पाठ्यक्रम: GS1/भूगोल
संदर्भ
- हाल ही के एक अध्ययन से पता चलता है कि वर्ष 2022 में पृथ्वी के ऊर्जा असंतुलन में वृद्धि मुख्यतः “ट्रिपल-डिप” ला नीना से गर्म एल नीनो की ओर संक्रमण तथा दीर्घकालिक जलवायु परिवर्तन के कारण हुई।
पृथ्वी का ऊर्जा असंतुलन अध्ययन
- पृथ्वी का ऊर्जा असंतुलन (EEI) उस अंतर को संदर्भित करता है जो आगत सौर विकिरण तथा निर्गत ऊष्मीय ऊर्जा के बीच विद्यमान रहता है। जब अवशोषित ऊष्मा की मात्रा उत्सर्जित ऊष्मा की अपेक्षा अधिक हो जाती है और पर्याप्त रूप से अंतरिक्ष में विकीर्ण नहीं हो पाती, तब वैश्विक तापमान में वृद्धि होने लगती है।
- वर्ष 2022 में EEI में वृद्धि ने 2023 की शुरुआत से वैश्विक तापमान में तेज़ उछाल को समझाया।
- “ट्रिपल डिप” का प्रभाव: ला नीना की अवस्था के दौरान उष्ण जल महासागर की गहराइयों में अधिक समय तक स्थित रहता है, जिसके परिणामस्वरूप समुद्र की सतह अपेक्षाकृत शीतल बनी रहती है और अंतरिक्ष की ओर कम ऊर्जा का उत्सर्जन करती है।
- यह असामान्य तीन-वर्षीय शीतलन चक्र एक प्रकार के “आवरण” के समान कार्य करता है, जो एल नीनो में संक्रमण के समय हट जाने पर संचित ऊष्मा को तीव्रता से ऊपर की ओर प्रवाहित होने की अनुमति देता है।
- वर्ष 2020 से 2023 के मध्य विश्व ने लगातार तीन ला नीना वर्षों का अनुभव किया, जिनके बीच कोई एल नीनो घटना नहीं हुई।
ENSO क्या है? (एल नीनो-दक्षिणी दोलन)
- ENSO भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्र सतह तापमान और वायुमंडलीय दबाव में आवधिक उतार-चढ़ाव है। इसके दो विपरीत चरण होते हैं: एल नीनो और ला नीना।
- ENSO भारतीय मानसून, चक्रवात पैटर्न, सूखा और बाढ़ तथा वैश्विक तापमान की अस्थिरता को प्रभावित करता है।
एल नीनो क्या है?
- एल नीनो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के मध्य-पूर्वी भाग में समुद्र के जल के गर्म होने की घटना है, जो प्रत्येक कुछ वर्षों में होती है।
- एल नीनो के दौरान, भूमध्यरेखीय प्रशांत में सतही तापमान बढ़ता है और व्यापारिक पवनें (पूर्व-पश्चिम दिशा की पवनें) कमजोर हो जाती हैं।
- प्रभाव: एल नीनो उत्तरी अमेरिका और कनाडा में शुष्क, उष्ण सर्दियाँ लाता है तथा अमेरिका के गल्फ तट और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों में बाढ़ का जोखिम बढ़ाता है।
- यह इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में सूखे का कारण भी बनता है।

ला नीना क्या है?
- ला नीना एल नीनो का विपरीत है। ला नीना के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र सतह तापमान (SST) औसत से शीत होता है।
- व्यापारिक पवनें सामान्य से अधिक प्रबल हो जाती हैं, जिससे गर्म जल एशिया की ओर धकेला जाता है।
- प्रभाव: इससे अमेरिका के दक्षिणी भाग में शुष्क परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं और कनाडा में भारी वर्षा होती है। यह ऑस्ट्रेलिया में भीषण बाढ़ से जुड़ा रहा है।
भारतीय मानसून पर प्रभाव
- एल नीनो वर्षों में भारत में तापमान अधिक और वर्षा कम होती है, जिससे कुछ क्षेत्रों में सूखा पड़ता है।
- यह कृषि, जल संसाधन और पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है।
- एल नीनो घटना के कारण 2023-24 (जुलाई-जून) फसल वर्ष में खाद्यान्न उत्पादन में 1.4% की कमी आई।
- ला नीना ठंडे समुद्र सतह तापमान लाता है, जिससे भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा में वृद्धि होती है।
स्रोत: TH
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संक्षिप्त समाचार 25-02-2026