पाठ्यक्रम: GS1/समाज; GS2/शासन
संदर्भ
- वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए लैंगिक बजट विवरण (Gender Budget Statement) में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु 5.01 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
- यह राशि वित्त वर्ष 2025-26 में 4.49 लाख करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में 11.55% अधिक है।
लैंगिक बजटिंग (GB) क्या है?
- लैंगिक बजटिंग एक ऐसी पद्धति है जो सरकार की योजना और बजट प्रक्रिया में लैंगिक समानता को समाहित करती है तथा यह विश्लेषण करती है कि बजट किस प्रकार लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा दे सकता है।
- इसे सर्वप्रथम 2005-06 में प्रस्तुत किया गया था।

भारत में महिला सशक्तिकरण हेतु कानूनी ढाँचा
- भारतीय संविधान अपने प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों और राज्य के नीति निदेशक तत्वों के माध्यम से लैंगिक समानता की गारंटी देता है।
- अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता सुनिश्चित करता है।
- अनुच्छेद 15 लिंग के आधार पर भेदभाव को निषिद्ध करता है।
- अनुच्छेद 51(क)(ई) नागरिकों को महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली प्रथाओं का परित्याग करने के लिए प्रेरित करता है।
- नीति निदेशक तत्व, विशेषकर अनुच्छेद 39 और 42, समान आजीविका अवसर, समान वेतन एवं मातृत्व राहत पर बल देते हैं।
लैंगिक बजटिंग की आवश्यकता
- असमानताएँ: अनुच्छेद 14 और 15 के संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद महिलाएँ साक्षरता, कार्यबल भागीदारी, वेतन, स्वास्थ्य और संपत्ति तक पहुँच में असमानताओं का सामना करती हैं। लैंगिक बजटिंग इन संरचनात्मक असंतुलनों को सुधारने में सहायक है।
- बजटिंग में अदृश्य पक्षपात का सुधार: लैंगिक बजटिंग यह सुनिश्चित करती है कि कृषि, MSMEs, अवसंरचना और परिवहन जैसे क्षेत्रों की योजनाएँ महिलाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखें।
- आर्थिक विकास और जनसांख्यिकीय लाभांश: महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने से GDP वृद्धि को बल मिलता है। अध्ययनों से पता चलता है कि महिला कार्यबल भागीदारी बढ़ाने से राष्ट्रीय आय स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
सरकारी पहलें
- मिशन शक्ति: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD) द्वारा 2021-2025 की अवधि के लिए प्रारंभ किया गया महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम।
- इसका उद्देश्य महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए हस्तक्षेपों को सुदृढ़ करना है, जिससे महिलाएँ राष्ट्र-निर्माण में समान भागीदार बन सकें।
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ; सुकन्या समृद्धि योजना; जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम; प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी पहलें महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण में उल्लेखनीय सुधार लायी हैं।
- मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 कार्यक्रम: महिलाओं के स्वास्थ्य को केवल कैलोरी सेवन से आगे बढ़ाकर सूक्ष्म पोषक तत्वों के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार पर केंद्रित।
- महिला इन साइंस एंड इंजीनियरिंग-किरण (WISE KIRAN) कार्यक्रम: 2018 से 2023 के बीच लगभग 1,962 महिला वैज्ञानिकों को समर्थन प्रदान किया।
- नारी शक्ति पुरस्कार: विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान को मान्यता देता है, उपलब्धियों का उत्सव मनाता है और अन्य लोगों को प्रेरित करता है।
- मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017: निजी क्षेत्र और सरकारी क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को 26 सप्ताह का सवेतन मातृत्व अवकाश प्रदान करता है।
स्रोत: AIR