पाठ्यक्रम: GS1/ समाज, GS3/ अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ किया, यह कहते हुए कि “सशक्त महिलाएं विकसित भारत की नींव हैं।”
बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड के बारे में
- जीविका निधि बिहार में महिला उद्यमियों को समर्थन देने के लिए स्थापित एक राज्य-स्तरीय सहकारी वित्तीय संस्था है।
- उद्देश्य: समय पर कम ब्याज दरों पर ऋण प्रदान करना, जिससे 18%–24% ब्याज लेने वाले माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFIs) पर निर्भरता कम हो।
- सदस्यता: जीविका स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के सभी पंजीकृत क्लस्टर-स्तरीय संघ इस संस्था का हिस्सा होंगे।
- वित्तपोषण: बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों इसमें धनराशि प्रदान करेंगी।
- प्रौद्योगिकी: यह प्रणाली पूरी तरह से डिजिटल है, जिससे मोबाइल फोन के माध्यम से ऋण लेन-देन सहज रूप से संभव है। लगभग 12,000 सामुदायिक कार्यकर्ताओं को टैबलेट दिए जा रहे हैं ताकि संचालन में सुविधा हो।
विकसित भारत में सशक्त महिलाओं का योगदान कैसे होता है?
- आर्थिक वृद्धि: अध्ययन दर्शाते हैं कि श्रम बल में लैंगिक अंतर को समाप्त करने से भारत की अर्थव्यवस्था में 2025 तक लगभग $770 बिलियन (लगभग 18% GDP) की वृद्धि हो सकती है।
- उद्यमिता: SHGs और महिला-नेतृत्व वाले उद्यम स्थानीय रोजगार सृजित करते हैं, ग्रामीण मांग को बढ़ाते हैं और सतत व्यवसायों को बढ़ावा देते हैं, जिससे बुनियादी स्तर पर विकास गहरा होता है।
- शिक्षा और मानव संसाधन: शिक्षित और आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिलाएं अपने बच्चों की शिक्षा में अधिक निवेश करती हैं, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए साक्षरता एवं कौशल परिणाम बेहतर होते हैं।
- स्वास्थ्य और पोषण: सशक्त महिलाएं स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण पर बेहतर घरेलू निर्णय लेती हैं, जिससे भारत के सामाजिक विकास संकेतकों में सुधार होता है।
- शासन और लोकतंत्र: पंचायती राज संस्थाओं में महिला नेताओं (एक-तिहाई सीटें आरक्षित) द्वारा जल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देकर शासन को बेहतर बनाया जाता है।
- सामाजिक समानता: महिला सशक्तिकरण गरीबी को कम करता है, बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों से लड़ता है और “सबका साथ, सबका विकास” के अनुरूप समावेशी विकास सुनिश्चित करता है।
महिलाओं के लिए व्यापक सरकारी पहलें
- आर्थिक सशक्तिकरण
- दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY – NRLM): देश में 10.05 करोड़ महिलाओं को 90.90 लाख महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित किया गया है।
- नमो ड्रोन दीदी योजना (2023): 15,000 महिला SHG सदस्यों को कृषि सेवाओं के लिए ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण।
- लखपति दीदी,
- ड्रोन दीदी,
- बैंक सखी।
- सामाजिक अवसंरचना और कल्याण
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY): घर महिलाओं के नाम या संयुक्त रूप से पंजीकृत किए जाते हैं, जिससे संपत्ति स्वामित्व और निर्णय लेने की शक्ति बढ़ती है।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: पारंपरिक ईंधनों से उत्पन्न श्रम और स्वास्थ्य जोखिम को कम करते हुए 10 करोड़ से अधिक मुफ्त LPG कनेक्शन प्रदान किए गए।
- स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा
- आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY): प्रति परिवार ₹5 लाख वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करता है, जिससे महिलाओं के लिए जेब से व्यय कम होता है।
- पोषण अभियान: महिलाओं और बच्चों में स्टंटिंग, कुपोषण और एनीमिया को कम करने पर ध्यान केंद्रित।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: गर्भावस्था के दौरान मजदूरी हानि के लिए ₹5,000 की मातृत्व लाभ राशि।
- राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण
- महिला आरक्षण विधेयक 2023: संसद और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधान।
- वन स्टॉप सेंटर: हिंसा का सामना कर रही महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए 700 से अधिक केंद्र चालू हैं।
आगे की राह
- महिलाओं की कार्यबल भागीदारी बढ़ाना: अधिक लचीले रोजगार सृजित करना, वर्क-फ्रॉम-होम विकल्पों को बढ़ावा देना, बाल देखभाल सुविधाओं का विस्तार करना और सुरक्षित परिवहन प्रदान करना ताकि श्रम बाजार में महिलाओं की भूमिका बढ़े।
- वेतन और कौशल अंतर को समाप्त करना: समान वेतन कानूनों को लागू करना, व्यावसायिक एवं डिजिटल कौशल कार्यक्रमों का विस्तार करना तथा STEM, हरित अर्थव्यवस्था और रक्षा विनिर्माण जैसे उच्च-विकास क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
Source: PIB
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