संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव
पाठ्यक्रम: GS2/अंतर्राष्ट्रीय संगठन
संदर्भ
- आगामी संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव जारी है।
महासचिव के रूप में भूमिका
- महासचिव संयुक्त राष्ट्र का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो सचिवालय के कार्यों की देखरेख करता है और संगठन के प्रमुख अंगों द्वारा सौंपे गए अन्य कार्यों का निर्वहन करता है।
- c
- उन्हें प्रायः विश्व का “मुख्य राजनयिक” कहा जाता है, जो अंतरिक्ष में हथियारों की दौड़, जलवायु परिवर्तन और स्थायी असमानता जैसे मुद्दों पर विश्व की अंतरात्मा के रूप में बोलते हैं।
- चुनाव: महासचिव को महासभा द्वारा सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर नियुक्त किया जाता है।
- इसका अर्थ है कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य (चीन, फ्रांस, रूस, यू.के., और यू.एस.) चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- यद्यपि कार्यकाल तकनीकी रूप से “विवेकाधीन” है, 1981 से पदधारियों ने स्वेच्छा से स्वयं को दो कार्यकाल तक सीमित रखा है।
- परंपरा के अनुसार यह पद पाँच क्षेत्रों में घूमता है: अफ्रीका, एशिया, पूर्वी यूरोप, पश्चिमी यूरोप, और लैटिन अमेरिका व कैरेबियन।
स्रोत: TH
यूरोपीय संघ–मर्कोसुर व्यापार समझौता
पाठ्यक्रम: GS2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध
समाचार में
- यूरोपीय संघ (EU) और मर्कोसुर ने लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते को लागू करना शुरू कर दिया है, जो 1 मई से अस्थायी रूप से लागू हुआ है, यद्यपि राजनीतिक और कानूनी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
मर्कोसुर
- यह दक्षिणी साझा बाज़ार है, जिसकी स्थापना 1991 में वस्तुओं, सेवाओं, पूँजी और लोगों की मुक्त आवाजाही के उद्देश्य से हुई थी।
- जनवरी 1995 में यह एक सीमा शुल्क संघ बन गया।
- इसके सदस्य: अर्जेंटीना, ब्राज़ील, पराग्वे और उरुग्वे।
- वेनेज़ुएला 2012 में जुड़ा, परंतु 2017 में निलंबित कर दिया गया।
- बोलीविया का प्रवेश प्रोटोकॉल 2015 में हस्ताक्षरित हुआ और जुलाई 2024 में अनुमोदन पत्र सौंपा गया।
- इसे 4 वर्षों में ब्लॉक के नियमों को अपनाना होगा।
EU–मर्कोसुर व्यापार समझौता
- मर्कोसुर EU की 91% वस्तुओं पर शुल्क समाप्त करेगा।
- EU मर्कोसुर की 92% वस्तुओं पर शुल्क समाप्त करेगा।
- कार, औषधि और कृषि-खाद्य उत्पादों पर तत्काल शुल्क कटौती होगी।
- कृषि क्षेत्र में EU की कृषि-खाद्य निर्यात में वृद्धि होगी।
- 344 EU भौगोलिक संकेतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
- समर्थक: जर्मनी और स्पेन का मानना है कि यह समझौता अमेरिका के शुल्कों से हुए नुकसान की भरपाई करेगा और चीन पर निर्भरता कम करेगा।
- आलोचक: फ्रांस और अन्य का कहना है कि इससे सस्ता गोमांस और चीनी आयात बढ़ेगा, जिससे घरेलू किसानों को हानि होगी पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे वर्षावन विनाश बढ़ेगा।
भारत–मर्कोसुर PTA
- भारत का मर्कोसुर के साथ सीमित वरीयता व्यापार समझौता (PTA) है, जो केवल 450 वस्तुओं को कवर करता है। EU–मर्कोसुर समझौता भारत को अपने “व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते” (CEPA) को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकता है।
स्रोत: TH
पूर्व जोखिम और प्रतिफल सत्यापन एजेंसी (PaRRVA)
पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने वित्तीय बाज़ारों में पारदर्शिता और निवेशक संरक्षण बढ़ाने हेतु “पूर्व जोखिम और प्रतिफल सत्यापन एजेंसी (PaRRVA) को क्रियान्वित किया है।
संस्थागत ढाँचा
- SEBI ने अप्रैल 2025 में PaRRVA हेतु नियामक संरचना और परिचालन दिशानिर्देश जारी किए।
- CARE रेटिंग्स लिमिटेड को प्रथम PaRRVA निकाय मान्यता दी गई है।
- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड PaRRVA डेटा सेंटर (PDC) के रूप में कार्य करेगा।
PaRRVA क्या है?
- यह SEBI-नियंत्रित सत्यापन तंत्र है, जिसका उद्देश्य है:
- बाज़ार मध्यस्थों के पिछले जोखिम और रिटर्न प्रदर्शन का प्रमाणीकरण।
- रिटर्न प्रस्तुत करने की पद्धति का मानकीकरण।
- निवेशकों को विश्वसनीय, तुलनीय और पारदर्शी डेटा उपलब्ध कराना।
- अनिवार्य पंजीकरण और अनुपालन: निवेश सलाहकारों और अनुसंधान विश्लेषकों को तीन माह के भीतर PaRRVA में पंजीकरण करना होगा।
- दो वर्ष की संक्रमण अवधि के बाद केवल PaRRVA-प्रमाणित प्रदर्शन डेटा का सार्वजनिक संचार में उपयोग किया जा सकेगा।
- महत्व: निवेशकों को सत्यापित और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध होगी।
- गलत जानकारी और गलत बिक्री से जुड़े जोखिम कम होंगे।
- विज्ञापनों में उपयोग: बाज़ार मध्यस्थ PaRRVA-प्रमाणित प्रदर्शन आँकड़ों का विज्ञापनों में उपयोग कर सकते हैं, जिससे प्रचार दावे विश्वसनीय और SEBI विनियमों के अनुरूप होंगे।
स्रोत: AIR
प्रोसोपिस जूलिफ्लोरा
पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
संदर्भ
- कच्छ के बन्नी घासभूमि में दशकों से जैव विविधता के लिए खतरा बनी प्रोसोपिस जूलिफ्लोरा को अब मेथनॉल में परिवर्तित किया जाएगा।
परिचय
- प्रोसोपिस जूलिफ्लोरा को विश्व की “शीर्ष 100 आक्रामक प्रजातियों” में शामिल किया गया है।
- इसे शीघ्र ही हरित मेथनॉल और समुद्री जहाज़ों के ईंधन उत्पादन हेतु उपयोग में लाया जाएगा।
- इस पौधे को पहली बार ब्रिटिशों ने 1920 के दशक में दिल्ली को हरित बनाने के लिए लगाया था।
- गुजरात वन विभाग ने 1961 में इसे रण के फैलते हुए लवणीय मरुस्थल को रोकने के लिए लगाया।
- अब यह खरपतवार भारत के पहले हरित मेथनॉल उत्पादन संयंत्र का कच्चा माल बनेगा।
स्रोत: TH
मानव जीनोम डिकोडर का निधन
पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
समाचार में
- मानव जीनोम को डिकोड करने वाले प्रमुख वैज्ञानिक जे. क्रेग वेंटर का 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
मानव जीनोम
- मानव जीनोम प्रत्येक कोशिका के नाभिक में पाया जाने वाला DNA का संपूर्ण सेट है।
- इसमें लगभग 3.05 अरब बेस पेयर्स होते हैं, जो चार रासायनिक आधारों—एडेनिन (A), थाइमिन (T), साइटोसिन (C), और ग्वानिन (G)—से बने होते हैं।
- जीनोम अनुक्रमण इन बेस पेयर्स के क्रम को निर्धारित करने की प्रक्रिया है।
- इसका उपयोग चिकित्सा और सार्वजनिक स्वास्थ्य में आनुवंशिक रोगों की पहचान, रोग जोखिम का पता लगाने और प्रसवपूर्व स्क्रीनिंग में किया जाता है।
- यह CRISPR आधारित जीन संपादन, कैंसर की प्रारंभिक पहचान हेतु लिक्विड बायोप्सी और बड़े पैमाने पर जनसंख्या अध्ययन जैसी तकनीकों को सक्षम बनाता है।
- संक्रामक रोग नियंत्रण में भी यह उपयोगी है। COVID-19 महामारी के दौरान वायरस के जीनोम का त्वरित अनुक्रमण निदान, वैरिएंट निगरानी और टीका विकास में सहायक रहा।
मानव जीनोम परियोजना
- मानव जीनोम परियोजना, जिसे 1990 में प्रारंभ किया गया था, ने 2003 में लगभग पूर्ण मानव जीनोम अनुक्रम प्रस्तुत किया और 2023 में इसका परिष्कृत संस्करण जारी किया गया, जिसमें लगभग 0.3% अनिश्चितता शेष रही।
- यह एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पहल थी, जिसका उद्देश्य संपूर्ण मानव जीनोम का मानचित्रण और अनुक्रमण करना था।
- 2003 तक, इसने जीनोम के 90% से अधिक हिस्से को कवर करने वाला अनुक्रम तैयार किया, जो उस समय की तकनीक से संभव सबसे पूर्ण संस्करण था।
- इस परियोजना ने विज्ञान में खुले डेटा साझा करने को बढ़ावा दिया और आनुवंशिक जानकारी से संबंधित चिंताओं के कारण जैव-चिकित्सीय अनुसंधान में नैतिक मानकों को सुदृढ़ किया।
क्या आप जानते हैं?
- ‘जीनोमइंडिया’ (GENOMEINDIA), जिसे भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्तपोषित किया गया है, ने देशभर के सभी प्रमुख जनसंख्या समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले 10,000 से अधिक व्यक्तियों का संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण (WGS) डेटाबेस पूरा कर लिया है।
- जीनोमइंडिया डेटा भारत सरकार की वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह भारत तथा विश्व में स्वास्थ्य एवं विज्ञान को पुनः आकार देने की दिशा में अग्रसर है। यह सतत विकास को प्रोत्साहित करेगा, क्योंकि यह राष्ट्रीय आनुवंशिक संसाधन ज्ञान को लोकतांत्रिक और व्यापक रूप से प्रसारित करता है।
स्रोत: IE
विमानन टरबाइन ईंधन (ATF)
पाठ्यक्रम: GS3/ऊर्जा
संदर्भ
- इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइनों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ने सरकार से ATF की मूल्य निर्धारण सूत्र की समीक्षा करने का आग्रह किया है, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट के बीच वैश्विक कीमतें बढ़ रही हैं।
भारत में ATF मूल्य निर्धारण की अर्थव्यवस्था
- भारत में ATF का मूल्य आयात समानता मूल्य निर्धारण (IPP) पर आधारित है।
- यद्यपि इसका बड़ा हिस्सा घरेलू रिफाइनरियों द्वारा उत्पादित होता है, फिर भी कीमतें अंतर्राष्ट्रीय मानकों से जुड़ी रहती हैं।
- ATF भारतीय एयरलाइनों के परिचालन व्यय का लगभग 40% है, जो वैश्विक औसत से कहीं अधिक है।
- ATF GST से बाहर है और उस पर उच्च राज्य VAT (30% तक) लगता है।
ATF के बारे में
- यह गैस-टरबाइन इंजनों में प्रयुक्त उच्च-प्रदर्शन पेट्रोलियम डिस्टिलेट है।
- यह रंगहीन, केरोसीन-आधारित ईंधन है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों के अनुरूप परिष्कृत किया जाता है।
सतत विमानन ईंधन (SAF)
- SAF पारंपरिक जेट ईंधन के लगभग समान है।
- इसे 50% तक मिश्रित कर वर्तमान विमान इंजनों और हवाई अड्डा अवसंरचना में बिना किसी संशोधन के उपयोग किया जा सकता है।
स्रोत: IE
पंचायती प्रगति सूचकांक (PAI) 2.0 रिपोर्ट
पाठ्यक्रम: विविध
संदर्भ
- पंचायती राज मंत्रालय ने 24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर PAI 2.0 रिपोर्ट (वित्त वर्ष 2023–24) जारी की।
प्रमुख निष्कर्ष
- 97.3% भागीदारी: 33 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 2.59 लाख ग्राम पंचायतों ने सत्यापित डेटा प्रस्तुत किया।
- 3,635 पंचायतें अग्रणी (Front Runners) के रूप में वर्गीकृत।
- 1.18 लाख पंचायतें (≈45.7%) प्रदर्शनकर्ता (Performer) श्रेणी में।
- शीर्ष प्रदर्शन विषय:
- गरीबी-मुक्त एवं आजीविका संवर्धन।
- स्वस्थ पंचायतें।
PAI 2.0 के बारे में
- यह भारत का प्रथम राष्ट्रव्यापी डेटा-आधारित ढाँचा है, जो ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन करता है।
- इसमें 150 संकेतक और 230 डेटा बिंदु शामिल हैं।
- यह सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के अनुरूप है।
- नौ प्रमुख क्षेत्रों में मूल्यांकन करता है: गरीबी, स्वास्थ्य, बाल कल्याण, जल, पर्यावरण, अवसंरचना, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला सशक्तिकरण।
- पंचायतों को पाँच श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:
- अचीवर (A+): 90 और उससे ज़्यादा।
- फ्रंट रनर (A): 75 से कम 90।
- परफॉर्मर (B): 60 से कम 75।
- एस्पिरेंट (C): 40 से कम 60।
- बिगिनर (D): 40 से कम।
स्रोत: PIB
Previous article
भारत में महिलाएँ और पुरुष 2025’ रिपोर्ट
Next article
संक्षिप्त समाचार 01-05-2026