NAKSHA कार्यक्रम

पाठ्यक्रम :GS 3/अर्थव्यवस्था

समाचार में

  • केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री ने मध्य प्रदेश के रायसेन में NAKSHA कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण

  • भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण से ग्रामीण भारत में भूमि स्वामित्व प्रबंधन का आधुनिकीकरण हो रहा है, जिससे जटिल कागजी कार्रवाई और स्वामित्व विवाद जैसी चुनौतियों का समाधान हो रहा है।
  • स्थिति: 2016 से अब तक लगभग 95% ग्रामीण भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण हो चुका है, जिससे पारदर्शिता और पहुँच में सुधार हुआ है।

डिजिटलीकरण के लाभ

  • यह पारदर्शिता को बढ़ाता है और अवैध अतिक्रमणों को कम करता है। 
  • यह विवाद समाधान को सरल बनाता है और न्यायालयी भार को कम करता है।
  •  यह भूमि अधिकारों तक पहुँच में सुधार करके हाशिए पर पड़े समुदायों को सशक्त बनाता है। 
  • भू-स्थानिक मानचित्रण एकीकरण सटीक सर्वेक्षण और भूमि प्रबंधन में सहायता करता है।

चुनौतियाँ

  • देश भर में भूमि रिकॉर्ड पुराने और गायब होने के कारण भूमि सुधारों को महत्त्वपूर्ण  चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों में जहां सामुदायिक स्वामित्व वाली भूमि और सीमित भूमि रिकॉर्ड हैं।
  • कई भूकर मानचित्र पुराने हो चुके हैं और कुछ गायब हैं, जिससे भूमि स्वामित्व में विसंगतियाँ उत्पन्न हो रही हैं।

पहल

  • डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP): अप्रैल 2016 में प्रारंभ किए गए DILRMP का उद्देश्य वास्तविक समय की भूमि जानकारी के साथ एक आधुनिक, पारदर्शी भूमि अभिलेख प्रणाली बनाना है।
  • केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित, इसका उद्देश्य भूमि विवादों को कम करना, धोखाधड़ी को रोकना और भूमि उपयोग को अनुकूलित करना है।
  • नक्शा कार्यक्रम: इसकी लागत ₹194 करोड़ होने की संभावना है, जो पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित है।
    • यह कार्यक्रम 26 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 152 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) को कवर करता है।
    • सर्वे ऑफ इंडिया तकनीकी भागीदार है, जो वायुई सर्वेक्षण और ऑर्थोरेक्टीफाइड इमेजरी के लिए जिम्मेदार है।
    • मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम (MPSEDC) एंड-टू-एंड वेब-GIS  प्लेटफ़ॉर्म विकसित करता है।
    • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र सेवा इंक. (NICSI) भंडारण सुविधाएँ प्रदान करता है।
    • उद्देश्य: भूमि स्वामित्व के सटीक और विश्वसनीय दस्तावेज़ीकरण के लिए शहरी भूमि अभिलेखों को बनाना और अद्यतन करना।
  • स्वामित्व योजना: पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) केंद्रीय क्षेत्र योजना स्वामित्व को लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य गाँवों में बसे हुए क्षेत्रों में घर रखने वाले ग्रामीण परिवार के मालिकों को ‘अधिकारों का रिकॉर्ड’ प्रदान करना है।

निष्कर्ष और आगे की राह

  • सरकार की यह पहल पारदर्शिता और पहुँच को बढ़ाकर भूमि प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है, विशेष तौर पर हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए। 
  • संगठित, कुशल भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन की ओर यह बदलाव एक अधिक समावेशी और न्यायसंगत समाज में योगदान देता है, जिससे आर्थिक विकास एवं स्थिरता को बढ़ावा मिलता है।

Source :TH