- हाल ही के एक अध्ययन से पता चलता है कि वर्ष 2022 में पृथ्वी के ऊर्जा असंतुलन में वृद्धि मुख्यतः "ट्रिपल-डिप" ला नीना से गर्म एल नीनो की ओर संक्रमण तथा दीर्घकालिक जलवायु परिवर्तन के कारण हुई।
- पृथ्वी का ऊर्जा असंतुलन (EEI) उस अंतर को संदर्भित करता है जो आगत सौर विकिरण तथा निर्गत ऊष्मीय ऊर्जा के बीच विद्यमान रहता है। जब अवशोषित ऊष्मा की मात्रा उत्सर्जित ऊष्मा की अपेक्षा अधिक हो जाती है और पर्याप्त रूप से अंतरिक्ष में विकीर्ण नहीं हो पाती, तब वैश्विक तापमान में वृद्धि होने लगती है।
- वर्ष 2022 में EEI में वृद्धि ने 2023 की शुरुआत से वैश्विक तापमान में तेज़ उछाल को समझाया। Read More
ऊर्जा असंतुलन और एल नीनो की बदलती गतिशीलता
संदर्भ
पृथ्वी का ऊर्जा असंतुलन अध्ययन