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CSE 2027 के लिए वार्षिक प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज़

चरण-1: PTS-GRIT (सितंबर 2026 - जनवरी 2027)

GRIT एक 4-5 महीने का आधार-निर्माण कार्यक्रम (Base-Building Programme) है। इसमें Prelims के पूरे पाठ्यक्रम को विषयवार व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाता है, ताकि बाद में आपकी तैयारी तेज गति से आगे बढ़ सके। प्रत्येक सप्ताह एक निश्चित लय (One Rhythm) के साथ आप पढ़ेंगे और फिर यह जाँचा जाएगा किः आपने कितना याद रखा है; और UPSC ने उस विषय से किस प्रकार प्रश्न पूछे हैं। अधिकांश अभ्यर्थी किसी विषय को एक बार पढ़ते हैं, एक बार टेस्ट देते हैं और फिर आगे बढ़ जाते हैं। परिणामस्वरूप, फरवरी तक भी वे बुनियादी विषयों में ही उलझे रहते हैं, जबकि उस समय उन्हें अपनी तैयारी की गति बढ़ानी चाहिए |

GRIT का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आप उन अभ्यर्थियों में शामिल न हों।


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G

समझना

सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को हमारे द्वारा दी गई Reading List के अनुसार पढ़ें। इसमें निर्धारित अध्याय और निर्धारित स्रोत दिए जाएँगे, ताकि आपको यह तय करने में समय न लगे कि क्या पढ़ना है।

R

पुनर्स्मरण

बुधवार, हाल ही में पढ़ी गई सामग्री पर 25 प्रश्न। प्रश्न NCERT स्तर के होंगे और इनमें अनावश्यक भ्रम या ट्रिक नहीं होगी। इसका उद्देश्य यह जाँचना है कि आपने जो पढ़ा, वह वास्तव में याद रहा या नहीं।

I

समेकित करना

बुधवार, उसी पाठ्यक्रम पर आधारित UPSC के गत वर्षों के 25 प्रश्न, जिसे आपने पढ़ा है।

T

परीक्षण

वास्तविक परीक्षा के प्रारूप में 100 प्रश्नों का टेस्ट। इसमें शामिल होंगे: सप्ताह का विषय, Current Affairs, पहले पढ़े गए विषयों के आगे बढ़ाए गए प्रश्न।

मूल सिद्धांत - किसी विषय को दुबारा पढ़ने की तुलना में उसे याद करके प्रस्तुत करना (Retrieval) आपकी स्मृति को अधिक मजबूत बनाता है। 18 सप्ताह तक, प्रत्येक सप्ताह दो बार पुनस्मरण।

The GRIT Plan

यह क्या है?

छह विषय-खंड (Six Subject Blocks) और अंत में दो सप्ताह का समेकन चरण (Consolidation Fortnight)। 14 सितंबर से 24 जनवरी तक प्रत्येक विषय का पाठ्यक्रम एक-एक करके पढ़ा, याद किया, समेकित किया और परखा जाएगा। इस दौरान 9–15 नवंबर के बीच एक निर्धारित अवकाश रहेगा, ताकि अब तक की तैयारी को व्यवस्थित किया जा सके और अगली विषय-वस्तु शुरू करने से पहले आवश्यक सुधार किए जा सकें।

यह क्या नहीं है?

यह Revision Course नहीं है। यह कोई Crash Course नहीं है। यह ऐसी Test Series भी नहीं है जिसमें आपको केवल खुद प्रीलिम्स सिलेबस पढ़कर टेस्ट देने के लिए छोड़ दिया जाता है।

GRIT के एक सप्ताह का अध्ययन क्रम

PTS-GRIT में साप्ताहिक प्रयास

पढ़ें → दोहराएँ → समेकित करें → अभ्यास करें → परीक्षण दें

अवधारणा + PYQ हाफ टेस्ट (HLT)

50 प्रश्न | 60 मिनट | समय निश्चित (Non-Flexible)

25 अवधारणात्मक प्रश्न – सप्ताह के पाठ्यक्रम पर आधारित, NCERT एवं मूलभूत स्रोतों से। 25 प्रश्न – उसी पाठ्यक्रम से संबंधित UPSC के गत वर्षों के प्रश्न (PYQs)। प्रत्येक बुधवार।

साप्ताहिक पूर्ण टेस्ट (FLT)

100 प्रश्न | 2 घंटे | समय में लचीलापन (Flexible)

यह एक पूर्ण प्रारूप वाला टेस्ट होगा, जिसमें: 70 प्रश्न – सप्ताह के विषय से; 25 प्रश्न – समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) से; 5 प्रश्न – शासन एवं सार्वजनिक नीति (Governance & Public Policy) से। सभी नए प्रश्न। प्रत्येक रविवार।

फुल लेंथ टेस्ट (FLT)

100 प्रश्न | 2 घंटे | समय में लचीलापन (Flexible)

कार्यक्रम के अंतिम दो सप्ताह (Last Fortnight) में 4 संपूर्ण पाठ्यक्रम टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। इनमें पिछले 18 सप्ताह में तैयार की गई पूरी तैयारी को एक साथ शामिल किया जाएगा।

CSAT पूर्ण टेस्ट (FLT)

80 प्रश्न | 2 घंटे | समय में लचीलापन (Flexible)

कुल 6 पूर्ण CSAT पेपर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक टेस्ट उस रविवार को होगा, जिस दिन किसी विषय-खंड की पढ़ाई पूरी होगी। सुबह – GS टेस्ट, दोपहर – CSAT टेस्ट। समय-सारणी UPSC के वास्तविक परीक्षा-दिवस के अनुरूप रखी जाएगी। प्रत्येक रविवार।

PTS-GRIT कार्यक्रम में क्या-क्या शामिल है?

व्यवस्थित पठन सूची

अवधारणा-प्रथम क्रम

PYQ-समेकित ढाँचा

संपूर्ण पाठ्यक्रम का कवरेज

विस्तृत एवं स्पष्ट समाधान

ऑनलाइन एवं ऑफ़लाइन दोनों विकल्प

PTS-GRIT विश्लेषण और कार्यशाला

सटीकता-संभाव्यता विश्लेषण

उपचारात्मक परीक्षण

साप्ताहिक रैंक सूची

PTS Portal एवं उन्नत विश्लेषण

विषयवार विश्लेषण रिपोर्ट

प्रारंभिक परीक्षा रणनीति कार्यशाला (ऑनलाइन)

PTS-GRIT in Numbers

BOOSTER चार महीने का परीक्षा-अनुकूलन कार्यक्रम (Exam-Conditioning Programme) है। इस चरण में कुछ भी नया नहीं पढ़ाया जाएगा। फरवरी तक आपका आधार तैयार हो चुका होगा-या यदि तैयार नहीं है, तो उसे तैयार करने का समय निकल चुका होगा। अब आपका प्रदर्शन इस बात से तय होगा कि आप घड़ी के दबाव में कितनी तेजी और कितनी सटीकता से अपने ज्ञान को प्रश्नों के सही उत्तर में बदल सकते हैं। यहाँ परीक्षा आपकी दिनचर्या बनेगी, केवल तैयारी की जाँच का माध्यम नहीं। अधिकांश अभ्यर्थी फरवरी से मई तक मुख्य रूप से दोहराव (Revision) करते रहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि दोहराव करना ही सबसे अधिक उत्पादक कार्य है। जबकि वास्तविक सुधार बार-बार टेस्ट देने से आता है।

BOOSTER का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो आप जानते हैं, वही आपके स्कोर में दिखाई दे।

20

सेक्शनल टेस्ट

50 प्रश्नों वाले हाफ लेंथ GS पेपर 1 फरवरी से एक दिन छोड़कर आयोजित किए जाएँगे। शुरुआत में टेस्ट की संख्या अधिक रखी जाएगी, ताकि धीरे-धीरे बढ़ती परीक्षा की मात्रा आपको चुनौतीपूर्ण न लगे।

10

GS FLTs

100 प्रश्न, 2 घंटे – वास्तविक UPSC परीक्षा के अनुरूप पूर्ण लंबाई के GS टेस्ट। इनका उद्देश्य यह जाँचना है कि लंबे प्रश्न-पत्र में आप कितनी सटीकता बनाए रख सकते हैं।

10

CSAT FLTs

80 प्रश्न, 2 घंटे – कुल 10 पूर्ण CSAT टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य CSAT को लेकर आपकी वास्तविक तैयारी को परखना है, क्योंकि यह वही पेपर है जिसे कई अभ्यर्थी यह मानकर टाल देते हैं कि वे इसे आसानी से सँभाल लेंगे।

06

सिमुलेटर्स

3 GS + 3 CSAT – वास्तविक UPSC परीक्षा के प्रारूप के अनुरूप। GS – सुबह, CSAT – दोपहर। दोनों टेस्ट एक ही दिन और निर्धारित समय पर। इसका उद्देश्य आपको वास्तविक परीक्षा-दिवस जैसा अनुभव देना है।

BOOSTER की योजना

यह क्या है?

1 फरवरी से CSE 2027 Prelims तक, परीक्षा-स्तर की कठिनाई के साथ एक दिन छोड़कर टेस्ट आयोजित किए जाएँगे। टेस्ट का क्रम धीरे-धीरे इस प्रकार आगे बढ़ेगा: Sectional Tests → Full-Length Tests → CSAT Tests → Exam Simulators अर्थात्, शुरुआत विषयवार परीक्षण से होगी और धीरे-धीरे तैयारी को पूर्ण परीक्षा-स्तर और वास्तविक परीक्षा जैसी परिस्थितियों तक ले जाया जाएगा।

यह क्या नहीं है?

नया पाठ्यक्रम नहीं, नई Reading Lists नहीं, नए स्रोत नहीं। Booster यह मानकर चलता है कि आपका आधार (Base) पहले से तैयार है। यदि ऐसा नहीं है, तो GRIT से शुरू करें।

A Week in PTS-BOOSTER

PTS-BOOSTER के टेस्ट को समझें

विषय-विशिष्ट सेक्शनल टेस्ट

50 Questions | 1 Hour | Non-Flexible*

ये 50 प्रश्नों वाले विषय-केंद्रित टेस्ट हैं, जो किसी एक विषय में गहराई और सटीकता विकसित करने में मदद करते हैं। अध्ययन और Revision के तुरंत बाद टेस्ट देने से आपकी अवधारणात्मक अंतराल (Conceptual Gaps) जल्दी सामने आती हैं। इससे गलत विकल्पों को हटाने (Option Elimination) की क्षमता बेहतर होती है और यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक विषय आपकी ताकत बने, कमजोरी नहीं।

विषय-विशिष्ट पूर्ण टेस्ट

100 Questions | 2 Hours | Non-Flexible*

ये टेस्ट किसी एक पूरे विषय को एक ही बार में समेकित करने में मदद करते हैं। इनके माध्यम से आप सीखते हैं कि: विभिन्न Topics को आपस में कैसे जोड़ना है, परीक्षा के दौरान थकान को कैसे नियंत्रित करना है, लंबे प्रश्न-पत्र में सटीकता कैसे बनाए रखनी है। विशेष रूप से तब, जब एक ही विषय के कई उप-विषयों (Multiple Sub-Topics) से प्रश्न पूछे गए हों, यह अभ्यास UPSC की वास्तविक अपेक्षाओं के अनुरूप आपकी तैयारी को मजबूत करता है।

GS एवं CSAT फुल लेंथ टेस्ट (FLT)

100 Questions | 2 Hours | Non-Flexible*

FLTs का उद्देश्य Prelims Mindset विकसित करना है। इन टेस्टों के माध्यम से आपको वास्तविक परीक्षा जैसी परिस्थितियों में निर्णय लेने का अभ्यास कराया जाता है – कौन-सा प्रश्न हल करना है, किसे छोड़ना है और समय के दबाव में जोखिम को कैसे नियंत्रित करना है। ये टेस्ट विशेष रूप से इन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

ANUBHAV PRELIMS (All India Open Test)

100 Questions | 2 Hours | Non-Flexible*

Anubhav आपको वास्तविक UPSC परीक्षा जैसा वातावरण प्रदान करता है। हर महीने आयोजित होने वाले ये टेस्ट परीक्षा-दिवस के दबाव, प्रतिस्पर्धा और अनिश्चितता का अनुभव कराते हैं। इससे आप: राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारी का आकलन कर सकते हैं, अपनी स्थिति की अन्य अभ्यर्थियों के प्रदर्शन से तुलना कर सकते हैं, और वास्तविक परीक्षा से पहले परीक्षा-दिवस जैसी परिस्थितियों का अभ्यास कर सकते हैं।

PTS-BOOSTER चुने जाने के 12 कारण

1

गहन एवं चरणबद्ध परीक्षण

एक दिन छोड़कर, व्यवस्थित टेस्ट आयोजित किए जाते हैं, जो परीक्षा के करीब आते ही आपकी निरंतरता, फोकस और प्रदर्शन को बनाए रखते हैं।

2

संपूर्ण पाठ्यक्रम कवरेज

पूरे पाठ्यक्रम की End-to-End Mapping की जाती है, ताकि कोई महत्वपूर्ण विषय या क्षेत्र न छूट जाए और परीक्षा के दिन अनपेक्षित आश्चर्य कम-से-कम हों।

3

PYQ-समेकित ढाँचा

UPSC के पिछले वर्षों के प्रश्नों को लगातार तैयारी में शामिल किया जाता है। इससे आपको UPSC की प्रश्न-शैली समझने, बार-बार पूछे जाने वाले विषयों की पहचान करने और कम महत्व वाले क्षेत्रों पर अनावश्यक समय खर्च करने से बचने में मदद मिलती है।

4

UPSC-स्तरीय प्रश्न बैंक

CSE, CAPF, Geo-Scientist तथा UPSC की अन्य परीक्षाओं के प्रश्नों से विकसित प्रश्न-बैंक, जो आपको नए और अपरिचित प्रश्नों से निपटने की क्षमता विकसित करने में मदद करता है।

5

विस्तृत एवं स्पष्ट समाधान

स्पष्ट और व्यवस्थित व्याख्याएँ मूल अवधारणाओं को मजबूत करती हैं और Option Analysis में सुधार करती हैं, जिससे गलतियों एवं लापरवाही से होने वाली त्रुटियों में कमी आती है।

6

सटीकता-संभाव्यता विश्लेषण

आपके प्रयासों को निश्चित उत्तर, तार्किक निष्कर्ष और अनुमान के आधार पर दर्ज किया जाता है। इससे जोखिम प्रबंधन और बेहतर Attempt Strategy विकसित करने में मदद मिलती है।

7

हाइब्रिड कोर्स की सुविधा

Prelims Booster Test Series में नामांकित अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार Online या Offline, किसी भी माध्यम से टेस्ट दे सकते हैं। इससे सभी अभ्यर्थियों को समान रूप से टेस्ट देने की सुविधा मिलती है।

8

दैनिक रैंक सूची

दैनिक प्रदर्शन की तुलना (Daily Benchmarking) आपकी तैयारी को निरंतर अनुशासित, प्रतिस्पर्धी और जवाबदेह बनाए रखती है तथा समय के साथ आपकी प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

9

PTS Portal एवं उन्नत विश्लेषण

टेस्ट देने, अपने प्रदर्शन का गहन विश्लेषण करने और विषयवार प्रगति को ट्रैक करने के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म। यह प्रत्येक टेस्ट को व्यक्तिगत फीडबैक और सुधार के अवसर में बदलता है।

10

विषयवार प्रदर्शन रिपोर्ट

प्रत्येक विषय के टेस्ट के बाद तैयार की गई रिपोर्ट आपकी: स्ट्रेंथ एंड वीक एरिया, बार-बार होने वाली गलतियाँ, अन्य अभ्यर्थियों की तुलना में प्रदर्शन को स्पष्ट रूप से सामने लाती है, ताकि अगले विषय पर जाने से पहले आवश्यक सुधार किया जा सके।

11

व्यक्तिगत उपचारात्मक टेस्ट

आपके गलत और अनुत्तरित प्रश्नों के आधार पर लक्षित फॉलो-अप टेस्ट तैयार किए जाते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपकी गलतियाँ समय रहते सुधरें और बार-बार न दोहराई जाएँ।

12

प्रारंभिक परीक्षा रणनीति कार्यशाला (ऑनलाइन)

विशेषज्ञों द्वारा आयोजित ऑनलाइन सत्रों में प्रयास करने की रणनीति, समय प्रबंधन और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

PTS-BOOSTER in Numbers

बैच विवरण

PTS-GRIT (Prelims Test Series)

मोड तिथिफ़ीसशेड्यूल Admission Status
ऑफलाइन/ऑनलाइन 14 सितंबर, 2026Rs. 6,000 (Incl. GST)शेड्यूल देखेंEnroll Now

PTS-BOOSTER (Prelims Test Series)

मोड तिथिफ़ीसशेड्यूल Admission Status
ऑफलाइन/ऑनलाइन फरवरी 2027 सेRs. 6,000 (Incl. GST)शेड्यूल देखेंEnroll Now

PTS-GRIT + PTS-BOOSTER (Prelims Test Series)

मोड तिथिफ़ीसशेड्यूल Admission Status
ऑफलाइन/ऑनलाइन 14 सितंबर, 2026 Rs. 11,000 (Incl. GST)शेड्यूल देखेंEnroll Now

PTS-GRIT + PTS-BOOSTER + CAMP

मोड तिथिफ़ीसशेड्यूल Admission Status
ऑफलाइन/ऑनलाइन 14 सितंबर, 2026 Rs. 21,000 (Incl. GST)शेड्यूल देखेंEnroll Now