पाठ्यक्रम: GS2/ राजव्यवस्था और शासन
संदर्भ
- वित्त मंत्री ने कहा है कि संघीय सरकार ने विभाज्य कर-कोष का 41% राज्यों को हस्तांतरित किया है और किसी भी राज्य का हिस्सा कम नहीं किया गया है।
कर अपवितरण (Tax Devolution) क्या है?
- कर अपवितरण का अर्थ है कर राजस्व का वितरण केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच।
- वित्त आयोग यह तय करता है कि केंद्र के शुद्ध कर राजस्व का कितना हिस्सा राज्यों को दिया जाएगा (ऊर्ध्वाधर अपवितरण) और यह हिस्सा विभिन्न राज्यों में किस प्रकार बाँटा जाएगा (क्षैतिज अपवितरण)।
- 15वें वित्त आयोग ने अनुशंसा की थी कि विभाज्य कर-कोष का 41% राज्यों को दिया जाए।
- राज्यों के बीच क्षैतिज अपवितरण सामान्यतः आयोग द्वारा तैयार किए गए सूत्र पर आधारित होता है, जिसमें राज्य की जनसंख्या, प्रजनन स्तर, आय स्तर, भौगोलिक स्थिति आदि को ध्यान में रखा जाता है।
- केंद्र सरकार राज्यों को अतिरिक्त अनुदान भी देती है, विशेषकर उन योजनाओं के लिए जो केंद्र और राज्यों द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित होती हैं।
| केंद्र–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान – अनुच्छेद 202 से 206 राज्यों के वित्तीय प्रशासन से संबंधित हैं, जिनमें उनके बजट, व्यय, उधारी और कराधान शक्तियों का उल्लेख है। – अनुच्छेद 268 से 272 संघ और राज्यों के बीच राजस्व वितरण का विवरण देते हैं। – अनुच्छेद 280 प्रत्येक पाँच वर्ष में (या राष्ट्रपति द्वारा निर्दिष्ट अवधि में) वित्त आयोग की स्थापना का प्रावधान करता है। केंद्र सरकार वित्त आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। – अनुच्छेद 282 संघ सरकार को किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की अनुमति देता है। |
केंद्र और राज्यों के बीच तनाव
- केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बँटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है।
- केंद्र आयकर, कॉर्पोरेट कर और वस्तु एवं सेवा कर (GST) जैसे प्रमुख करों की वसूली करता है, जबकि राज्य मुख्यतः शराब और ईंधन जैसे वस्तुओं की बिक्री से कर प्राप्त करते हैं, जो GST के दायरे से बाहर हैं।
- इससे राज्यों की शिकायत है कि केंद्र ने उनकी कर वसूली की शक्ति को कम कर दिया है और उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप पर्याप्त धनराशि नहीं दी जाती।
राज्यों की प्रमुख माँगें
- अधिक धनराशि की माँग: राज्यों का तर्क है कि उन्हें वित्त आयोग की अनुशंसा से अधिक धन मिलना चाहिए क्योंकि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और पुलिसिंग जैसी जिम्मेदारियाँ अधिकतर राज्यों पर हैं।
- विभाज्य कोष संबंधी चिंताएँ: उपकर और अधिभार, जिन्हें राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता, केंद्र के कर राजस्व का लगभग 28% तक हो सकते हैं, जिससे साझा किए जाने योग्य राजस्व आधार का आकार घट जाता है।
- वित्त आयोग की आलोचना: आलोचकों का मानना है कि वित्त आयोग पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हो सकता क्योंकि इसके सदस्यों की नियुक्ति में केंद्र की भूमिका होती है, जिससे राजनीतिक प्रभाव की संभावना रहती है।
आगे की राह
- 16वें वित्त आयोग को साझा और गैर-साझा राजस्व के बीच संतुलन का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए ताकि संरचनात्मक राजकोषीय असंतुलन दूर हो सके।
- उपकर एवं अधिभार में अधिक पारदर्शिता और तार्किकता विश्वास को सुदृढ़ कर सकती है और प्रभावी विभाज्य कोष का विस्तार कर सकती है।
- अंतर-राज्य परिषद और GST परिषद जैसी संस्थाओं के माध्यम से संवाद को गहरा करना चाहिए ताकि सहकारी राजकोषीय संघवाद एवं समन्वित वित्तीय योजना को बढ़ावा मिल सके।
स्रोत: TH
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