- यूनेस्को ने ओडिशा के तीन बौद्ध धरोहर स्थलों – रत्नागिरि, उदयगिरि और ललितगिरि – को भारत की अस्थायी सूची में संभावित रूप से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के रूप में मान्यता हेतु शामिल किया है।
- अस्थायी सूची उन स्थलों की पहचान करती है जो सांस्कृतिक अथवा प्राकृतिक रूप से असाधारण सार्वभौमिक मूल्य रखते हैं और जिन्हें विश्व धरोहर सूची में संभावित रूप से अंकित किया जा सकता है।
- ये स्थल सामूहिक रूप से डायमंड ट्रायंगल के नाम से जाने जाते हैं तथा माना जाता है कि ये बौद्ध धर्म की तीन प्रमुख परंपराओं – हीनयान, महायान और वज्रयान – के प्रसार एवं विकास को प्रतिबिंबित करते हैं। Read More
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Daily Current Affairs in Hindi – 29 January, 2026
PDF - भारत–सऊदी अरब सुरक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की गई।
- आतंकवाद-रोधी सहयोग, जिसमें उभरते खतरों को शामिल किया गया।
- उग्रवाद और कट्टरपंथ का सामना। Read More
भारत–सऊदी अरब: सुरक्षा में गहन होती रणनीतिक साझेदारी
संदर्भ
भारत–सऊदी सुरक्षा संवाद की प्रमुख विशेषताएँ
- संसदीय स्थायी समिति ने महाराष्ट्र के बरामती में हाल ही में हुई विमान दुर्घटना (जिसमें उपमुख्यमंत्री की मृत्यु हुई) से महीनों पहले, भारत की नागरिक उड्डयन सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमजोरियों को उजागर किया था ।
- यह एक बहु-स्तरीय नियामक एवं पर्यवेक्षण प्रणाली है, जिसका नेतृत्व नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) करता है और इसे विशेष वैधानिक निकायों जैसे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) तथा नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के माध्यम से लागू किया जाता है।
- यह रूपरेखा अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों और अनुशंसित प्रथाओं (SARPs) के अनुरूप है तथा निवारक सुरक्षा, नियामक अनुपालन, दुर्घटना अन्वेषण एवं राज्य सुरक्षा कार्यक्रम (SSP) के माध्यम से सतत सुरक्षा सुधार पर केंद्रित है। Read More
नागरिक उड्डयन सुरक्षा रूपरेखा में खामियाँ: संसदीय समिति की रिपोर्ट
संदर्भ
भारत की नागरिक उड्डयन सुरक्षा रूपरेखा
- मानव अंतरिक्ष गतिविधियाँ क्षेत्रीय पेटेंट कानून और बहुराष्ट्रीय, सहयोगात्मक नवाचार के बीच टकराव को उजागर करती हैं, जो किसी भी राष्ट्र की संप्रभुता से परे है।
- पेटेंट कानून क्षेत्रीय आधार पर निर्मित है और पेटेंट प्रणाली राष्ट्रीय अधिकारक्षेत्रों के अंदर विशिष्ट अधिकार प्रदान करती है।
- उल्लंघन का आकलन इस आधार पर किया जाता है कि आविष्कार का निर्माण या उपयोग कहाँ हुआ। Read More
बौद्धिक संपदा और अंतरिक्ष गतिविधियाँ
समाचारों में
पेटेंट कानून की क्षेत्रीय नींव
- भारत ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं, जो 2016 संस्करण को प्रतिस्थापित करते हैं। इन नियमों का उद्देश्य सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों और उत्पादक की जिम्मेदारी को समाहित करना है। ये नियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे।
- नियमों में सर्कुलर अर्थव्यवस्था और विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (EPR) को शामिल किया गया है, ताकि अपशिष्ट में कमी, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण एवं पुनर्प्राप्ति को निपटान पर प्राथमिकता दी जा सके।
- इनका लक्ष्य शहरी भारत के अपशिष्ट संकट (वार्षिक 62 मिलियन टन से अधिक, जिसमें थोक उत्पादक लगभग 30% योगदान करते हैं) का समाधान करना है। इसके लिए तकनीकी और जवाबदेही आधारित प्रणालीगत बदलाव अनिवार्य किए गए हैं। Read More
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026
समाचारों में
परिचय
- प्रधानमंत्री ने पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- वे एक वकील, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी थे।
- उनका जन्म 28 जनवरी, 1865 को धुडिके में एक पंजाबी हिंदू परिवार में हुआ। Read More