पाठ्यक्रम: GS2/स्वास्थ्य
संदर्भ
- भारत दूरदर्शी शासन, सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा और सुदृढ़ अवसंरचना के माध्यम से एक वैश्विक स्वास्थ्य नेता के रूप में उभर रहा है, जिसका लक्ष्य 2047 तक समृद्ध विकसित भारत का निर्माण है।
भारत की स्वास्थ्य सेवा की वर्तमान स्थिति
- भारत सुदृढ़ सरकारी नेतृत्व, विस्तृत स्वास्थ्य अवसंरचना और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज पर ध्यान केंद्रित करके एक वैश्विक स्वास्थ्य महाशक्ति के रूप में उभरा है।
- प्रमुख योजनाएँ सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा, निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ और रियायती दवाएँ प्रदान करती हैं, ताकि सभी को, विशेषकर कमजोर वर्गों को, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सके।
- देश की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।

- भारत का औषधि क्षेत्र (वॉल्यूम के आधार पर विश्व में तीसरा सबसे बड़ा) सस्ती दवाएँ विश्वभर में उपलब्ध कराता है, जिसमें COVID-19 टीके भी शामिल हैं।
- तीव्र गति से बढ़ता बायोफार्मास्यूटिकल उद्योग सार्वजनिक निवेश और निजी नवाचार से समर्थित है।
- मेडिकल टूरिज़्म में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है: 2009 में लगभग 1,12,000 आगंतुकों से बढ़कर 2024 में 6,00,000 से अधिक।
- इस क्षेत्र को सुदृढ़ करने हेतु केंद्रीय बजट 2026–27 में पाँच एकीकृत मेडिकल हब की घोषणा की गई है, जिनमें उन्नत डायग्नोस्टिक्स और पुनर्वास सेवाएँ शामिल होंगी।
कदम और प्रगति
- आयुष्मान भारत (AB) योजना – सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हेतु भारत की प्रमुख पहल, जो सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर जनसंख्या को लक्षित करती है। इसमें चार प्रमुख घटक हैं:
- AB-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY): विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना। प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक की कवरेज, 12 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ, 43.4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी।
- बजट 2026–27 में कवरेज विस्तार और सेवाओं में सुधार हेतु ₹9,500 करोड़ (~$1.05 बिलियन USD) आवंटित।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAMs): उन्नत उप-स्वास्थ्य एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, जो समुदायों के निकट निवारक, प्रोत्साहक और सामान्य स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करते हैं।
- देशभर में 1,84,235 AAMs, जिनमें आदिवासी और आकांक्षी जिलों में व्यापक कवरेज।
- टेली-परामर्श, योग सहित वेलनेस कार्यक्रम, तथा उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मुख एवं स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग।
- प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM): बुनियादी स्तर से जिला स्तर तक स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करता है।
- इसमें AAMs, ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयाँ, एकीकृत जिला प्रयोगशालाएँ और क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉक शामिल।
- महामारी तैयारी हेतु वास्तविक समय रोग निगरानी प्रणाली का विकास।
- 2021–26 के लिए ₹32,928.82 करोड़ (~$3.63 बिलियन USD) स्वीकृत।
- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM): नागरिक-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र।
- प्रत्येक नागरिक को विशिष्ट स्वास्थ्य ID (ABHA) प्रदान, जिसमें सुरक्षित रूप से चिकित्सा अभिलेख संग्रहीत।
- 86.3 करोड़ से अधिक ABHA IDs निर्मित।
- टेली-परामर्श एवं अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध।
- Tele MANAS: बहुभाषी 24×7 मानसिक स्वास्थ्य सहायता।
- AB-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY): विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना। प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक की कवरेज, 12 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ, 43.4 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी।
- ड्रोन-आधारित चिकित्सा सेवाएँ (i-DRONE): दूरस्थ एवं उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में टीके, TB एवं पैथोलॉजिकल नमूने, रक्त उत्पाद और अन्य आवश्यक आपूर्ति पहुँचाने हेतु पायलट परियोजनाएँ।
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM): ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य मिशन सहित, रोग-निवारण, मातृ एवं शिशु देखभाल, किशोर स्वास्थ्य, संक्रामक/असंक्रामक रोग प्रबंधन को सुदृढ़ करता है।
- UIP: ~2.67 करोड़ नवजात शिशुओं और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क टीके।
- HPV टीकाकरण (2026): 14 वर्षीय लड़कियों हेतु एकल-खुराक गार्डासिल-4, ~1.15 करोड़ लड़कियों को कवर।
- मिशन इंद्रधनुष: छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को लक्षित। शून्य-खुराक बच्चों में कमी: 0.11% (2023) से 0.06% (2024)।
- उपलब्धियाँ एवं अवसंरचना
- COVID-19: 2.2 अरब खुराकें प्रशासित।
- मातृ मृत्यु अनुपात: 1990 से 83% कमी।
- 5 वर्ष से कम आयु मृत्यु दर: 1990 से 75% कमी।
- TB घटनाएँ: 2015–2023 में 237 से घटकर 195 प्रति 100,000।
- डायलिसिस, सिकल सेल स्क्रीनिंग, खसरा-रूबेला टीकाकरण और तंबाकू नियंत्रण में उल्लेखनीय प्रगति।
- AI एकीकरण (SAHI 2026):
- TB, डायबिटिक आई स्क्रीनिंग, इलेक्ट्रॉनिक प्रिस्क्रिप्शन में पूर्वानुमान विश्लेषण।
- स्वास्थ्य सेवा वितरण में दक्षता और सक्रिय देखभाल।
- सस्ती दवाएँ:
- प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP): 17,990 आउटलेट्स, 2,000+ दवाएँ 50–90% कम कीमत पर, ~₹30,000 करोड़ (~$3.31B USD) की बचत।
- AMRIT फार्मेसी: तृतीयक देखभाल दवाओं और शल्य उत्पादों पर केंद्रित; 255 आउटलेट्स।
- फार्मास्यूटिकल एवं बायोफार्मा नेतृत्व:
- भारत: विश्व का तीसरा सबसे बड़ा औषधि उत्पादक।
- वैश्विक जेनेरिक्स का 20% और एंटी-रेट्रोवायरल्स का 70% आपूर्ति।
- बायोफार्मा शक्ति एवं राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन: घरेलू बायोलॉजिक्स, क्लिनिकल ट्रायल्स और नवाचार को बढ़ावा।
- उदाहरण: पहला DNA COVID टीका ZyCoV-D, MRI स्कैनर, बायोसिमिलर्स।
- स्वास्थ्य शिक्षा विस्तार:
- 23 AIIMS संस्थान, 2,045 मेडिकल कॉलेज (780 एलोपैथी, 323 डेंटल, 942 आयुष)।
- MBBS सीटें 130% वृद्धि (51,348 → 1,18,190)।
- स्नातकोत्तर सीटें 138% वृद्धि (31,185 → 74,306)।
चुनौतियाँ
- सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय GDP का 2% से कम, जबकि बार-बार आवंटन बढ़ाने की प्रतिबद्धता।
- अवसंरचना एवं कार्यबल की कमी: ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल बेड, उपकरण, प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स की कमी।
- शहरी-ग्रामीण स्वास्थ्य असमानता।
- निजी क्षेत्र का प्रभुत्व, जिसके कारण उच्च आउट ऑफ़ पॉकेट व्यय।
- मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर जैसे बढ़ते असंक्रामक रोग स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव डाल रहे हैं।
निष्कर्ष
- सरकारी पहल, डिजिटल नवाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से भारत की स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय रूपांतरण हुआ है, जिससे पहुँच एवं वहनीयता में सुधार हुआ है।
- फिर भी, वित्तपोषण, अवसंरचना और समानता की चुनौतियाँ बनी हुई हैं। सार्वभौमिक एवं सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने हेतु सतत निवेश आवश्यक है।
Source :PIB
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