विमान है जिसमें कोई मानव पायलट, चालक दल या यात्री नहीं होता। इसे या तो दूरस्थ रूप से नियंत्रित किया जाता है अथवा यह स्वायत्त रूप से संचालित होता है।
- उद्योग अनुमानों के अनुसार, वैश्विक ड्रोन बाज़ार का मूल्य 2025 में 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है और 2030 तक यह 90–100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने की संभावना है। इसका प्रमुख कारण कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वचालन और 5G एकीकरण का तीव्र अपनाना है। Read More
भारत का ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता हेतु प्रयास
संदर्भ
परिचय