पाठ्यक्रम: GS2/ अंतर्राष्ट्रीय संबंध
संदर्भ
- भारत–सऊदी अरब सुरक्षा कार्य समूह की तीसरी बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की गई।
भारत–सऊदी सुरक्षा संवाद की प्रमुख विशेषताएँ
- केन्द्रित क्षेत्र:
- आतंकवाद-रोधी सहयोग, जिसमें उभरते खतरों को शामिल किया गया।
- उग्रवाद और कट्टरपंथ का सामना।
- आतंकवाद के वित्तपोषण का उन्मूलन।
- आतंकवादी उद्देश्यों हेतु प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग की रोकथाम।
- अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंधों का समाधान।
- संस्थागत ढाँचा: यह संवाद भारत–सऊदी अरब रणनीतिक साझेदारी परिषद (SPC) के अंतर्गत संचालित होता है, जो सहयोग को निरंतरता और पूर्वानुमेयता प्रदान करता है।
भारत–सऊदी अरब संबंध
- राजनीतिक संबंध: दोनों देशों ने 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित किए।
- 2006 के शाही दौरे के दौरान दिल्ली घोषणा पर हस्ताक्षर हुए, जिसके बाद 2010 में रियाद घोषणा ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँचाया।
- 2019 में भारतीय प्रधानमंत्री की रियाद यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी परिषद (SPC) समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसने भारत–सऊदी संबंधों को दिशा देने हेतु उच्च-स्तरीय परिषद की स्थापना की।
- आर्थिक संबंध: भारत, सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है; वहीं सऊदी अरब, भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
- 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार $43.3 अरब रहा।
- मार्च 2022 तक सऊदी अरब के भारत में प्रत्यक्ष निवेश $3.15 अरब तक पहुँचे।
- ऊर्जा सहयोग: वित्तीय वर्ष 2023 में सऊदी अरब, भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का स्रोत रहा।
- भारत ने FY23 में सऊदी अरब से 39.5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कच्चा तेल आयात किया, जो भारत के कुल कच्चे तेल आयात का 16.7% था।
- FY23 में भारत का सऊदी अरब से LPG आयात 7.85 MMT रहा, जो कुल पेट्रोलियम उत्पाद आयात का 11.2% था।
- रक्षा सहयोग: सऊदी अरब ने म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एक रक्षा सार्वजनिक उपक्रम) से गोला-बारूद हेतु $250 मिलियन का अनुबंध किया।
- सऊदी अरब ने भारत फोर्ज से 155 मिमी एडवांस्ड टोव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) भी खरीदा।
- संयुक्त अभ्यास: सदा तंसीक: जनवरी 2024 में राजस्थान में आयोजित प्रथम थलसेना अभ्यास।
- तरंग शक्ति: भारत के सबसे बड़े वायुसेना अभ्यास में सऊदी अरब ने पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया।
- अल मोहिद अल हिंदी: 2022 में प्रारंभ किया गया द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास।
- भारतीय प्रवासी: वर्ष 2025 तक सऊदी अरब में 27 लाख भारतीय रह रहे थे। यह संख्या वहाँ विदेशी कामगारों में दूसरी सबसे बड़ी है, बांग्लादेश के बाद।
आगे की राह
- संतुलित क्षेत्रीय सहभागिता: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए सऊदी अरब सहित अन्य खाड़ी साझेदारों के साथ जुड़ाव, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान हो सके और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विताओं में उलझाव से बचा जा सके।
- कानूनी और न्यायिक सहयोग: प्रत्यर्पण, पारस्परिक कानूनी सहायता और सूचना साझा करने की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना, ताकि आतंकवाद वित्तपोषण एवं संगठित अपराध नेटवर्क का सामना किया जा सके।
- सुरक्षा कार्य समूह को सुदृढ़ करना: रणनीतिक साझेदारी परिषद के अंतर्गत सुरक्षा कार्य समूह को सशक्त बनाना, ताकि साइबर-आतंकवाद, अकेले हमलावरों के हमले और प्रौद्योगिकी-सक्षम कट्टरपंथ जैसे उभरते खतरों का समाधान किया जा सके।
Source: TH
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