भारत द्वारा मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) के माध्यम से वैश्विक व्यापार के दो-तिहाई हिस्से तक वरीयतापूर्ण पहुँच सुनिश्चित 

पाठ्यक्रम: GS3/ अर्थव्यवस्था

संदर्भ

  • केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत अब मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) की श्रृंखला के माध्यम से वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक वरीयतापूर्ण व्यापार पहुँच का आनंद ले रहा है।

मुक्त व्यापार समझौता (FTA)

  • FTA दो या अधिक देशों या व्यापारिक समूहों के बीच ऐसी व्यवस्था है जिसमें वे आपसी व्यापार पर लगने वाले सीमा शुल्क और गैर-शुल्क अवरोधों को कम या समाप्त करने पर सहमत होते हैं।
    • इसमें वस्तुओं और सेवाओं दोनों को शामिल किया जा सकता है।
    • यह निवेश, पेशेवरों की आवाजाही और नियामक सहयोग जैसे मुद्दों को भी संबोधित करता है।
  • भारत विभिन्न प्रकार के व्यापार समझौतों की गहराई और दायरे को अलग-अलग शब्दों से व्यक्त करता है:
    • CECA/CEPA (व्यापक आर्थिक सहयोग/साझेदारी समझौता):वस्तुएँ, सेवाएँ, निवेश, बौद्धिक संपदा और नियामक मुद्दे शामिल।
    • ECTA (आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता)
    • TEPA (व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता)
    • CETA (व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता)
  • भारत ने लगभग 70% वैश्विक GDP और व्यापार प्रवाह वाले बाजारों तक वरीयतापूर्ण शुल्क पहुँच प्राप्त कर ली है। भारत के अब 38 उच्च-आय वाले देशों के साथ व्यापारिक समझौते हैं, जो इसकी निर्यात क्षमता के अनुरूप हैं।

हाल के वर्षों में प्रमुख FTA

  • भारत–UAE CEPA (2022): 99% शुल्क लाइनों को खोला गया, लगभग सभी उपभोक्ता और औद्योगिक निर्यात पर शून्य शुल्क। सेवाओं एवं जनशक्ति की आवाजाही का विस्तार।
  • भारत–ऑस्ट्रेलिया ECTA (2022): भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सभी निर्यातों पर शुल्क समाप्त।
  • भारत–EFTA TEPA (2024): स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टाइन के साथ समझौता, 2025 से लागू।
  • भारत–UK CETA (2025): ब्रिटेन को भारत के लगभग 99% निर्यात पर शुल्क-मुक्त पहुँच।
  • भारत–ओमान CEPA (2025): ओमान ने 98.08% शुल्क लाइनों पर शून्य शुल्क दिया, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को कवर किया गया।
  • भारत–EU FTA (2026): EU की 97% शुल्क लाइनों को कवर किया गया (लगभग 99.5% व्यापार मूल्य)। भारत ने 70.4% शुल्क लाइनों पर शुल्क समाप्त किया।
    • EU समझौता अकेले ही वैश्विक व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है।

चल रही वार्ताएँ

  • GCC (ग़ल्फ़ सहयोग परिषद): फरवरी 2026 में वार्ता शुरू। इसमें सऊदी अरब, UAE, ओमान, क़तर, कुवैत और बहरीन शामिल।
  • इज़राइल: प्रथम दौर की वार्ता हो चुकी है।
  • चिली: 2025 में वार्ता शुरू करने हेतु टर्म ऑफ़ रेफरेंस पर हस्ताक्षर।
  • कनाडा: पहले बाधित हुई वार्ता को पुनः आरंभ किया गया।

भारत के विस्तृत FTA नेटवर्क का महत्व

  • तेज़ निर्यात वृद्धि : मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) साझेदार देशों में आयात शुल्क को कम या समाप्त कर देते हैं, जिससे भारतीय वस्तुएँ मूल्य के दृष्टिकोण से अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाती हैं।
  • वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (GVCs) में एकीकरण: FTAs सीमा-पार उत्पादन नेटवर्क में भागीदारी को आसान बनाते हैं, क्योंकि वे इनपुट लागत को कम करते हैं और व्यापार नियमों को सरल बनाते हैं।
    • भारतीय कंपनियाँ मध्यवर्ती वस्तुओं को कम शुल्क पर आयात कर सकती हैं और तैयार उत्पादों का प्रतिस्पर्धी निर्यात कर सकती हैं।
  • श्रम-प्रधान क्षेत्रों को लाभ : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) भारत के निर्यात का बड़ा हिस्सा हैं।
    • FTAs हस्तशिल्प, वस्त्र, चमड़े के सामान, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और हल्के इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे क्षेत्रों के लिए नए बाज़ार खोलते हैं।
  • प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का आकर्षण : FTAs स्थिर बाज़ार पहुँच और पूर्वानुमेय व्यापार नियम सुनिश्चित कर निवेशकों का विश्वास बढ़ाते हैं।
    • कंपनियाँ भारत में निवेश करती हैं ताकि इसे साझेदार देशों के लिए निर्यात आधार के रूप में उपयोग किया जा सके, जिससे प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल विकास और पूंजी प्रवाह को बढ़ावा मिलता है।

चिंताएँ

  • व्यापार असंतुलन का जोखिम: कुछ FTAs में आयात में निर्यात की तुलना में तीव्रता से वृद्धि हो, जिससे व्यापार घाटा बढ़ा।
    • उदाहरण: 2010 वस्तु समझौते के बाद ASEAN के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़ा।
  • घरेलू उद्योगों पर दबाव: सस्ते या तकनीकी रूप से श्रेष्ठ विदेशी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा का डर।
    • डेयरी, कृषि, ऑटोमोबाइल, इस्पात और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील।

आगे की राह

  • भारत का विस्तृत FTA नेटवर्क गहरे वैश्विक आर्थिक एकीकरण की दिशा में निर्णायक कदम है। वरीयतापूर्ण बाज़ार पहुँच सुनिश्चित कर भारत स्वयं को एक प्रमुख निर्यात केंद्र और आपूर्ति श्रृंखला भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है।
  •  यदि इसे घरेलू सुधारों और उद्योग की तैयारी के साथ जोड़ा जाए, तो ये समझौते भारत को अग्रणी वैश्विक व्यापार शक्ति और ट्रिलियन-डॉलर निर्यात अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य तक पहुँचा सकते हैं।

स्रोत: DD News

 

Other News of the Day

पाठ्यक्रम: GS2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध संदर्भ प्रधानमंत्री ने इज़राइल की आधिकारिक यात्रा की। ऐतिहासिक रूप से प्रथम बार, प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइली संसद कनेस्सेट को संबोधित किया, ऐसा करने वाले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री बने। प्रमुख परिणाम दोनों देशों ने अपने संबंधों को विशेष सामरिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर संयुक्त आयोग को...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/शासन; GS3/विज्ञान और प्रौद्योगिकी संदर्भ हाल ही में सम्पन्न इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 ने प्रदर्शित किया कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) भारत की विधिक पारिस्थितिकी को AI-संचालित शोध उपकरणों के माध्यम से तीव्र गति से रूपांतरित कर रही है। भारत की न्याय प्रणाली में AI का उपयोग सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालयों और...
Read More

पाठ्यक्रम: GS2/राजव्यवस्था और शासन संदर्भ हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कक्षा 8 की NCERT पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित अध्याय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है और अनुपालन न होने की स्थिति में ‘कठोर कार्रवाई’ की चेतावनी दी है। सर्वोच्च न्यायालय के अवलोकन मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने...
Read More

पाठ्यक्रम: GS3/ अर्थव्यवस्था संदर्भ अमेरिकी आव्रजन नीति में हालिया कठोरता ने उच्च कौशल वाले विदेशी श्रमिकों के लिए अनिश्चितता उत्पन्न की है, जिसके परिणामस्वरूप सरकार लक्षित पहलों एवं बेहतर अवसरों के माध्यम से अपने वैश्विक प्रतिभा को पुनः आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। अमेरिका में उच्च-कौशल प्रवासन में भारत की प्रधानता वित्तीय वर्ष...
Read More

पाठ्यक्रम:GS3/अर्थव्यवस्था समाचार में वित्त वर्ष 2026–27 के केंद्रीय बजट में एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे की घोषणा की गई है, जिसका प्रमुख नोड दुर्गापुर में होगा। इसका उद्देश्य आधुनिक, वैश्विक प्रतिस्पर्धी औद्योगिक केंद्रों और ग्रीनफील्ड निवेश क्षेत्रों का निर्माण करना है। देशभर में 11 औद्योगिक गलियारों की योजना बनाई गई है, जो उत्तर–दक्षिण और पूर्व–पश्चिम...
Read More

चंद्रशेखर आज़ाद पाठ्यक्रम: GS1/ आधुनिक इतिहास समाचार में प्रधानमंत्री ने क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद को उनकी शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। चंद्रशेखर आज़ाद के बारे में चंद्रशेखर आज़ाद महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका जन्म 23 जुलाई 1906 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के बदरका गाँव में हुआ था। उन्होंने महात्मा गांधी द्वारा आरंभ...
Read More
scroll to top