ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल शासन

पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

संदर्भ

  • ब्लॉकचेन इंडिया चैलेंज, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा प्रारंभ किया गया है, एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य दूरदर्शी भारतीय स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना है ताकि वे ब्लॉकचेन आधारित डिजिटल शासन समाधान प्रस्तुत कर सकें और उनका परीक्षण कर सकें।

ब्लॉकचेन क्या है?

  • ब्लॉकचेन एक वितरित, पारदर्शी, सुरक्षित और अपरिवर्तनीय डेटाबेस है, जो अभिलेखों या लेन-देन की लेज़र की तरह कार्य करता है। यह छेड़छाड़ से सुरक्षित रहता है और कंप्यूटरों के नेटवर्क पर सुलभ होता है।
  • ब्लॉकचेन के प्रकारों की समझ
    • पब्लिक ब्लॉकचेन: इस नेटवर्क में सभी नोड्स अभिलेखों तक पहुँच सकते हैं, लेन-देन सत्यापित कर सकते हैं, प्रूफ-ऑफ-वर्क कर सकते हैं और नए ब्लॉक्स जोड़ सकते हैं।
    • प्राइवेट ब्लॉकचेन: यह एक अनुमति-आधारित ब्लॉकचेन है, जो किसी संगठन के चयनित प्रतिभागियों तक सीमित होता है।
    • कंसोर्टियम ब्लॉकचेन: इस नेटवर्क में ब्लॉकचेन अर्ध-विकेन्द्रीकृत होता है, जिसे कई संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से डेटा प्रबंधन और सत्यापन हेतु संचालित किया जाता है।
    • हाइब्रिड ब्लॉकचेन: यह सार्वजनिक और निजी ब्लॉकचेन का मिश्रण है, जो चयनित डेटा तक पहुँच की अनुमति देता है।

शासन में ब्लॉकचेन की भूमिका

  • प्रमाणपत्र एवं दस्तावेज़ श्रृंखला: यह श्रृंखला शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जाति, आय, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज़ों के सुरक्षित निर्गमन, भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति की सुविधा देती है।
  • लॉजिस्टिक्स श्रृंखला: यह वस्तुओं को विभिन्न हितधारकों के बीच ट्रैक करने हेतु छेड़छाड़-रोधी और पारदर्शी मंच प्रदान करती है।
  • उदाहरण: कर्नाटक की औषध प्रणाली दवाओं को निर्माता से अस्पताल तक ट्रैक करती है, गुणवत्ता, समाप्ति तिथि और अनुरेखण की पुष्टि करती है, जिससे नकली दवाओं का जोखिम कम होता है।
  • भूमि अभिलेख एवं रियल एस्टेट: यह भूमि एवं संपत्ति लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, स्वामित्व एवं अधिकारों का सत्यापन संभव बनाता है, विवादों को न्यूनतम करता है और समाधान प्रक्रिया को तीव्र करता है।
  • उदाहरण: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने ब्लॉकचेन आधारित भूमि रजिस्ट्रियों का परीक्षण किया है, जहाँ प्रत्येक हस्तांतरण एक ब्लॉक के रूप में दर्ज होता है, जिससे अवैध नियन्त्रण या शीर्षक में हस्तक्षेप लगभग असंभव हो जाती है।
  • न्यायपालिका श्रृंखला: ब्लॉकचेन नोटिस, सम्मन और जमानत आदेशों की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी को सक्षम बनाता है, जिससे विलंब कम होते हैं तथा मैनुअल निर्भरता समाप्त होती है।
  • इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) आपराधिक न्याय पारिस्थितिकी तंत्र को एकीकृत करता है, जिससे मामले के अभिलेख, साक्ष्य एवं न्यायिक दस्तावेज़ों हेतु एकीकृत डिजिटल मंच सुनिश्चित होता है।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) एवं आपूर्ति श्रृंखला: ब्लॉकचेन खाद्यान्नों के विचलन और सब्सिडी श्रृंखला में “लीकेज” को समाप्त कर सकता है।
  • उदाहरण: 2026 तक, विश्व बैंक की फंड्सचेन पहल ने वैश्विक स्तर पर परियोजना निधियों को ट्रैक करने में सफलता प्रदर्शित की है। भारत में, ब्लॉकचेन एफसीआई गोदाम से राशन दुकान तक अनाज की बोरी को ट्रैक कर सकता है।
  • स्वास्थ्य डेटा अखंडता: यह खंडित रोगी अभिलेखों और नकली दवाओं की समस्या को समाप्त करेगा।
  • उदाहरण: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत, ब्लॉकचेन अस्पतालों को रोगी अभिलेख सुरक्षित रूप से साझा करने की अनुमति देगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि रोगियों के पास यह पूर्ण नियंत्रण हो कि उनके डेटा को कौन देख सकता है।

राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (NBF)

  • इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा विकसित, NBF को 2024 में ₹64.76 करोड़ के बजट प्रावधान के साथ प्रारंभ किया गया।
  • NBF का उद्देश्य अनुमति-आधारित ब्लॉकचेन अनुप्रयोगों के विकास और परिनियोजन को तीव्र करना है, जो भारत के लिए सुरक्षित, पारदर्शी एवं स्केलेबल डिजिटल अवसंरचना निर्माण की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

NBF के प्रमुख घटक

  • विश्वास्य ब्लॉकचेन स्टैक: यह एक स्वदेशी और मॉड्यूलर मंच है, जिसे शासन हेतु ब्लॉकचेन आधारित अनुप्रयोगों के निर्माण और परिनियोजन के लिए तकनीकी आधार प्रदान करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।
    • वितरित अवसंरचना: यह स्टैक भुवनेश्वर, पुणे और हैदराबाद स्थित NIC डेटा केंद्रों में परिनियोजित है, जिससे ब्लॉकचेन आधारित अनुप्रयोगों के लिए दोष-सहनशीलता, स्केलेबिलिटी एवं लचीलापन सुनिश्चित होता है।
    • अनुमति-आधारित ब्लॉकचेन परत: यह मंच अनुमति-आधारित ब्लॉकचेन पर निर्मित है, जिससे केवल सत्यापित और अधिकृत प्रतिभागी ही जुड़ सकते हैं या लेन-देन सत्यापित कर सकते हैं।
    • ओपन API एवं एकीकरण सेवाएँ: विश्वास्य प्रमाणीकरण और डेटा विनिमय हेतु ओपन API एवं एकीकरण मॉड्यूल प्रदान करता है।
  • NBFLite – स्टार्टअप्स एवं अकादमिक जगत हेतु ब्लॉकचेन सैंडबॉक्स: स्टार्टअप्स, अकादमिक संस्थानों और अनुसंधान संस्थानों के लिए शासन में ब्लॉकचेन अनुप्रयोगों का प्रोटोटाइप बनाने हेतु सैंडबॉक्स वातावरण।
  • प्रामाणिक: यह एक अभिनव समाधान है, जो मोबाइल अनुप्रयोगों की प्रामाणिकता और स्रोत सत्यापित करने हेतु ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करता है।

भारत में ब्लॉकचेन अपनाने की पहलें

  • ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता केंद्र (NIC): यह परामर्श, प्रशिक्षण और पायलट परियोजनाओं हेतु समर्थन प्रदान करता है, जिसमें हाइपरलेजर फैब्रिक, हाइपरलेजर सॉटूथ और एथेरियम जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाता है।
  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI): डिजिटल रुपया हेतु ब्लॉकचेन का उपयोग कर रहा है, जिससे ट्रेस करने योग्य, सुरक्षित और समावेशी डिजिटल भुगतान संभव हो सके।
  • भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI): नियामक अनुपालन और उपभोक्ता संरक्षण हेतु SMS प्रसारण को ट्रैक करने के लिए ब्लॉकचेन आधारित वितरित खाता प्रौद्योगिकीDLT) को एकीकृत किया है।
  • नेशनल सिक्योरिटीज़ डिपॉज़िटरी लिमिटेड (NSDL): डिबेंचर अनुबंध निगरानी हेतु वितरित लेजर प्रौद्योगिकी (डीएलटी)  आधारित ब्लॉकचेन मंच प्रस्तुत किया है, जो भारत के पूंजी बाज़ारों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

स्रोत: TH

 

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