पाठ्यक्रम: GS2/ अंतर्राष्ट्रीय संबंध
समाचारों में
- हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की नई दिल्ली में मेज़बानी की।
शिखर सम्मेलन के प्रमुख निष्कर्ष
- समुद्री सुरक्षा एवं मलक्का जलडमरूमध्य गश्त: भारत ने मलक्का जलडमरूमध्य में गश्त लगाने में रुचि व्यक्त की, जो हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला एक रणनीतिक चोकपॉइंट है।
- पनडुब्बी बचाव अभियानों में सहयोग, इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) को समर्थन।
- रक्षा एवं उभरती तकनीकें: क्वांटम कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन एवं मानव रहित पोतों आदि में संयुक्त अनुसंधान और सहयोग।
- आर्थिक एवं अवसंरचना सहयोग: भारत से सिंगापुर को समर्पित बंदरगाहों के माध्यम से हरित ऊर्जा के निर्यात पर सहमति।
- अंतरिक्ष अनुसंधान एवं अनुप्रयोगों में सहयोग को बढ़ावा।
- अर्धचालकों पर भारत–सिंगापुर नीति संवाद की स्थापना।
- कौशल विकास एवं उन्नत विनिर्माण: चेन्नई में उन्नत विनिर्माण में कौशल विकास हेतु राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर सहमति।
- आतंकवाद-रोधी एवं सुरक्षा सहयोग: दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तरों पर सहयोग दोहराया, जिसमें सीमा-पार आतंकवाद से लड़ने हेतु वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) में सहयोग शामिल है।
मलक्का जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व
- वैश्विक व्यापार मार्ग: भारत के लगभग 40% व्यापार और चीन के 80% तेल आयात इसी मार्ग से होते हैं।

- ऊर्जा सुरक्षा: मध्य पूर्व से पूर्वी एशिया तक तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
- भू-रणनीतिक लाभ: भारत का अंडमान एवं निकोबार कमांड इस चोकपॉइंट के निकट है, जिससे इंडो-पैसिफिक समुद्री सुरक्षा में भारत की भूमिका सशक्त होती है।
भारत–सिंगापुर संबंधों का संक्षिप्त परिचय
- ऐतिहासिक संदर्भ: संबंध प्राचीन काल से समुद्री व्यापार और बौद्ध धर्म के माध्यम से जुड़े रहे हैं।
- आधुनिक संबंध: सिंगापुर की स्वतंत्रता (1965) के बाद संबंधों में सुदृढ़ता आई।
- सिंगापुर उन पहले ASEAN देशों में था जिन्होंने भारत की “लुक ईस्ट नीति” (1990 के दशक), अब “एक्ट ईस्ट नीति”, का समर्थन किया।
- राजनीतिक एवं रक्षा संबंध: 2015 में राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हुए। 🔸 नियमित संयुक्त अभ्यास: SIMBEX (नौसेना), Bold Kurukshetra (सेना), Agni Warrior (तोपखाना)।
- आर्थिक एवं व्यापारिक संबंध:
- व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता (CECA) – 2005: व्यापार, सेवाएं और निवेश को कवर करता है।
- सिंगापुर भारत का ASEAN में सबसे बड़ा व्यापार और निवेश भागीदार है।
- 2024-25 में ASEAN के साथ भारत के कुल व्यापार का 27.83% सिंगापुर के साथ हुआ।
- सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का प्रमुख स्रोत है।
- बहुपक्षीय सहयोग: ASEAN, ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलन, IORA, IONS, FATF, WTO, संयुक्त राष्ट्र और राष्ट्रमंडल में सुदृढ़ साझेदारी।
Source: TH
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संक्षिप्त समाचार 04-09-2025