पाठ्यक्रम: GS3/विज्ञान और प्रौद्योगिकी
समाचार में
- भारत नई दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट की मेज़बानी कर रहा है, जिसका केंद्र बिंदु व्यापक नीतिगत चर्चाओं के बजाय व्यावहारिक एआई तैनाती और मापनीय सामाजिक परिणाम हैं।
विकास और अनुप्रयोग
- कृषि:
- एआई-संचालित परामर्श उपकरणों का उपयोग बुवाई निर्णयों का मार्गदर्शन करने, इनपुट उपयोग को अनुकूलित करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
- एआई नवाचार किसानों को डेटा-आधारित, सतत निर्णय लेने में सहायता कर रहे हैं।
- निओपर्क(Neoperk) त्वरित मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण प्रदान करता है ताकि उर्वरक उपयोग को अनुकूलित किया जा सके।
- कॉटनऐस(CottonAce) कीट पहचान और स्थानीयकृत कीटनाशक मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है।
- निको रोबोटिक्स वास्तविक समय में कीट और खरपतवार नियंत्रण सक्षम करता है।
- क्रॉपिन खेत निगरानी, ऋण विश्लेषण और जलवायु-स्मार्ट पूर्वानुमान खेती हेतु डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करता है।
- शिक्षा:
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने एआई साक्षरता और अनुप्रयुक्त अधिगम को CBSE पाठ्यक्रम, DIKSHA डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और YUVAi जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से शामिल किया है।
- उद्देश्य है कि एआई कौशल को व्यापक स्तर पर विकसित किया जाए।
- PadhaiWithAI व्यक्तिगत गणित समर्थन प्रदान करता है।
- रॉकेट लर्निंग का एआई साथी अप्पू(Appu) बच्चों को व्हाट्सएप के माध्यम से इंटरैक्टिव गतिविधियाँ उपलब्ध कराता है।
- बेलगावी स्मार्ट सिटी के डीप लर्निंग ई-बुक्स उपयोगकर्ता व्यवहार के अनुसार वास्तविक समय में अनुकूलित होते हैं।
- स्वास्थ्य:
- एआई उपकरणों का उपयोग क्षय रोग, कैंसर, तंत्रिका संबंधी विकारों आदि की प्रारंभिक पहचान हेतु किया जा रहा है।
- एआई-आधारित थर्मल इमेजिंग कम लागत वाले, गैर-आक्रामक स्तन कैंसर स्क्रीनिंग में प्रयुक्त हो रही है।
- Qure.ai एक्स-रे और सीटी स्कैन का त्वरित विश्लेषण करता है।
- AISteth हृदय और फेफड़ों की बीमारियों का सटीक दूरस्थ निदान सक्षम करता है।
- न्यायिक प्रशासन:
- ई-कोर्ट्स फेज़ III के अंतर्गत मशीन लर्निंग उपकरण अनुवाद, केस शेड्यूलिंग और वर्कफ़्लो प्रबंधन में प्रयुक्त हो रहे हैं।
- पर्यावरण: भारत मौसम विज्ञान विभाग एआई का उपयोग वर्षा, चक्रवात, कोहरा, बिजली और वनाग्नि जोखिम पूर्वानुमान हेतु कर रहा है।
- मौसम GPT किसानों और आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों को सहयोग प्रदान करता है।
भारत का वर्तमान दृष्टिकोण और पहलें
- आर्थिक सर्वेक्षण 2026 ने बल दिया कि भारत की एआई रणनीति को मानव कल्याण और आर्थिक समावेशन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- इंडियाएआई मिशन: 12 भारत-विशिष्ट एआई मॉडल को सब्सिडी युक्त कंप्यूट समर्थन।
- भारतजेन: भारत-केंद्रित फाउंडेशन और मल्टीमॉडल मॉडल विकसित करता है।
- इंडियाएआईकोश(IndiaAIKosh): 20 क्षेत्रों में 54 संगठनों से 5,722 डेटासेट और 251 एआई मॉडल उपलब्ध कराता है।
- भाषिणी: 350+ एआई मॉडल भाषण पहचान, अनुवाद, OCR, टेक्स्ट-टू-स्पीच और भाषा पहचान हेतु।
- सर्वम एआई: स्वदेशी एआई मॉडल विकसित कर रहा है, जैसे Sarvam Vision।
- कंप्यूट क्षमता और सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाएँ:
- ₹10,300+ करोड़ एआई कंप्यूट हेतु आवंटित।
- 38,000 GPUs और 1,050 TPUs की साझा पहुँच।
- 3,000 प्रोसेसर वाला सुरक्षित GPU क्लस्टर।
- भारत सेमीकंडक्टर मिशन: फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और स्वदेशी प्रोसेसर (शक्ति, वेगा) के लिए ₹76,000 करोड़।
- राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन: IITs, IISERs, नेशनल लैब्स के ज़रिए 40+ पेटाफ्लॉप्स लगाए गए; PARAM Siddhi-AI और AIRAWAT जैसे सिस्टम NLP, मौसम, दवा की खोज में सहायता करते हैं।
- डिजिटल अवसंरचना और डेटा केंद्र:
- राष्ट्रीय स्तर पर ऑप्टिकल फाइबर और 5G कवरेज।
- भारत के पास वैश्विक डेटा केंद्र क्षमता का ~3% (960 MW), जो 2030 तक 9.2 GW तक पहुँचने का अनुमान है।
- प्रमुख केंद्र: मुंबई–नवी मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, दिल्ली NCR, पुणे, कोलकाता।
- ऊर्जा और स्थिरता:
- FY 2025–26 में शिखर माँग 242.49 GW रही।
- कुल उत्पादन क्षमता 509.7 GW, जिसमें आधे से अधिक गैर-जीवाश्म स्रोतों से।
- 57 GW पंप्ड स्टोरेज और 43,220 MWh बैटरी स्टोरेज योजनाएँ।
- SHANTI Act परमाणु ऊर्जा को सतत निम्न-कार्बन स्रोत के रूप में बढ़ावा देता है।
निष्कर्ष और आगे की राह
- भारत की एआई रणनीति मानव कल्याण, आर्थिक समावेशन और संदर्भ-विशिष्ट नवाचार पर बल देती है।
- सरकार एक उत्प्रेरक और पारिस्थितिकी तंत्र संयोजक की भूमिका निभाती है, घरेलू एआई की खरीद को सुगम बनाकर, विश्वास हेतु मानक स्थापित कर, अनुप्रयोगों को भारत AI एप्लीकेशन स्टैक में एकीकृत कर और शासन को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित कर।
Source :IE
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संक्षिप्त समाचार 14-02-2026