सोम्यनारायण पेरुमल मंदिर
पाठ्यक्रम: GS1/ संस्कृति
संदर्भ
- प्रधानमंत्री मोदी ने सोम्यनारायण पेरुमल मंदिर के पुजारियों से भेंट की।
परिचय
- स्थान: तिरुकोष्टियूर, शिवगंगई ज़िला, तमिलनाडु।
- धार्मिक महत्व: यह मंदिर 108 दिव्य देशमों में से एक है, जो भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पवित्र वैष्णव मंदिरों में गिना जाता है।
- यह वैष्णव परंपरा के इतिहास में एक प्रतिष्ठित स्थान रखता है।
- ऐतिहासिक महत्व: यही वह पवित्र स्थान है जहाँ श्री रामानुज ने अपने गुरु के निर्देशों के विपरीत, लोगों को मोक्ष दिलाने हेतु सार्वजनिक रूप से नारायण मंत्र का उद्घोष किया।
स्थापत्य विशेषताएँ
- मंदिर का निर्माण चोल स्थापत्य शैली में हुआ है।
- इसमें अद्वितीय तीन-स्तरीय गर्भगृह है, जो भगवान विष्णु की विभिन्न मुद्राओं का प्रतिनिधित्व करता है:
- भूमि स्तर: नृत्यरत रूप में भगवान कृष्ण।
- प्रथम स्तर: शयन मुद्रा में विष्णु।
- शीर्ष स्तर: खड़े रूप में विष्णु।
- मंदिर का शिखर दुर्लभ अष्टांग विमान से अलंकृत है। भारत में केवल कुछ ही विष्णु मंदिरों में यह विशिष्ट विमान पाया जाता है।
स्रोत: PIB
ग्रंथ कुटीर
पाठ्यक्रम: GS1/ संस्कृति
संदर्भ
- भारत के राष्ट्रपति ने ग्रंथ कुटीर का उद्घाटन किया।
परिचय
- ग्रंथ कुटीर राष्ट्रपति भवन में स्थित एक पुस्तकालय है, जिसमें लगभग 2,300 पुस्तकें और लगभग 50 पांडुलिपियाँ संग्रहित हैं।
- ये पांडुलिपियाँ 11 भारतीय शास्त्रीय भाषाओं — तमिल, संस्कृत, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओड़िया, मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला — में उपलब्ध हैं।
- यह संग्रह भारत की सांस्कृतिक, दार्शनिक, साहित्यिक और बौद्धिक विरासत को प्रतिबिंबित करता है।
- विषयों में महाकाव्य, दर्शन, भाषाविज्ञान, इतिहास, शासन, विज्ञान, भक्ति साहित्य और शास्त्रीय भाषाओं में भारतीय संविधान शामिल हैं।
- कई पांडुलिपियाँ पारंपरिक सामग्रियों जैसे ताड़पत्र, कागज, छाल और कपड़े पर हस्तलिखित हैं।
- ग्रंथ कुटीर ज्ञान भारतम् मिशन की दृष्टि का समर्थन करता है, जिसका उद्देश्य भारत की पांडुलिपि विरासत का संरक्षण, डिजिटलीकरण और प्रसार करना है, जिससे परंपरा एवं आधुनिक तकनीक का समन्वय हो सके।
संस्थागत सहयोग
- इसे केंद्र एवं राज्य सरकारों, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, सांस्कृतिक संगठनों और व्यक्तिगत योगदानकर्ताओं के सहयोग से विकसित किया गया है।
- शिक्षा मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय द्वारा समर्थित।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) पांडुलिपि संरक्षण, दस्तावेज़ीकरण, प्रबंधन और प्रदर्शन में विशेषज्ञता प्रदान करता है।
स्रोत: PIB
नेताजी सुभाष चंद्र बोस
पाठ्यक्रम: GS1/ इतिहास
संदर्भ
- भारत के राष्ट्रपति ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है।
परिचय
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक प्रमुख भारतीय राष्ट्रवादी नेता थे, जिन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्होंने महात्मा गांधी को प्रथम बार “राष्ट्रपिता” कहकर संबोधित किया था, अपने सिंगापुर के भाषण में।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस:
- वे 1938 और 1939 में दो बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए।
- महात्मा गांधी से वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने त्यागपत्र दिया और फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन किया, जो कट्टरपंथी परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध था।
- आज़ाद हिंद रेडियो (1942):
- उन्होंने जर्मनी में आज़ाद हिंद रेडियो की स्थापना की, ताकि भारतीयों तक पहुँचकर स्वतंत्रता का संदेश पहुँचा सकें।
- उन्होंने कई देशभक्ति के नारे दिए, जैसे — “जय हिंद”, “दिल्ली चलो”, और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा”।
- भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) का गठन:
- 1942 में उन्होंने जापानी सहयोग से INA का गठन किया।
- INA का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई द्वारा भारत की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना था।
- आज़ाद हिंद सरकार:
- 1943 में नेताजी ने अंडमान और निकोबार द्वीपों का नाम क्रमशः “शहीद” एवं “स्वराज” रखा।
- 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी ने स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार (आज़ाद हिंद सरकार) की स्थापना की घोषणा की।
- माना जाता है कि 1945 में ताइवान में एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया।
- विरासत:
- 2018 में अंडमान द्वीप समूह के रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप रखा गया।
- लाल किले स्थित क्रांति मंदिर संग्रहालय में नेताजी और INA से संबंधित ऐतिहासिक सामग्री संरक्षित है।
- 2022 में प्रधानमंत्री द्वारा इंडिया गेट, नई दिल्ली के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया।
स्रोत: PIB
वंदे मातरम् और राष्ट्रीय सम्मान पर परिचर्चा
पाठ्यक्रम: GS1/इतिहास; GS2/राजव्यवस्था और शासन
संदर्भ
- गृह मंत्रालय यह विचार कर रहा है कि क्या वंदे मातरम् को औपचारिक प्रोटोकॉल द्वारा नियंत्रित किया जाना चाहिए और अपमान की स्थिति में दंडनीय बनाया जाना चाहिए, ठीक उसी प्रकार जैसे राष्ट्रीय गान जन गण मन के लिए प्रावधान हैं।
परिचय
- संविधान सभा ने वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया, जिसे राष्ट्रीय गान के समान सम्मान प्राप्त है, लेकिन कानूनी दृष्टि से दोनों का समान उपचार नहीं है।
- राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971: यह अधिनियम राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गान को वैधानिक संरक्षण प्रदान करता है।
- इस अधिनियम में वंदे मातरम् के अपमान के लिए कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं है।
संवैधानिक प्रावधान
- अनुच्छेद 51A(a) मौलिक कर्तव्य: प्रत्येक नागरिक को संविधान का पालन करने तथा उसके आदर्शों व संस्थाओं, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गान का सम्मान करने का निर्देश देता है।
- स्पष्ट संवैधानिक संरक्षण का अभाव: राष्ट्रीय गान के विपरीत, वंदे मातरम् को किसी संवैधानिक प्रावधान द्वारा स्पष्ट रूप से संरक्षित नहीं किया गया है।
- इसका दर्जा संविधान सभा के प्रस्तावों से प्राप्त होता है, न कि किसी लागू संवैधानिक पाठ से।
| वंदे मातरम् – वंदे मातरम् का रचनाकर्म बंकिम चंद्र चटर्जी ने संस्कृत में किया था और यह प्रथम बार 1882 में आनंदमठ उपन्यास में प्रकाशित हुआ।आनंदमठ की पृष्ठभूमि 1769–73 के बंगाल अकाल और संन्यासी विद्रोह पर आधारित है। – 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा सर्वप्रथम गाया गया, जिससे इसे राष्ट्रीय पहचान मिली। – 1905 के स्वदेशी आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् नागरिक प्रतिरोध का गान बनकर उभरा। वंदे मातरम् को राजनीतिक नारे के रूप में सर्वप्रथम 7 अगस्त 1905 को प्रयोग किया गया। – राष्ट्रीय गीत: 24 जनवरी 1950 को इसकी प्रथम दो पंक्तियों को भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया। |
स्रोत: IE
डोनबास
पाठ्यक्रम: GS1/समाचारों में स्थान; GS2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- अबू धाबी में शांति वार्ता के दौरान अमेरिका, रूस और यूक्रेन मिले, लेकिन रूस एवं यूक्रेन डोनेत्स्क के भविष्य को लेकर गहरे मतभेद में बने हुए हैं।
डोनेत्स्क
- डोनेत्स्क उन चार यूक्रेनी क्षेत्रों में से एक है, जिन्हें रूस ने 2022 में विवादित जनमत संग्रह के बाद अपने में मिलाने का दावा किया।
- यूक्रेन, पश्चिमी देशों और अधिकांश विश्व डोनेत्स्क को यूक्रेन का भाग मानते हैं।
- रूस डोनेत्स्क को अपने “ऐतिहासिक भू-भाग” का हिस्सा बताता है।

डोनबास
- सामूहिक रूप से डोनबास कहलाने वाले डोनेत्स्क और लुहान्स्क क्षेत्र कोयला-समृद्ध पूर्वी यूक्रेन के औद्योगिक केंद्र रहे हैं।
- यह क्षेत्र नदियों और कृत्रिम नहरों द्वारा आज़ोव सागर से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह अपनी उपजाऊ कृषि भूमि और खनिज संपदा के लिए भी प्रसिद्ध है।
- रूसी सैनिक लगभग पूरे लुहान्स्क क्षेत्र पर नियंत्रण रखते हैं, लेकिन वे केवल 70% डोनेत्स्क पर नियंत्रण कर पाए हैं।
- वैधानिक स्थिति: यूक्रेन के संविधान के अनुसार, क्षेत्रीय परिवर्तन जनमत संग्रह द्वारा ही तय किए जा सकते हैं, जिसे कम से कम दो-तिहाई यूक्रेनी क्षेत्रों में 30 लाख योग्य मतदाताओं के हस्ताक्षर मिलने पर बुलाया जा सकता है।
स्रोत: IE
फ्रांज़ एडेलमैन पुरस्कार
पाठ्यक्रम: GS2/शासन
संदर्भ
- खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) अपनी अन्न चक्र पहल के लिए प्रतिष्ठित 2026 फ्रांज़ एडेलमैन पुरस्कार के छह अंतिम उम्मीदवारों में शामिल हुआ है।
अन्न चक्र पहल
- अन्न चक्र एक परिचालन अनुसंधान (O.R.) आधारित निर्णय समर्थन समाधान है, जो भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को राज्य-विशिष्ट लॉजिस्टिक्स को अनुकूलित करके सुदृढ़ बनाता है।
- इसे भारत में संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और IIT दिल्ली के सहयोग से विकसित किया गया है।
- इसे 2025 में भारत में खाद्यान्नों की आवाजाही को सुदृढ़ करने के लिए शुरू किया गया।
- इसके राष्ट्रीय स्तर पर लागू होने से प्राप्त हुए लाभ:
- अनुमानित वार्षिक बचत: ₹250 करोड़।
- उत्सर्जन में 35% की कमी, जो भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं का समर्थन करती है।
- दक्षता में वृद्धि, जिससे 81 करोड़ से अधिक PDS लाभार्थियों, विशेषकर सबसे कमजोर वर्गों को लाभ मिला।
फ्रांज़ एडेलमैन पुरस्कार
- यह परिचालन अनुसंधान (OR) और उन्नत विश्लेषण के क्षेत्र में विश्व का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है।
- इसे परिचालन अनुसंधान और विश्लेषण का “नोबेल पुरस्कार” भी कहा जाता है।
- संस्थापक: INFORMS (इंस्टीट्यूट फॉर ऑपरेशंस रिसर्च एंड द मैनेजमेंट साइंसेज), जो विश्लेषण और OR का वैश्विक पेशेवर संगठन है।
- इसका नाम फ्रांज़ एडेलमैन के नाम पर रखा गया है, जो प्रबंधन विज्ञान और परिचालन अनुसंधान के अग्रणी थे।
- यह पुरस्कार परिचालन अनुसंधान, उन्नत विश्लेषण, गणितीय मॉडलिंग और डेटा-आधारित निर्णय लेने के वास्तविक, उच्च-प्रभाव वाले अनुप्रयोगों को मान्यता देता है।
स्रोत: PIB
उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस
पाठ्यक्रम: GS2/राजनीति
संदर्भ
- प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं।
परिचय
- औपनिवेशिक काल के दौरान इस क्षेत्र को यूनाइटेड प्रोविंसेज़ ऑफ आगरा एंड अवध कहा जाता था।
- 1935 में इसका नाम संक्षिप्त कर यूनाइटेड प्रोविंसेज़ कर दिया गया।
- 24 जनवरी 1950 को यूनाइटेड प्रोविंसेज़ का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया।
- राज्य की सीमाएँ उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दक्षिण में मध्य प्रदेश एवं पूर्व में बिहार से मिलती हैं।
- इसकी अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल से लगती है।
- यह भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला और क्षेत्रफल की दृष्टि से चौथा सबसे बड़ा राज्य है।
- इसे भारत का “शुगर बाउल” कहा जाता है क्योंकि यह देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है।
- प्रमुख नदियाँ: गंगा, यमुना, घाघरा, गोमती, राप्ती, सोन, बेतवा, केन।
स्रोत: PIB
यस बैंक शेयर बिक्री में इनसाइडर ट्रेडिंग की त्रुटियाँ : SEBI की चेतावनी
पाठ्यक्रम: GS3/अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने PwC और EY सहित कई अधिकारियों पर 2022 में यस बैंक की शेयर बिक्री से संबंधित इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
इनसाइडर ट्रेडिंग क्या है?
- इनसाइडर ट्रेडिंग का अर्थ है किसी सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी की प्रतिभूतियों के क्रय या विक्रय उस समय करना जब व्यक्ति के पास ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी हो जो अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
- महत्वपूर्ण जानकारी से आशय ऐसी किसी भी सूचना से है जो निवेशक के निर्णय पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है कि उसे प्रतिभूति खरीदनी है या बेचनी है।
- यह SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध) विनियम, 2015 के अंतर्गत प्रतिबंधित है।
इनसाइडर ट्रेडिंग का प्रभाव
- वित्तीय बाजार पर:
- निष्पक्ष मूल्य खोज तंत्र को विकृत करता है।
- सूचित अंदरूनी व्यक्तियों और सामान्य निवेशकों के बीच असमानता उत्पन्न करता है।
- निवेशकों पर:
- छोटे और खुदरा निवेशक सूचना असमानता के कारण हानि उठाते हैं।
- पूंजी बाजार की अखंडता पर विश्वास कम होता है।
स्रोत: TH
प्रकाश गंगा झाँकी
पाठ्यक्रम: GS3/ऊर्जा
संदर्भ
- विद्युत मंत्रालय 2026 की गणतंत्र दिवस परेड में “प्रकाश गंगा: आत्मनिर्भर और विकसित भारत को ऊर्जा प्रदान करते हुए” शीर्षक वाली झाँकी प्रदर्शित करेगा।
परिचय
- यह झाँकी भारत की यात्रा को दर्शाती है — सार्वभौमिक विद्युत पहुँच प्राप्त करने से लेकर वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा खिलाड़ी के रूप में उभरने तक।
- प्रकाश गंगा — जिसका अर्थ है “प्रकाश की नदी” — राष्ट्रीय ग्रिड में शक्ति के निरंतर और निर्बाध प्रवाह का प्रतीक है।
झाँकी की प्रमुख विशेषताएँ
- एक रोबोटिक स्मार्ट मीटर मॉडल, जिसके साथ पवन टरबाइन जनरेटर प्रदर्शित होंगे, जो डिजिटल तकनीकों, स्वचालन और स्मार्ट समाधानों के एकीकरण को दर्शाते हैं।
- केंद्रीय भाग में “स्मार्ट पावर, स्मार्ट होम” की अवधारणा को छत पर सौर संयंत्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
- एक विशाल ट्रांसमिशन संरचना अंतिम छोर तक विद्युत पहुँच को दर्शाती है, जबकि ईवी चार्जिंग स्टेशन और इलेक्ट्रिक स्कूटर स्वच्छ गतिशीलता एवं सतत परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम बनाने में विद्युत क्षेत्र की भूमिका को प्रदर्शित करते हैं।

स्रोत: PIB
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