भारत के प्रमुख बंदरगाहों द्वारा कार्गो लक्ष्य की प्राप्ति से अधिक प्रदर्शन
पाठ्यक्रम: GS3/ अवसंरचना
संदर्भ
- भारत के प्रमुख बंदरगाहों ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 915.17 मिलियन टन (MT) कार्गो का संचालन किया, जो निर्धारित 904 MT लक्ष्य से अधिक है और वर्ष-दर-वर्ष 7.06% की वृद्धि दर्ज की गई।
परिचय
- भारत में कुल 14 प्रमुख बंदरगाह हैं, जिनमें से 12 प्रमुख बंदरगाह वर्तमान में संचालित हैं, और देश में लगभग 200 गैर-प्रमुख (लघु) बंदरगाह हैं।
- नए बंदरगाह: महाराष्ट्र में वधावन बंदरगाह और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में गैलेथेया बे बंदरगाह को प्रमुख बंदरगाहों के रूप में अधिसूचित किया गया है।
- प्रशासनिक नियंत्रण: प्रमुख बंदरगाह पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं, जबकि गैर-प्रमुख बंदरगाह संबंधित राज्य समुद्री बोर्ड/राज्य सरकार के अधीन आते हैं।
भारत में कार्यरत प्रमुख बंदरगाह
| पश्चिमी तट के बंदरगाह | पूर्वी तट के बंदरगाह |
| दीेंदयाल बंदरगाह (कांडला, गुजरात) | पारादीप बंदरगाह (ओडिशा) |
| मुंबई बंदरगाह (महाराष्ट्र) | विशाखापट्टनम बंदरगाह (आंध्र प्रदेश) |
| जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीटी, महाराष्ट्र) | चेन्नई बंदरगाह (तमिलनाडु) |
| मोरमुगाओ बंदरगाह (गोवा) | कामराजार बंदरगाह (एन्नोर, तमिलनाडु) |
| न्यू मैंगलोर बंदरगाह (कर्नाटक) | श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह (कोलकाता–हल्दिया, पश्चिम बंगाल) |
| कोचीन बंदरगाह (केरल) | श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह (कोलकाता–हल्दिया, पश्चिम बंगाल) |
भारत के बंदरगाह क्षेत्र की प्रगति को आगे बढ़ाने वाली प्रमुख पहलें
- विधायी सुधार: मेजर पोर्ट अथॉरिटीज़ अधिनियम, 2021 प्रमुख बंदरगाहों को अधिक स्वायत्तता प्रदान करता है और सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) को प्रोत्साहित करता है।
- भारतीय पोर्ट अधिनियम, 2025 (1908 अधिनियम का स्थान लेते हुए) बंदरगाह विनियमन का आधुनिकीकरण करता है।
- बंदरगाह विकास और रखरखाव के लिए स्वचालित मार्ग के अंतर्गत 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति है।
- सागरमाला कार्यक्रम (2015): प्रमुख योजना, जिसमें बंदरगाह आधुनिकीकरण, संपर्कता वृद्धि, नए बंदरगाहों का विकास और तटीय समुदायों का उत्थान शामिल है।
- मैरिटाइम इंडिया विज़न 2030: बंदरगाह अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स दक्षता और वैश्विक समुद्री प्रतिस्पर्धा के क्षेत्रों में 150 पहलों का खाका प्रस्तुत करता है।
- डिजिटल एवं निगरानी उपकरण: राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स पोर्टल (मरीन) — सागर-सेतु; बंदरगाह निगरानी हेतु वास्तविक समय सागरमंथन प्रदर्शन डैशबोर्ड।
स्रोत: PIB
OPEC+
पाठ्यक्रम: GS2/ क्षेत्रीय समूह
संदर्भ
- पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन (OPEC+) समूह ने वैश्विक ऊर्जा तनावों के बीच तेल उत्पादन को प्रतिदिन 2,06,000 बैरल बढ़ाने का निर्णय लिया।
- पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं।
OPEC के बारे में
- पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन (OPEC) एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 1960 में बगदाद सम्मेलन में सऊदी अरब, ईरान, वेनेज़ुएला, कुवैत और इराक द्वारा की गई थी।
- वर्तमान में इसके 12 सदस्य हैं: अल्जीरिया, कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, गैबॉन, ईरान, इराक, कुवैत, लीबिया, नाइजीरिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और वेनेज़ुएला।
- संगठन का उद्देश्य पेट्रोलियम की माँग और आपूर्ति से संबंधित नीतियों का समन्वय करना है, ताकि उचित एवं स्थिर मूल्य सुनिश्चित हो सके तथा तेल उत्पादक देशों को स्थिर आय प्राप्त हो।
- इसका मुख्यालय वियना, ऑस्ट्रिया में है, हालाँकि ऑस्ट्रिया OPEC का सदस्य नहीं है।
OPEC+
- OPEC+ में कुल 22 सदस्य हैं, जिनमें 10 प्रमुख तेल उत्पादक देश (रूस, कज़ाख़स्तान, अज़रबैजान, ब्रुनेई, बहरीन, मेक्सिको, ओमान, दक्षिण सूडान, सूडान और मलेशिया) तथा OPEC के 12 सदस्य शामिल हैं।
- OPEC+ का गठन 2016 में हुआ, जब सितंबर 2016 में OPEC देशों द्वारा अल्जीयर्स समझौता अपनाया गया और नवंबर 2016 में OPEC तथा अन्य प्रमुख तेल निर्यातक देशों के बीच वियना समझौता पर हस्ताक्षर किए गए।
- यह कदम मुख्यतः अमेरिकी शेल ऑयल उत्पादन में तीव्रता से वृद्धि के कारण गिरती तेल कीमतों के जवाब में उठाया गया था।
स्रोत: TH
स्टैगफ्लेशन
पाठ्यक्रम: GS3 / अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- अमेरिका–इज़राइल बनाम ईरान में जारी संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति में तीव्र व्यवधान उत्पन्न किया है, जिससे 1970 के दशक जैसी स्टैगफ्लेशन की आशंकाएँ पुनर्जीवित हो गई हैं।
स्टैगफ्लेशन क्या है?
- परिभाषा: स्थिर/ऋणात्मक आर्थिक वृद्धि + उच्च बेरोज़गारी + उच्च मुद्रास्फीति का एक साथ होना।
- शब्द की उत्पत्ति: ब्रिटिश राजनेता आइयन मैक्लियोड (1960 के दशक)।
- खतरनाक क्यों : सामान्य मौद्रिक नीतिगत उपकरण विफल हो जाते हैं। ब्याज दरें बढ़ाने से मुद्रास्फीति घटती है लेकिन बेरोज़गारी बढ़ती है; दरें घटाने से वृद्धि होती है लेकिन मुद्रास्फीति और बढ़ जाती है।
यह कैसे उत्पन्न होता है?
- सामान्य अर्थव्यवस्था में मूल्य और उत्पादन स्थिर माँग–आपूर्ति वक्र के अनुसार चलते हैं।
- नकारात्मक आपूर्ति आघात (युद्ध, महामारी, प्रतिबंध) पूरे आपूर्ति वक्र को बाईं ओर स्थानांतरित देता है।
- परिणामस्वरूप, समान मूल्य स्तर पर उत्पादक कम उत्पादन करते हैं क्योंकि इनपुट लागत अधिक होती है या लॉजिस्टिक्स बाधित होते हैं।
स्रोत: TH
फॉरएवर केमिकल्स
पाठ्यक्रम: GS3 / पर्यावरण
संदर्भ
- यूरोपीय संघ ने जल प्रदूषण विनियमों को सुदृढ़ किया है ताकि PFAS जैसे हानिकारक रसायनों को नियंत्रित किया जा सके, जिन्हें प्रायः “फॉरएवर केमिकल्स” कहा जाता है।
PFAS के बारे में
- PFAS (पर- और पॉलीफ्लुओरोएल्किल पदार्थ) मानव-निर्मित रसायनों का एक बड़ा समूह है।
- इनमें सुदृढ़ कार्बन–फ्लोरीन बंध होते हैं, जो इन्हें अत्यधिक स्थिर और विघटन-प्रतिरोधी बनाते हैं।
- इन्हें स्टॉकहोम कन्वेंशन के अंतर्गत स्थायी कार्बनिक प्रदूषक (POPs) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- स्टॉकहोम कन्वेंशन ऑन पर्सिस्टेंट ऑर्गेनिक पॉल्यूटेंट्स (POPs) एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय संधि है, जिसका उद्देश्य मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को अत्यधिक खतरनाक रसायनों से बचाना है।
स्रोत: DTE
ऑक्टोपस में हेक्टोकॉटिलस
पाठ्यक्रम: GS3 / जैव विविधता
संदर्भ
- हालिया शोध ने ऑक्टोपस में हेक्टोकॉटिलस के एक नए कार्य को उजागर किया है, जिससे उन्नत संवेदी और प्रजनन अनुकूलन का पता चलता है।
हेक्टोकॉटिलस के बारे में
- हेक्टोकॉटिलस नर ऑक्टोपस में पाया जाने वाला एक संशोधित भुजा है, जिसे पारंपरिक रूप से प्रजनन में महत्वपूर्ण संरचना माना जाता है।
- नए निष्कर्ष बताते हैं कि यह संवेदी कार्य भी करता है, जिससे यह एक बहु-कार्यात्मक अंग बन जाता है।
- हेक्टोकॉटिलस नर ऑक्टोपस को रासायनिक संकेतों के माध्यम से मादा साथी की पहचान करने में सक्षम बनाता है।
स्रोत: TH
BRO की परियोजना चेतक ने मनाया 47वाँ स्थापना दिवस
पाठ्यक्रम: GS3 / अवसंरचना / आंतरिक सुरक्षा
संदर्भ
- सीमा सड़क संगठन (BRO) की परियोजना चेतक ने अपना 47वाँ स्थापना दिवस मनाया।
परिचय
- परियोजना चेतक BRO की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है, जो भौगोलिक क्षेत्र के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- 1980 में स्थापित, इसने राजस्थान, पंजाब और गुजरात के उत्तरी भागों में सड़क नेटवर्क के विकास एवं रखरखाव में प्रमुख भूमिका निभाई है।
- यह अंतर्राष्ट्रीय सीमा की ओर जाने वाली प्रमुख संपर्क सड़कों का रखरखाव करके रक्षा बलों को सहयोग प्रदान करती है।
सीमा सड़क संगठन (BRO)
- BRO सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सामरिक सड़कों, पुलों, सुरंगों एवं हवाई पट्टियों का निर्माण तथा रखरखाव करता है, ताकि सैन्य और नागरिक दोनों आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।
- मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय
- 1960 में स्थापना के बाद से BRO ने भारत की सीमावर्ती क्षेत्रों और मित्र पड़ोसी देशों में 64,100 किमी से अधिक सड़कें, 1,179 पुल, 07 सुरंगें और 22 हवाई पट्टियाँ निर्मित की हैं।
- भूटान, म्यांमार, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान में विदेशी अवसंरचना के माध्यम से BRO क्षेत्रीय संपर्क और सामरिक साझेदारी को समर्थन देता है।

स्रोत: AIR
बायोनेस्ट (BioNEST)
पाठ्यक्रम: विविध
संदर्भ
- हाल ही में BIRAC-BioNEST इनक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन मैसूरु स्थित CSIR-CFTRI में किया गया।
परिचय
- नया BioNEST केंद्र खाद्य जैव-प्रसंस्करण, जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान, स्केल-अप प्रमाणीकरण और नियामक समर्थन को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान को बाज़ार-उपयुक्त उत्पादों में परिवर्तित करना है।
- प्रमुख क्षेत्र: स्टार्टअप्स पोषण संबंधी उत्पाद (Nutraceuticals), सटीक किण्वन (Precision fermentation), प्रोबायोटिक्स और पोस्टबायोटिक्स, CRISPR-आधारित तकनीकें तथा वनस्पति उत्पादों (Botanicals) जैसे उभरते क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।
- CFTRI की भूमिका: CFTRI ने 450 से अधिक तकनीकें विकसित की हैं, जिन्हें हज़ारों लाइसेंसधारियों को हस्तांतरित किया गया है।
- यह खाद्य अनुसंधान, इनक्यूबेशन और उद्योग सहयोग का एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरा है।
| CFTRI | BIRAC |
1. सीएसआईआर−केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (CFTRI), मैसूरु नई दिल्ली स्थित वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की एक घटक प्रयोगशाला है। 2. इसकी स्थापना वर्ष 1950 में हुई थी। 3. इसका दृष्टिकोण खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में गहन अनुसंधान एवं विकास करना है। 4. प्रमुख अनुसंधान क्षेत्र (CSIR-CFTRI) a. अभियांत्रिकी विज्ञान b. प्रौद्योगिकी विकास c. रूपांतरणीय अनुसंधान (Translational Research) d. खाद्य संरक्षण और सुरक्षा 5. CFTRI के संसाधन केंद्र हैदराबाद, लखनऊ और मुंबई में स्थित हैं। | 1. जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) एक नॉट-फॉर-प्रॉफ़िट धारा 8, अनुसूची बी, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जिसे भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा एक इंटरफ़ेस एजेंसी के रूप में स्थापित किया गया है। 2. यह उभरते हुए जैव-प्रौद्योगिकी उद्यमों को सशक्त और सक्षम बनाता है ताकि वे रणनीतिक अनुसंधान एवं नवाचार कर सकें तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक उत्पाद विकास आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। 3. BIRAC लक्षित वित्तपोषण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, बौद्धिक संपदा (IP) प्रबंधन और हैंडहोल्डिंग योजनाओं के माध्यम से जोखिम पूंजी तक पहुँच प्रदान करता है। 4. ये उपाय जैव-प्रौद्योगिकी कंपनियों को नवाचार उत्कृष्टता प्राप्त करने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता करते हैं। |
स्रोत: TH
भारत जनजातीय उत्सव 2026
पाठ्यक्रम: GS2 / शासन
संदर्भ
- हाल ही में भारत जनजातीय उत्सव 2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
परिचय
- यह जनजातीय कार्य मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है, जिसे TRIFED के सहयोग से आयोजित किया गया।
- 19-दिवसीय इस उत्सव ने देशभर के जनजातीय शिल्पकारों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को एक साथ लाकर भारत की विविध जनजातीय विरासत एवं उत्पादों का प्रदर्शन किया।
- शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जनजातीय शिल्पकारों और विक्रेताओं को दस श्रेणियों में सम्मानित किया गया, जिनमें मिट्टी के बर्तन, बेंत और बाँस, आभूषण, व्यंजन, वस्त्र एवं वन-आधारित उत्पाद शामिल थे।
- प्रमुख आकर्षणों में रिसा पैविलियन शामिल था, जो समकालीन जनजातीय डिज़ाइन को बढ़ावा देता है, तथा भारत जनजातीय उत्सव बाज़ार, जिसका उद्देश्य बाज़ार संपर्कों को सुदृढ़ करना था।
स्रोत: PIB
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संक्षिप्त समाचार 06-04-2026